नोवाक जोकोविच का रिकॉर्ड 25वां ग्रैंड स्लैम जीतने का सपना US Open के पहले दौर में ही टूट गया। मारियानो नावोन ने पांच सेट में हराकर उन्हें बाहर किया। यह 2006 के बाद ग्रैंड स्लैम में उनकी पहली शुरुआती हार है।
न्यूयॉर्क: टेनिस की दुनिया के सबसे बड़े सितारों में शामिल नोवाक जोकोविच के लिए 2026 यूएस ओपन का आगाज बेहद निराशाजनक रहा। 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन को अर्जेंटीना के मारियानो नावोन ने पहले दौर में पांच सेट तक चले मुकाबले में 7-6(5), 5-7, 4-6, 6-2, 6-1 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। करीब चार घंटे 36 मिनट चले मुकाबले में जोकोविच ने शुरुआती बढ़त हासिल की, लेकिन शारीरिक परेशानियों के कारण वह मैच पर पकड़ बनाकर नहीं रख सके।
39 वर्षीय जोकोविच के लिए यह हार इसलिए भी असाधारण है क्योंकि वह 2006 ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के पहले दौर में हारे हैं। ग्रैंड स्लैम में उनके करियर की यह सिर्फ दूसरी शुरुआती दौर की हार है। इससे पहले 2005 ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी उन्हें पहले दौर में शिकस्त मिली थी।
इस हार के साथ जोकोविच का 25वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का सपना भी फिलहाल टूट गया। मैच के बाद वह बेहद भावुक नजर आए और न्यूयॉर्क की भीड़ के समर्थन को याद करते हुए उनकी आंखों में आंसू आ गए। साथ ही उनके बयानों ने उनके भविष्य को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
नावोन ने किया करियर का सबसे बड़ा उलटफेर
मारियानो नावोन के लिए यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। अर्जेंटीना के इस खिलाड़ी ने अपने आदर्श और 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन के खिलाफ पहली भिड़ंत में ही इतिहास रच दिया।
नावोन की चुनौती इसलिए भी मुश्किल थी क्योंकि मुकाबले से पहले उनका पांच सेट के मैचों में रिकॉर्ड 0-4 था। इसके उलट जोकोविच 42-12 के रिकॉर्ड के साथ पांच सेट वाले मुकाबलों के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में हैं। इसके बावजूद नावेाने ने निर्णायक सेट में दबाव नहीं आने दिया और लगातार आक्रामक टेनिस खेलते हुए मुकाबला अपने नाम किया।
नावोन ने निर्णायक सेट में 3-0 की बढ़त बना ली। जोकोविच ने वापसी की कोशिश की, लेकिन उनका शरीर साथ नहीं दे रहा था। अर्जेंटीनी खिलाड़ी ने इसके बाद मैच को हाथ से निकलने नहीं दिया और 6-1 से पांचवां सेट जीतकर अपने करियर की सबसे यादगार जीत दर्ज की।
जीत के बाद नावोन ने इसे अपने लिए सपने के सच होने जैसा बताया। वह जोकोविच को लंबे समय से अपना आदर्श मानते रहे हैं और जिस कोर्ट पर उन्होंने अपने आदर्श को हराया, वही आर्थर ऐश स्टेडियम उनके करियर की सबसे बड़ी जीत का गवाह बना।
पहले दो सेट में बराबरी, फिर जोकोविच ने बनाई बढ़त
मुकाबले की शुरुआत से ही साफ था कि यह सामान्य पहला दौर नहीं होने वाला। नावोन ने पहले सेट में जोकोविच को कड़ी टक्कर दी और टाईब्रेक में 7-5 से सेट अपने नाम कर लिया।
जोकोविच ने दूसरे सेट में अपने अनुभव का इस्तेमाल किया। उन्होंने महत्वपूर्ण मौकों पर दबाव संभाला और 7-5 से सेट जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया।
तीसरे सेट में भी जोकोविच ने अपना स्तर बढ़ाया। उन्होंने 6-4 से सेट जीतकर 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद एक समय ऐसा भी आया जब जोकोविच चौथे सेट में 2-1 से आगे थे और उनके पास मैच खत्म करने की स्थिति बनाने का मौका था। लेकिन यहीं से मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल गया।
चौथे सेट में शारीरिक परेशानी ने बदला खेल
