यूएस ओपन चैंपियन एलेना रिबाकिना अब दुनिया की नई नंबर-1 महिला टेनिस खिलाड़ी हैं। उन्होंने आर्यना सबालेंका का 99 सप्ताह लंबा शासन खत्म किया और डब्ल्यूटीए रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया।
न्यूयॉर्क: टेनिस की दुनिया में कुछ मुकाबले सिर्फ एक ट्रॉफी के लिए नहीं होते, बल्कि वे किसी खिलाड़ी के करियर की दिशा बदल देते हैं। एलेना रिबाकिना और आर्यना सबालेंका के बीच 2026 यूएस ओपन महिला एकल का फाइनल भी ऐसा ही मुकाबला रहा।
न्यूयॉर्क के आर्थर ऐश स्टेडियम में रिबाकिना ने दमदार और संयमित खेल दिखाते हुए दो बार की मौजूदा चैंपियन सबालेंका को 6-4, 5-7, 6-2 से हराया और पहली बार यूएस ओपन का खिताब अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ कजाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने वाली रिबाकिना ने सिर्फ अपने करियर का तीसरा ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं जीता, बल्कि महिला टेनिस की नई विश्व नंबर-1 खिलाड़ी भी बन गईं। वह डब्ल्यूटीए रैंकिंग के इतिहास में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली कजाकिस्तान की पहली महिला खिलाड़ी हैं। उनकी जीत ने सबालेंका के यूएस ओपन में लगातार तीसरे खिताब की कोशिश भी खत्म कर दी।
रोमांचक रहा मुकाबला
फाइनल की शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त बेसलाइन रैलियां देखने को मिलीं। रिबाकिना ने अपनी लंबी कद-काठी, शक्तिशाली सर्व और सटीक ग्राउंडस्ट्रोक का इस्तेमाल करते हुए पहले सेट में सबालेंका पर दबाव बनाए रखा।
रिबाकिना ने पहला सेट 6-4 से अपने नाम किया। हालांकि सबालेंका ने दूसरे सेट में वापसी की और मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। दूसरे सेट में उन्होंने रिबाकिना की लय तोड़ते हुए 7-5 से जीत हासिल की और मैच को निर्णायक तीसरे सेट तक पहुंचा दिया।
लेकिन तीसरे सेट में रिबाकिना ने फिर से अपना सर्वश्रेष्ठ टेनिस खेला। उन्होंने महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल किए और सबालेंका को लगातार दबाव में रखा। निर्णायक सेट में रिबाकिना ने 6-2 से जीत दर्ज की और इसके साथ ही आर्थर ऐश स्टेडियम में खिताब अपने नाम कर लिया।
रिबाकिना तीसरा ग्रैंड स्लैम खिताब
2026 यूएस ओपन की ट्रॉफी रिबाकिना के करियर का तीसरा ग्रैंड स्लैम खिताब है। इससे पहले उन्होंने 2022 विंबलडन और 2026 ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीता था।
खास बात यह है कि 2026 में उन्होंने दो ग्रैंड स्लैम खिताब जीते और दोनों बार फाइनल में उनकी प्रतिद्वंद्वी आर्यना सबालेंका थीं। ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में भी रिबाकिना ने सबालेंका को हराया था।
अब उनके पास करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने का भी मौका है। चारों प्रमुख ग्रैंड स्लैम—ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन, विंबलडन और यूएस ओपन जीतने के लिए उन्हें अब सिर्फ फ्रेंच ओपन का खिताब हासिल करना बाकी है।
दुनिया की नई नंबर-1 खिलाड़ी बनीं रिबाकिना
यूएस ओपन फाइनल से पहले ही रिबाकिना ने विश्व नंबर-1 रैंकिंग पक्की कर ली थी। यूएस ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ उन्होंने शीर्ष स्थान हासिल करना सुनिश्चित कर लिया था। अब खिताब जीतने के बाद उनका नंबर-1 बनने का सफर और भी शानदार हो गया है।
रिबाकिना ने आर्यना सबालेंका के 99 सप्ताह लंबे नंबर-1 शासन को समाप्त किया। सोमवार को जारी होने वाली नई रैंकिंग में रिबाकिना शीर्ष स्थान पर होंगी और सबालेंका नंबर-1 की कुर्सी से नीचे उतरेंगी। सबालेंका का 99 सप्ताह का लगातार शासन डब्ल्यूटीए इतिहास में छठा सबसे लंबा था।
