अगर आप भी अपने जिम ट्रेनर का सलाह पर Steroids लेते हैं। इसके सेवन से पहले जान लें इसके फायदे और गंभीर नुकसान। किसके लिए वरदान और किसके लिए बन सकती है बड़ी आफत।
आज के समय में “Steroid” शब्द सुनते ही लोगों के मन में सबसे पहले बॉडीबिल्डिंग, बड़ी मांसपेशियां और डोपिंग जैसे शब्द आते हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से बदलते फिटनेस ट्रेंड और कम समय में आकर्षक शरीर पाने की चाहत ने स्टेरॉयड को चर्चा का विषय बना दिया है। हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि सभी स्टेरॉयड एक जैसे नहीं होते। कुछ स्टेरॉयड गंभीर बीमारियों के इलाज में जीवन बचाने का काम करते हैं, जबकि कुछ का गलत इस्तेमाल शरीर को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। कई मामलों में स्टेरॉयड का सेवन जीवन के लिए खतरा भी साबित हो सकते हैं।
Steroid की शुरुआत कहां से हुई?
Steroid का इतिहास 20वीं सदी की शुरुआत से जुड़ा है। वैज्ञानिकों ने सबसे पहले शरीर में बनने वाले Hormone Testosterone और कॉर्टिसोल (Cortisol) का अध्ययन किया। बाद में इन्हीं हार्मोनों के आधार पर कृत्रिम (Synthetic) स्टेरॉयड विकसित किए गए। 1940 और 1950 के दशक में Anabolic Steroids का उपयोग कई देशों के एथलीट और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए किया जाने लगा। वहीं दूसरी ओर कॉर्टिकोस्टेरॉयड (Corticosteroid) का उपयोग अस्थमा, गठिया, एलर्जी और ऑटोइम्यून बीमारियों के इलाज में शुरू हुआ।
Steroid के प्रकार
आमतौर पर स्टेरॉयड को दो प्रमुख श्रेणियों में बांटा जाता है –
1. कॉर्टिको-स्टेरॉयड (Cortico–steroids)
कॉर्टिकोस्टेरॉयड ऐसी दवाएं हैं जो शरीर में सूजन और इम्यून सिस्टम की अत्यधिक प्रतिक्रिया को कम करने के लिए दी जाती हैं। ये प्राकृतिक हार्मोन कॉर्टिसोल की तरह काम करती हैं। Prednisone, Hydrocortisone, Dexamethasone और Cortisone इसके प्रमुख उदाहरण हैं। इनका उपयोग अस्थमा, एलर्जी, रूमेटाइड आर्थराइटिस, ल्यूपस और त्वचा रोगों के इलाज में किया जाता है।
2. एनाबॉलिक स्टेरॉयड (Anabolic Steroids)
एनाबॉलिक स्टेरॉयड पुरुष हार्मोन टेस्टोस्टेरोन के कृत्रिम रूप होते हैं, जो मांसपेशियों की वृद्धि, शारीरिक शक्ति और रिकवरी बढ़ाने में मदद करते हैं। Testosterone, Nandrolone, Oxandrolone और Stanozolol इसके प्रमुख उदाहरण हैं। डॉक्टर इनका उपयोग मांसपेशियों के क्षरण, हार्मोन की कमी या कुछ विशेष चिकित्सीय स्थितियों में मरीज पर करते हैं। हालांकि जिम और Body Building में तेजी से Muscles बनाने के लिए इनका दुरुपयोग आम है, जिससे हृदय, लिवर और हार्मोन संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
लोग स्टेरॉयड क्यों लेते हैं?
1. मेडिकल कारणों से
स्टेरॉयड कई गंभीर बीमारियों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और कई बार मरीज के लिए जीवनरक्षक साबित होते हैं। ये शरीर में सूजन और इम्यून सिस्टम की अत्यधिक प्रतिक्रिया को नियंत्रित करते हैं। उदाहरण के तौर पर, गंभीर अस्थमा अटैक के दौरान डॉक्टर कॉर्टिकोस्टेरॉयड देकर फेफड़ों की सूजन कम करते हैं। इसके अलावा ल्यूपस, रूमेटाइड आर्थराइटिस और अन्य ऑटोइम्यून बीमारियों के उपचार में भी इनका व्यापक उपयोग किया जाता है।
2. मांसपेशियां बढ़ाने के लिए
कुछ लोग कम समय में अधिक मांसपेशियां और आकर्षक शरीर पाने के लिए एनाबॉलिक स्टेरॉयड का इस्तेमाल करते हैं। ये दवाएं शरीर में प्रोटीन निर्माण बढ़ाकर मसल्स ग्रोथ को तेज करती हैं। जिम और बॉडीबिल्डिंग की दुनिया में इनका दुरुपयोग आम है। उदाहरण के तौर पर, कई अंतरराष्ट्रीय डोपिंग मामलों में खिलाड़ियों और बॉडीबिल्डरों को एनाबॉलिक स्टेरॉयड का उपयोग करते हुए पकड़ा गया है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और करियर प्रभावित हुए।
3. खेल प्रदर्शन सुधारने के लिए
कुछ खिलाड़ी अपनी ताकत, सहनशक्ति और रिकवरी क्षमता बढ़ाने के लिए स्टेरॉयड का उपयोग करते हैं। एनाबॉलिक स्टेरॉयड मांसपेशियों को तेजी से विकसित करने और कठिन प्रशिक्षण के बाद जल्दी रिकवर होने में मदद कर सकते हैं। हालांकि अधिकांश राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों में इनका उपयोग प्रतिबंधित है। यदि कोई खिलाड़ी स्टेरॉयड लेते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे डोपिंग नियमों के तहत निलंबन, जुर्माना या प्रतियोगिता से बाहर किए जाने जैसी सजा मिल सकती है।
स्टेरॉयड के नुकसान क्या हैं?
