नई दिल्ली।

दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में दो नाबालिग छात्रों के कथित यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक सरकारी स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले 12 साल और 13 साल के छात्रों का स्कूल के ही अन्य छात्रों ने उत्पीड़न किया। इतना ही नहीं जब छात्रों ने ये बात अपने टीचर को बताई तो उन्होंने ये बात किसी को न बताने के लिए कहा। इस मामले में अब दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस और शिक्षा निदेशालय को नोटिस भेजा है। मामला रोहिणा के सरकारी स्कूल का है। समर कैंप के दौरान इस दरिंदगी को स्कूल के ही अन्य छात्रों ने अंजाम दिया। उधर, दिल्ली सरकार ने मामले में जांच कमेटी का गठन कर दिया है।

पार्क में 7 दिन तक किया गलत काम

13 साल का पीड़ित छात्र रोहिणी का रहने वाला है। उसने बताया कि वह अप्रैल 2023 में समर कैंप के दौरान स्कूल गया था, जहां कुछ छात्र उसको जबरन पास के पार्क में ले गए। वहां उसके साथ मारपीट की गई और 5 छात्रों ने उसके साथ गलत काम किया। आरोपी उसे धमकाकर 7 दिन तक उसका यौन उत्पीड़न करते रहे। इतना ही नहीं आरोपी छात्रों ने उसे धमकी भी दी। छात्र ने आरोपियों की ये करतूत जब टीचरों को बताई तो उन्होंने भी छात्र से ये बात किसी को नहीं बताने के लिए कहा। हालांकि डरकर छात्र ने पूरी बात अपनी माता-पिता को बताई। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी।

दूसरे छात्र के साथ टॉयलेट में यौन उत्पीड़न

वहीं, 12 साल के अन्य लड़के ने आरोप लगाया कि उन्हीं छात्रों ने उसके साथ भी यौन उत्पीड़न किया। उसने बताया कि अप्रैल 2023 में समर कैंप के दौरान स्कूल के टॉयलेट में उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया था। आरोपी छात्रों ने उसे भी घटना के बारे में किसी को न बताने की धमकी दी थी। 12 साल के पीड़ित छात्र ने बताया कि 16 दिन पहले एक छात्र ने दोबारा टॉयलेट में उसका यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की। छात्र ने स्कूल के दो शिक्षकों को इसके बारे में जानकारी भी दी लेकिन उन्होंने उनसे इस घटना के बारे में किसी से बात न करने के लिए कहा। इसके बाद छात्र ने परेशान होकर अपने परिजनों को यह बात बताई। जब छात्र की मां स्कूल गईं तो प्रिंसिपल ने कथित तौर पर उनसे घटना के बारे में किसी से बात न करने को कहा।

पुलिस ने किए मामले दर्ज

इस मामले में दिल्ली के शाहबाद डेयरी थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। इस संबंध में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया है। दिल्ली पुलिस को दिए अपने नोटिस में आयोग अध्यक्ष ने मामले में हुई गिरफ्तारियों की स्थिति पूछी है। आयोग ने स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षकों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है।

महिला आयोग ने पूछा है कि क्या कथित तौर पर अधिकारियों को मामले की सूचना नहीं देने के लिए POCSO अधिनियम के तहत उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आयोग ने मामलों में संबंधित बाल कल्याण समिति द्वारा पारित आदेशों की प्रति मांगी है। इसके अलावा दिल्ली महिला आयोग ने शिक्षा निदेशालय से मामले में जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। आयोग ने यह भी पूछा है कि क्या अधिकारियों को घटनाओं की सूचना नहीं देने के लिए स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षकों को निलंबित किया गया है? आयोग ने स्कूलों में छात्रों की काउंसलिंग और यौन उत्पीड़न के मामलों की रिपोर्टिंग के लिए विभाग द्वारा बनाए गए दिशानिर्देशों का विवरण मांगा है।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा, ‘ये बहुत चौंकाने वाली घटनाएं हैं। एक ही स्कूल के छात्रों ने अपने साथियों के साथ यौन उत्पीड़न किया। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि शिक्षकों और प्रिंसिपल ने कथित तौर पर छात्रों को चुप रहने के लिए कहा। अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, अधिकारियों को घटना की सूचना न देने के लिए स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षकों के खिलाफ POCSO अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।

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