आज, 17 जुलाई को पूरी दुनिया विश्व इमोजी दिवस (World Emoji Day) मना रही है। यह दिन डिजिटल कम्युनिकेशन में इमोजी के बढ़ते महत्व और उनके सांस्कृतिक प्रभाव को रेखांकित करता है। इमोजी अब केवल मज़ाक या मनोरंजन का साधन नहीं रहे, बल्कि यह एक यूनिवर्सल लैंग्वेज बन चुके हैं, जो लोगों को अपनी भावनाएं और विचार अभिव्यक्त करने का सरल माध्यम देते हैं।
इमोजी क्यों हैं इतने लोकप्रिय?
इमोजी का इस्तेमाल आज डिजिटल बातचीत का अभिन्न हिस्सा बन गया है। चाहे सोशल मीडिया हो, मैसेजिंग ऐप्स हों या ईमेल – लोग अक्सर शब्दों के बजाय इमोजी के जरिए अपनी भावनाएं साझा करना पसंद करते हैं।
😊 खुशी जताने के लिए
😂 हंसी के लिए
❤️ प्यार या स्नेह जताने के लिए
इमोजी ने भाषा की सीमाओं को तोड़ते हुए संवाद को आसान और प्रभावशाली बनाया है।
विश्व इमोजी दिवस की शुरुआत कैसे हुई?
विश्व इमोजी दिवस की शुरुआत 2014 में जेरेमी बर्ज (Jeremy Burge) ने की थी, जो Emojipedia के संस्थापक हैं। 17 जुलाई को यह दिन इसलिए चुना गया क्योंकि कैलेंडर इमोजी में यह तारीख दिखती है।
नए इमोजी का विकास भी है खास
यह दिन केवल इमोजी के उपयोग का जश्न मनाने के लिए नहीं है, बल्कि नए इमोजी के विकास पर भी प्रकाश डालता है। हर साल यूनिकोड कंसोर्टियम नए इमोजी को मंजूरी देता है, ताकि लोगों के पास और विकल्प हों।
भारत में इमोजी का प्रभाव
भारत जैसे विविध भाषाओं वाले देश में इमोजी एक बड़ा रोल निभा रहे हैं। कई बार लोग शब्दों के बजाय इमोजी का इस्तेमाल कर अपनी बात सरलता से समझा देते हैं। खासकर युवाओं में यह ट्रेंड तेजी से बढ़ा है।
क्या आप जानते हैं?
पहला इमोजी 1999 में जापान में बनाया गया था।
आज लगभग 3,600 से अधिक इमोजी उपलब्ध हैं।
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