जम्मू-कश्मीर में 1,500 परिवारों को मिलेगा आवास, पर्यावरण और कचरा प्रबंधन पर भी जोर
नई दिल्ली: आदिवासी और ग्रामीण समुदायों के विकास के लिए काम कर रही एचआरडीएस इंडिया ने आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यावरण के क्षेत्र में अपनी गतिविधियों का विस्तार किया है। वर्ष 1995 में स्थापित संस्था का नेतृत्व अध्यक्ष श्रीमथ स्वामी आत्मा नम्बी और संस्थापक एवं सचिव अजी कृष्णन कर रहे हैं। संस्था का लक्ष्य जरूरतमंद और वंचित परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
करीब तीन दशकों से एचआरडीएस इंडिया देश के विभिन्न हिस्सों में सामाजिक विकास से जुड़े कार्यक्रम संचालित कर रही है। इनमें आदिवासी परिवारों के लिए ‘साधग्रह’, जैविक खेती के लिए ‘कर्षका’, महिला सशक्तिकरण के लिए ‘ज्वालामुखी’, शिक्षा और कौशल विकास के लिए ‘एकाग्रह’ तथा आयुर्वेद और योग आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ‘निरामया’ शामिल हैं।
संस्था की गतिविधियां केरल, तमिलनाडु, गुजरात, ओडिशा, राजस्थान, मणिपुर, झारखंड, असम और त्रिपुरा में जारी हैं। आदिवासी और जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संस्था पर्यावरण अनुकूल सामग्री और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर टिकाऊ घर तैयार कर रही है।
रोजगार और आजीविका के क्षेत्र में एचआरडीएस इंडिया जैविक खेती, डीडीयू-जीकेवाई आधारित कौशल प्रशिक्षण और महिलाओं के छोटे व्यवसायों को बढ़ावा दे रही है। मणिपुर में संघर्ष और विस्थापन से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए आवास और जरूरी सुविधाओं की योजनाएं भी तैयार की गई हैं।
पर्यावरण संरक्षण के तहत संस्था जापान की एसएमआई इंक. के साथ कचरा प्रबंधन, रिसाइक्लिंग और वेस्ट प्रोसेसिंग पर काम कर रही है। कैलकुलस ग्रुप के साथ हुए समझौते के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में एआई आधारित स्वच्छता प्रणाली, आईओटी तकनीक और डिजिटल सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
इसी क्रम में जम्मू-कश्मीर में 1,500 प्रभावित परिवारों के लिए आवास परियोजना शुरू की गई है। एचआरडीएस इंडिया बाढ़, भूस्खलन, ऑपरेशन सिंदूर से हुई क्षति और आतंकवाद से प्रभावित परिवारों के लिए तीन-बेडरूम वाले प्रीफैब्रिकेटेड ‘स्मार्ट हाउस’ तैयार कर रही है।
मंडलायुक्तों के साथ हुए समझौतों के अनुसार लाभार्थियों को घर के साथ 15 वर्ष का जीवन बीमा, नियमित स्वास्थ्य जांच, डिजिटल कनेक्टिविटी और लंबे समय तक घर के रखरखाव एवं दोबारा पेंटिंग की सुविधा भी मिलेगी। परियोजना के तहत जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में आधारशिला रखी जा चुकी है।
संस्था के संस्थापक एवं सचिव अजी कृष्णन ने कहा कि मानव सेवा राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण शक्ति है। उन्होंने कहा कि संस्था राजनीति से अलग रहकर सत्य, करुणा और जवाबदेही के आधार पर काम करती है।
एचआरडीएस इंडिया के अनुसार वह एक स्वतंत्र और गैर-राजनीतिक संस्था है तथा नीति आयोग में पंजीकृत है। संस्था सीएसआर फंड प्राप्त करने के लिए पात्र है और आयकर अधिनियम की धारा 80जी के तहत कर छूट प्राप्त है। विदेशी योगदान के लिए संस्था एफसीआरए नियमों का पालन करती है।