सबालेंका का सपना टूटा
आर्यना सबालेंका न्यूयॉर्क में लगातार दो खिताब जीतकर इस बार इतिहास रचने के इरादे से उतरी थीं। उन्होंने 2024 और 2025 में यूएस ओपन महिला एकल का खिताब जीता था।
अगर वह रिबाकिना को हरा देतीं, तो ओपन एरा में महिला एकल में लगातार तीन यूएस ओपन खिताब जीतने वाली दूसरी खिलाड़ी बनने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल करतीं। इससे पहले यह कारनामा सेरेना विलियम्स और क्रिस एवर्ट कर चुकी हैं।
लेकिन रिबाकिना ने उनकी इस कोशिश को निर्णायक मुकाबले में रोक दिया। फाइनल में हार के साथ सबालेंका की फ्लशिंग मीडोज में लगातार जीत का सिलसिला भी समाप्त हुआ।
सबालेंका और रिबाकिना के आमने-सामने रिकार्ड
रिबाकिना और सबालेंका की प्रतिद्वंद्विता पिछले कुछ वर्षों में महिला टेनिस की सबसे दिलचस्प प्रतिद्वंद्विताओं में शामिल रही है। यूएस ओपन फाइनल से पहले दोनों खिलाड़ी 17 बार आमने-सामने आ चुकी थीं, जिसमें सबालेंका ने 10 और रिबाकिना ने सात मुकाबले जीते थे।
2026 में दोनों के बीच मुकाबला और भी महत्वपूर्ण हो गया। साल के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में रिबाकिना ने सबालेंका को हराया और अब यूएस ओपन फाइनल में भी उन्होंने यही कहानी दोहरा दी।
इस तरह रिबाकिना ने एक ही साल में दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी के खिलाफ दो बड़े ग्रैंड स्लैम फाइनल जीतकर अपनी दावेदारी को और मजबूत कर दिया।
ये भी पढ़ें :- US Open 2026: टियाफो को हराकर पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचे बेन शेल्टन, अब ज्वेरेव से होगा खिताबी मुकाबला
मॉस्को में जन्मीं, कजाकिस्तान की रिबाकिना
चैम्पियन एलेना रिबाकिना का जन्म 17 जून 1999 को मॉस्को, रूस में हुआ था। उन्होंने छह वर्ष की उम्र में टेनिस खेलना शुरू किया।
अपने शुरुआती करियर में वह रूस का प्रतिनिधित्व करती थीं, लेकिन 2018 में उन्होंने कजाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया। इसके बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर तेजी से आगे बढ़ा और उन्होंने कजाकिस्तान के टेनिस इतिहास में अपना अलग स्थान बनाया।
2014 में उन्होंने पेशेवर टेनिस करियर की शुरुआत की। इसके बाद धीरे-धीरे उन्होंने डब्ल्यूटीए टूर पर अपनी पहचान बनाई और 2019 में बुखारेस्ट ओपन जीतकर अपना पहला डब्ल्यूटीए खिताब हासिल किया।
2020 में उन्होंने पहली बार विश्व रैंकिंग में शीर्ष 20 में जगह बनाई। इसके बाद उनकी प्रगति लगातार जारी रही।
2022 विंबलडन ने बदल दी दुनिया की नजर
रिबाकिना के करियर का पहला बड़ा ग्रैंड स्लैम मोड़ 2022 विंबलडन में आया। उन्होंने उस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना पहला मेजर खिताब जीता।
विंबलडन की सफलता ने उन्हें विश्व टेनिस की शीर्ष खिलाड़ियों में स्थापित कर दिया। उनकी सर्विस, बेसलाइन से शक्तिशाली शॉट और शांत स्वभाव उनकी सबसे बड़ी पहचान बनकर सामने आए।
हालांकि न्यूयॉर्क में उन्हें लंबे समय तक वैसी सफलता नहीं मिली। 2026 से पहले यूएस ओपन में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तीसरे दौर तक पहुंचना था। इसलिए इस बार फ्लशिंग मीडोज में खिताब जीतना उनके करियर के सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक माना जा रहा है।
2026 ऑस्ट्रेलियन ओपन से शुरू हुआ सुनहरा साल