- हृदय रोग का खतरा
एनाबॉलिक स्टेरॉयड का लंबे समय तक या बिना चिकित्सकीय सलाह के उपयोग हृदय पर गंभीर असर डाल सकता है। यह शरीर में अच्छे और खराब कोलेस्ट्रॉल का संतुलन बिगाड़ सकता है, जिससे उच्च रक्तचाप, धमनियों में रुकावट, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। कई अध्ययनों में स्टेरॉयड के दुरुपयोग को हृदय संबंधी बीमारियों से जोड़ा गया है।
- लिवर को नुकसान
कई मौखिक (Oral) एनाबॉलिक स्टेरॉयड सीधे लिवर द्वारा प्रोसेस किए जाते हैं, जिससे इस अंग पर दबाव पड़ता है। लंबे समय तक इनके सेवन से लिवर एंजाइम बढ़ सकते हैं, सूजन हो सकती है और गंभीर मामलों में लिवर को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। बिना डॉक्टर की निगरानी स्टेरॉयड लेना विशेष रूप से जोखिम भरा माना जाता है।
- हार्मोनल असंतुलन
स्टेरॉयड शरीर के प्राकृतिक हार्मोन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं। पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन कम हो सकता है, शुक्राणुओं की संख्या घट सकती है और बांझपन का खतरा बढ़ सकता है। महिलाओं में आवाज भारी होना, चेहरे पर अनचाहे बाल उगना और मासिक धर्म में अनियमितता जैसी समस्याएं देखी जा सकती हैं।
मानसिक और शारीरिक प्रभाव
स्टेरॉयड केवल शरीर ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकते हैं। लंबे समय तक उपयोग करने वाले कुछ लोगों में चिड़चिड़ापन, आक्रामक व्यवहार, मूड स्विंग्स, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं देखी गई हैं। कुछ मामलों में निर्णय लेने की क्षमता और भावनात्मक संतुलन भी प्रभावित हो सकता है, जिससे व्यक्ति के सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा स्टेरॉयड लेने से शरीर में कई शारीरिक बदलाव दिखाई देते हैं। इनमें वजन बढ़ना, शरीर में पानी जमा होना और चेहरे पर सूजन आना मुख्य है। कुछ लोगों में चेहरा गोल और फूला हुआ दिखने लगता है। इसके अलावा रक्तचाप बढ़ने और मेटाबॉलिज्म प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी विकसित हो सकती हैं।
इनके लिए स्टेरॉयड है वरदान
सबसे पहले तो स्टेरॉयड का सेवन केवल डॉक्टर की सलाह और निगरानी में ही किया जाना चाहिए। इसेक अलावा गंभीर अस्थमा, रूमेटाइड आर्थराइटिस, ल्यूपस और अन्य ऑटोइम्यून रोगों से पीड़ित मरीजों को इसकी आवश्यकता पड़ सकती है। इसके अलावा टेस्टोस्टेरोन की चिकित्सकीय कमी वाले पुरुषों तथा कुछ कैंसर और AIDS मरीजों के उपचार में भी स्टेरॉयड उपयोगी साबित हो सकते हैं। हर मरीज की स्थिति अलग होती है, इसलिए दवा, खुराक और उपचार की अवधि का निर्णय केवल डॉक्टर ही कर सकते हैं।
इनको बनानी चाहिए दूरी
यदि एक तरफ Steroid के अपने लाभ हैं तो दूसरी तरफ कुछ लोनों को इससे सख्त दूरी बनाकर रखने की भी जरूरत है। जो लोग केवल सोशल मीडिया जैसी बॉडी पाने, तेजी से मांसपेशियां बढ़ाने या आकर्षक दिखने के लिए स्टेरॉयड लेना चाहते हैं, उन्हें इससे बचना चाहिए। किशोर और युवाओं में इसका उपयोग हार्मोनल विकास को प्रभावित कर सकता है, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
इसके अलावा बिना डॉक्टर की सलाह के ऑनलाइन खरीदे गए या जिम में मिलने वाले तथाकथित “साइकिल और स्टैक” के नाम पर बेचे जा रहे इस ड्रग्स का सेवन बेहद जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि इन सामग्रियों की गुणवत्ता और सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होती।
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