जोकोविच पूरे मुकाबले के दौरान अपनी सर्वश्रेष्ठ शारीरिक स्थिति में नजर नहीं आए। शुरुआती सेट से ही उनकी मूवमेंट सामान्य से कमजोर दिखाई दे रही थी। मैच आगे बढ़ने के साथ उनकी परेशानी बढ़ती गई और उन्होंने कई बार उल्टी की।
चौथे सेट में 2-1 की बढ़त के बाद ऐसा लग रहा था कि जोकोविच मैच को अपने अनुभव के दम पर खत्म कर देंगे। लेकिन नावोन ने लगातार पांच गेम जीतकर सेट 6-2 से अपने नाम कर लिया।
इस दौरान जोकोविच को ऐंठन और शरीर में दर्द की शिकायत हुई। बाद में उन्होंने बताया कि उनकी पीठ और कंधे ने भी जवाब देना शुरू कर दिया था। चौथे सेट के बाद मेडिकल टाइमआउट के दौरान उन्हें उपचार दिया गया।
पांचवें सेट में पूरी तरह बदली तस्वीर
निर्णायक सेट तक पहुंचते-पहुंचते जोकोविच की शारीरिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी थी। नावोन ने शुरुआत में ही 3-0 की बढ़त बना ली।
जोकोविच ने दर्शकों की मदद से वापसी की कोशिश की। आर्थर ऐश स्टेडियम में मौजूद दर्शक लगातार उनका हौसला बढ़ा रहे थे। लेकिन इस बार 24 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता के लिए अनुभव भी पर्याप्त नहीं था।
नावोन ने अपनी सर्विस को संभाला, जोकोविच की कमजोर मूवमेंट का फायदा उठाया और निर्णायक सेट 6-1 से जीत लिया। इस तरह चार घंटे 36 मिनट के संघर्ष के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ी ने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की।
मैच के दौरान कई बार उल्टी, दर्द और ऐंठन
मैच के बाद जोकोविच ने अपनी शारीरिक स्थिति को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कोर्ट पर उन्हें बेहद खराब महसूस हो रहा था। उनके मुताबिक, उल्टी के बाद शरीर में ऐंठन और दर्द शुरू हुआ और बाद में पीठ तथा कंधे की समस्या भी सामने आई।
जोकोविच ने यह भी स्वीकार किया कि एक समय उन्होंने मैच से हटने के बारे में सोचा था। लेकिन तीसरा सेट जीतने के बाद उन्हें लगा कि शायद मैच बचाया जा सकता है। इसलिए उन्होंने मुकाबला पूरा करने का फैसला किया।

यह बयान इस हार को सिर्फ एक टेनिस उलटफेर से कहीं बड़ा बना देता है। मैच में जोकोविच की तकनीकी क्षमता पर सवाल कम और उनकी शारीरिक स्थिति पर सवाल ज्यादा उठे।
‘यह मेरे लिए बहुत खराब अनुभव था’
मैच के बाद जोकोविच ने अपनी स्थिति को बेहद कठिन बताया। उन्होंने कहा कि कोर्ट पर उन्हें अच्छा महसूस नहीं हो रहा था और शरीर के साथ यह समस्या इस साल उनके कई मुकाबलों में सामने आ चुकी है।
उन्होंने नावोन की जीत को कमतर नहीं आंका और अर्जेंटीनी खिलाड़ी की तारीफ की। जोकोविच ने उसे लड़ाकू खिलाड़ी बताते हुए जीत की बधाई दी।
हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि मैच के दौरान वह अपने शरीर को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे थे। यही कारण रहा कि तीसरे सेट में बढ़त हासिल करने के बावजूद वह मैच को अपने पक्ष में खत्म नहीं कर पाए।
दर्शकों के सामने भावुक हुए जोकोविच
मैच खत्म होने के बाद आर्थर ऐश स्टेडियम में एक बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला। निर्णायक सेट में जब जोकोविच 1-3 से पीछे थे, तब दर्शकों ने उनका समर्थन करना शुरू किया। मुकाबला हारने के बाद भी स्टेडियम में उनके लिए जोरदार तालियां बजीं।
जोकोविच इस समर्थन से भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने बाद में कहा कि दर्शकों का प्यार उनके दिल को छू गया।
उनके लिए यह क्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि यूएस ओपन में उनका रिश्ता लंबे समय से न्यूयॉर्क की भीड़ के साथ खास रहा है। चार बार इस टूर्नामेंट का खिताब जीत चुके जोकोविच यहां कई ऐतिहासिक मुकाबले खेल चुके हैं।
20 साल में पहली बार पहले दौर में हार
जोकोविच की हार का सबसे बड़ा ऐतिहासिक पहलू उनका ग्रैंड स्लैम रिकॉर्ड है।
