अश्विनी वैष्णव ने डिजिटल इनोवेशन एलायंस के दूसरे दिन ग्लोबल स्टार्ट-अप पुरस्कार का वितरण किया

बेंगलुरु।

माननीय केंद्रीय रेलवे एवं इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु में आयोजित हुए जी-20 डिजिटल इनोवेशन एलायंस को संबोधित किया और साथ ही जी20-डीआईए ग्लोबल स्टार्ट-अप विजेताओं को सम्मानित किया। इसमें रूस, मिस्र, फ्रांस, जापान, इंडोनेशिया, ब्राजील और भारत जैसे कई देशों के स्टार्ट-अप को फिनटेक, एग्रीटेक, एड्यूटेक और सर्कुलर इकोनॉमी समेत अन्य विविध क्षेत्रों में विजेता घोषित किया गया।

डीआईए कार्यक्रम में जी20 सदस्य देशों के 174 स्टार्ट-अप शामिल थे। आमंत्रित देशों ने छह प्रमुख क्षेत्रों – एड्यूटेक, हेल्थटेक, एग्रीटेक, फिनटेक, सिक्योर्ड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्कुलर इकोनॉमी में डिजिटल समाधान के लिए प्रविष्टियां भेजी थीं।

केंद्रीय रेल और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा, “पिछले एक दशक में भारत के स्टार्ट अप इकोसिस्टम में आमूल-चूल परिवर्तन आया है। एक दशक पहले देश में केवल 500 स्टार्ट-अप थे। आज 100,000 से अधिक स्टार्टअप और 108 यूनिकॉर्न के साथ देश अग्रणी है। हमारे देश की नवोन्मेषी और विकासात्मक विचारधारा ने भारत के डिजिटल परिदृश्य की गतिशीलता को नया स्वरूप प्रदान दिया है।”

माननीय मंत्री ने आगे कहा कि बेंगलुरु, जो कभी वैश्विक समाधान प्रदाता था, अब भारत के लिए समाधानों का निर्माता है। “माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमें अपनी क्षमताओं पर विश्वास हुआ है। वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी विश्व स्तरीय ट्रेनों से लेकर भारत द्वारा रक्षा, रेलवे, स्वास्थ्य, दूरसंचार, ऑटोमोबाइल और सौर क्षेत्रों में बनाए जा रहे अभूतपूर्व समाधानों तक, हमने भारत में डिज़ाइन किए गए समाधानों को विकसित किया है जिन्हें कभी असंभव माना जाता था। मैं उन सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने विचार साझा किए और प्रगति की इस यात्रा में आगे आये।”

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव, श्री अल्केश कुमार शर्मा ने कहा, “एड्यूटेक, फिनटेक और एग्रीटेक में उल्लेखनीय स्टार्ट-अप की ओर हमने प्रगति का नया अध्याय शुरू किया है। हमने 18 देशों से जबरदस्त प्रतिक्रिया देखी है। दूरदर्शी उद्यम पूंजीपतियों और उद्यमियों के साथ टेक इनोवेटर्स ने इस असाधारण नौ-वर्षीय डिजिटल यात्रा ने भारत को विकसित देशों की अपेक्षाओं में सबसे आगे खड़ा कर दिया है। वर्तमान में देश के स्टार्ट-अप क्षेत्र का कुल मूल्यांकन 450 बिलियन डॉलर है।”

फिक्की कर्नाटक स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष और यूके एंड कंपनी के संस्थापक श्री उल्लास कामथ ने कहा, “आज भारत दुनिया में सबसे गतिशील स्टार्ट-अप केंद्र के रूप में उभरा है। भारतीय ने स्टार्ट- अप इकोसिस्टम में अपने नवाचारों और आकांक्षाओं से पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित किया है।”

मॉरीशस के आईटी, संचार और नवाचार मंत्री, श्री दीपक बालगोबिन ने कहा, “भारत तकनीकी कौशल में एक अग्रणी राष्ट्र है। भारत की प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्र में कुशलता से हम डिजिटल के क्षेत्र में एक बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।”

तुर्किये गणराज्य के उद्योग एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री मेहमत फातिह कासिर ने कहा कि जी20-डीआईए से भारत ने दुनिया भर के देशों को साझा ज्ञान और नये अनुभव का मौक़ा दिया है।

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