रिबाकिना के करियर में 2026 उनके लिए असाधारण वर्ष बन चुका है। साल की शुरुआत उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन में खिताबी जीत के साथ की।
मेलबर्न में उन्होंने फाइनल में आर्यना सबालेंका को ही हराया था। इसके बाद पूरे साल उनके प्रदर्शन ने उन्हें विश्व रैंकिंग में लगातार ऊपर पहुंचाया।
यूएस ओपन से पहले उनके खाते में 2025 का डब्ल्यूटीए फाइनल्स खिताब भी था। इसके अलावा लगातार अच्छे परिणामों ने उन्हें विश्व नंबर-1 की दौड़ में सबालेंका के करीब पहुंचा दिया था।
चोट की चिंता के बीच खेला यूएस ओपन
यूएस ओपन की शुरुआत से पहले रिबाकिना के लिए सबसे बड़ी चिंता उनकी फिटनेस थी। उन्हें टखने से जुड़ी चोट का सामना करना पड़ा था और इस कारण उनके टूर्नामेंट में खेलने को लेकर भी सवाल उठे थे।
लेकिन उन्होंने टूर्नामेंट में उतरने का फैसला किया और जैसे-जैसे मुकाबले आगे बढ़े, उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता गया।
सेमीफाइनल में गॉफ को हराकर तय की नंबर-1 की मंजिल
गॉफ के खिलाफ मुकाबले में रिबाकिना ने दबाव के बीच अपनी मानसिक मजबूती दिखाई। पहला सेट हारने के बाद उन्होंने लगातार दो सेट जीते और मैच अपने नाम किया।
यूएस ओपन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सेमीफाइनल में पहुंचते ही रिबाकिना ने डब्ल्यूटीए रैंकिंग में नंबर-1 स्थान सुनिश्चित कर लिया था। वह डब्ल्यूटीए इतिहास में शीर्ष स्थान पर पहुंचने वाली 30वीं महिला खिलाड़ी बनीं।
इसके बाद उनके सामने सबसे बड़ा लक्ष्य पहली बार यूएस ओपन ट्रॉफी उठाना था। उन्होंने फाइनल में सबालेंका को हराकर वह लक्ष्य भी हासिल कर लिया।
सबालेंका का शानदार यूएस ओपन रिकॉर्ड बरकरार
हार के बावजूद सबालेंका का पिछले कुछ वर्षों में यूएस ओपन प्रदर्शन असाधारण रहा है। वह लगातार आठ हार्ड-कोर्ट ग्रैंड स्लैम में कम से कम फाइनल तक पहुंचने में सफल रही थीं। 2026 यूएस ओपन से पहले फ्लशिंग मीडोज में उनका रिकॉर्ड 40-6 था।
लेकिन इस बार उन्हें फाइनल में रिबाकिना की चुनौती का सामना करना पड़ा। दूसरे सेट में मुकाबला अपने पक्ष में करने के बावजूद वह निर्णायक सेट में अपनी लय बरकरार नहीं रख सकीं।
इस हार के साथ उनकी लगातार तीसरी यूएस ओपन ट्रॉफी जीतने की उम्मीद भी खत्म हो गई और 99 सप्ताह बाद विश्व नंबर-1 की कुर्सी भी उनसे चली गई।
कजाकिस्तान के टेनिस इतिहास में नया अध्याय
रिबाकिना की उपलब्धि सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं है। यह कजाकिस्तान के टेनिस के लिए भी ऐतिहासिक क्षण है।
कजाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने वाली रिबाकिना ने पहले ही देश को ग्रैंड स्लैम स्तर पर पहचान दिलाई थी, लेकिन अब विश्व नंबर-1 बनने के साथ उन्होंने देश के टेनिस इतिहास में एक और बड़ा अध्याय जोड़ दिया है।
उनकी यात्रा यह भी दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय टेनिस में किसी खिलाड़ी की पहचान केवल उसके जन्मस्थान से नहीं, बल्कि उसके प्रतिनिधित्व और उस देश के लिए हासिल की गई उपलब्धियों से भी जुड़ती है।
करियर ग्रैंड स्लैम पर होगी नजर
रिबाकिना के खाते में अब तीन ग्रैंड स्लैम खिताब हैं – विंबलडन 2022, ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 और यूएस ओपन 2026।
अब उनके सामने सिर्फ एक बड़ी उपलब्धि फ्रेंच ओपन जीतना बाकी है। अगर वह भविष्य में पेरिस में भी खिताब जीतने में सफल रहती हैं, तो उनका नाम करियर ग्रैंड स्लैम में भी शामिल हो जाएगा।
फिलहाल उनका ध्यान विश्व नंबर-1 के रूप में अपने सफर को मजबूत करने और इस शानदार वर्ष को आगे बढ़ाने पर होगा।