2006 ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद से उन्होंने किसी भी मेजर टूर्नामेंट में पहले दौर का मुकाबला नहीं गंवाया था। यानी दो दशक से अधिक समय तक वह हर ग्रैंड स्लैम में कम से कम दूसरे दौर तक पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने 24 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते और पुरुषों के टेनिस में सबसे ज्यादा मेजर खिताब जीतने का रिकॉर्ड बनाया। 2023 यूएस ओपन में डेनियल मेदवेदेव को हराकर उन्होंने अपना 24वां मेजर जीता था। यह उनका न्यूयॉर्क में चौथा खिताब था।
इसलिए नावेाने के खिलाफ पहले दौर की हार उनके करियर के संदर्भ में सामान्य शुरुआती उलटफेर नहीं है। यह उनके लंबे ग्रैंड स्लैम प्रभुत्व में एक असाधारण घटना है।
पहले भी दिखी थी शारीरिक परेशानी
यूएस ओपन से पहले भी जोकोविच की फिटनेस को लेकर सवाल उठे थे। अगस्त में सिनसिनाटी ओपन में उन्हें थियागो अगस्टिन तिरांते के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। उस मुकाबले के दौरान भी उन्हें कोर्ट पर मेडिकल मदद की जरूरत पड़ी थी।
यूएस ओपन से पहले जोकोविच के लिए 2026 का सीजन पूरी तरह निराशाजनक नहीं था। उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन में फाइनल तक का सफर तय किया और विंबलडन में सेमीफाइनल तक पहुंचे। हालांकि, रोलां गैरोस में उन्हें जोआओ फोंसेका के खिलाफ पांच सेट में हार मिली थी।
25वां ग्रैंड स्लैम जीतने का सपना फिर टूटा
जोकोविच इस यूएस ओपन में रिकॉर्ड 25वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ उतरे थे। अगर वह न्यूयॉर्क में खिताब जीतते तो पुरुष और महिला दोनों वर्गों को मिलाकर सबसे ज्यादा एकल मेजर खिताब जीतने के मामले में अकेले शीर्ष पर पहुंच जाते।
फिलहाल वह 24 ग्रैंड स्लैम खिताब के साथ मार्गरेट कोर्ट के बराबर हैं। पुरुष खिलाड़ियों में वह पहले ही सबसे ज्यादा मेजर जीतने वाले खिलाड़ी हैं।
यूएस ओपन में उनका रिकॉर्ड भी शानदार रहा है। टूर्नामेंट में उतरने से पहले वह 95-15 के रिकॉर्ड के साथ चार बार (2011, 2015, 2018 और 2023) चैंपियन रह चुके थे।
जोकोविच के करियर पर इस हार का असर
इस हार के बाद सबसे बड़ा सवाल अब उनके अगले कदम को लेकर है। जोकोविच 39 वर्ष के हो चुके हैं और इस साल कई मुकाबलों में शारीरिक परेशानियों से जूझते दिखाई दिए हैं।
हालांकि, केवल एक हार के आधार पर उनके संन्यास का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। जोकोविच ने खुद भी तत्काल संन्यास की घोषणा नहीं की। लेकिन उन्होंने अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता जरूर जताई है और कहा कि वह यह नहीं जानते कि वह कितने समय तक इसी स्तर पर खेलना जारी रख पाएंगे।
इससे संकेत मिलता है कि आने वाले महीनों में उनका फिटनेस स्तर, रिकवरी और शरीर की प्रतिक्रिया उनके करियर के अगले चरण को तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
नावोन के लिए खुला नया अध्याय
जहां जोकोविच के लिए यह रात निराशा लेकर आई, वहीं नावोन के लिए यह उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट बन सकती है।
अर्जेंटीनी खिलाड़ी यूएस ओपन से पहले हार्ड कोर्ट पर बहुत प्रभावशाली रिकॉर्ड नहीं रखते थे। एटीपी के मुताबिक, उनके पास टूर-लेवल हार्ड कोर्ट मैचों में 12-29 का रिकॉर्ड था और 2026 में इस सतह पर उनका रिकॉर्ड 4-8 था। दूसरी तरफ जोकोविच का हार्ड कोर्ट रिकॉर्ड 741-139 था।
इन आंकड़ों को देखते हुए नावोन की जीत का महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने सिर्फ एक बड़े नाम को नहीं हराया, बल्कि उस सतह पर एक ऐसे खिलाड़ी को मात दी जहां जोकोविच का रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है।
ये भी पढ़ें :- नीरज चोपड़ा का 2026 सीजन खत्म, चोट के कारण एशियन गेम्स और डायमंड लीग फाइनल से हुए बाहर

