भारत से आने वाले पर्यटक श्रीलंका के कुल विदेशी पर्यटकों का लगभग 23 प्रतिशत, 2026 में 30 लाख अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का लक्ष्य
राजकोट: श्रीलंका टूरिज्म प्रमोशन ब्यूरो (SLTPB) मुंबई स्थित श्रीलंका के महावाणिज्य दूतावास के सहयोग से 17 जून 2026 को राजकोट के फॉर्च्यून पार्क जेपीएस ग्रैंड में विशेष ट्रैवल ट्रेड रोडशो और नेटवर्किंग ईवनिंग आयोजित करेगा। इस पहल का उद्देश्य दक्षिण गुजरात के ट्रैवल उद्योग के साथ साझेदारी को मजबूत करना और श्रीलंका को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना है।
हाल के वर्षों में गुजरात, खासकर राजकोट, अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के लिए तेजी से उभरते बाजार के रूप में सामने आया है। यहां से परिवारों, युवाओं और कॉर्पोरेट यात्रियों के बीच विदेश यात्रा, डेस्टिनेशन वेडिंग, लक्जरी छुट्टियों और MICE पर्यटन की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी संभावनाओं को देखते हुए श्रीलंका टूरिज्म इस क्षेत्र में अपनी पहुंच और साझेदारी का विस्तार कर रहा है।
वर्ष 2025 श्रीलंका के पर्यटन क्षेत्र के लिए रिकॉर्ड साल साबित हुआ। देश में 23 लाख अंतरराष्ट्रीय पर्यटक पहुंचे, जिनमें भारत सबसे बड़ा स्रोत बाजार रहा। भारत से 5.31 लाख से अधिक पर्यटक श्रीलंका गए, जो कुल विदेशी पर्यटकों का लगभग 23 प्रतिशत है। इसी उत्साहजनक प्रदर्शन के आधार पर श्रीलंका ने 2026 में 30 लाख अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है।
राजकोट में आयोजित होने वाले इस रोडशो में श्रीलंका के प्रमुख होटल समूह, रिसॉर्ट्स, डेस्टिनेशन मैनेजमेंट कंपनियां, पर्यटन सेवा प्रदाता और आकर्षण केंद्र भाग लेंगे। उन्हें राजकोट एवं आसपास के क्षेत्र के ट्रैवल एजेंट्स, टूर ऑपरेटर्स, MICE प्लानर्स, कॉर्पोरेट ट्रैवल बायर्स, मीडिया प्रतिनिधियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कंटेंट क्रिएटर्स से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान बिजनेस-टू-बिजनेस नेटवर्किंग, डेस्टिनेशन प्रेजेंटेशन, वन-टू-वन बायर-सेलर मीटिंग्स, मीडिया इंटरैक्शन, श्रीलंकाई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नेटवर्किंग डिनर के साथ-साथ आकर्षक लकी ड्रॉ और उपहार भी आयोजित किए जाएंगे।
श्रीलंका टूरिज्म के अधिकारियों का कहना है कि गुजरात की मजबूत अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय यात्रा के प्रति बढ़ती रुचि इसे उनके लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बनाती है। भारत से कम दूरी, आसान कनेक्टिविटी, खूबसूरत समुद्र तट, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, वन्यजीव पर्यटन, वेलनेस अनुभव और एडवेंचर गतिविधियां श्रीलंका को भारतीय पर्यटकों के लिए आकर्षक विकल्प बनाती हैं।
श्रीलंका टूरिज्म को उम्मीद है कि राजकोट रोडशो से नए व्यावसायिक अवसर पैदा होंगे, ट्रैवल उद्योग के बीच सहयोग बढ़ेगा और राजकोट एवं आसपास के क्षेत्र से श्रीलंका जाने वाले पर्यटकों की संख्या में आने वाले समय में और वृद्धि देखने को मिलेगी।
