दिल्ली की Akriti Sutar की शादी के 72 दिन बाद संदिग्ध मौत ने दहेज प्रताड़ना पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानिए पति की गिरफ्तारी, परिवार के आरोप और जांच की पूरी कहानी।
नई दिल्ली: शादी को अभी ढाई महीने भी पूरे नहीं हुए थे। परिवार ने बेटी को नए जीवन की शुभकामनाओं के साथ विदा किया था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि केवल 72 दिन बाद वही बेटी संदिग्ध परिस्थितियों में एक इमारत से नीचे गिरी हुई मिलेगी। दिल्ली की 26 वर्षीय आकृति सुतार (Akriti Sutar) की मौत ने एक बार फिर दहेज प्रताड़ना, वैवाहिक हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।
पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद पति अरस्तू सिक्का (Arastu Sikka) को दहेज मृत्यु (Dowry Death) के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, आकृति के परिवार का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि लगातार दहेज उत्पीड़न के बाद की गई हत्या है। मामले में अब पति के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों, विशेष रूप से ननद की भूमिका की भी जांच की मांग की जा रही है।
यह मामला केवल एक संदिग्ध मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि शादी के बाद कथित मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, दहेज की मांग, घरेलू हिंसा और घटनास्थल से जुड़े कई सवालों के कारण राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है।
कौन थीं आकृति सुतार?
आकृति सुतार दिल्ली की रहने वाली थीं और एक निजी कंपनी में कार्यरत थीं। परिवार के अनुसार वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए लगातार मेहनत करती थीं। नौकरी मिलने के बाद उन्होंने अपने परिवार की जिम्मेदारियों में भी हाथ बंटाना शुरू कर दिया था।
परिजनों का कहना है कि आकृति का स्वभाव सकारात्मक था और वह अपने करियर को लेकर बेहद गंभीर थीं। परिवार को उम्मीद थी कि उनकी शादी के बाद जीवन और बेहतर होगा।
24 अप्रैल 2026 को हुई थी शादी
आकृति की शादी 24 अप्रैल 2026 को दिल्ली निवासी अरस्तू सिक्का से हुई थी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया, लेकिन परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ ही दिनों बाद परिस्थितियां बदलने लगीं।
परिजनों के मुताबिक, ससुराल पक्ष की ओर से अतिरिक्त दहेज की मांग की जाने लगी। पहले इसे सामान्य पारिवारिक विवाद समझकर नजरअंदाज किया गया, लेकिन बाद में कथित प्रताड़ना लगातार बढ़ती चली गई।
परिवार ने लगाए कई संगीन आरोप
आकृति सुतार की मां और भाई के अनुसार शादी के कुछ ही समय बाद उनकी जिंदगी बदलने लगी थी। परिवार का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी थी और मांग पूरी न होने पर आकृति को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
उनका कहना है कि कई बार उसके साथ मारपीट की गई और बेल्ट से पीटे जाने तक के आरोप लगाए गए हैं। परिवार का यह भी दावा है कि ससुराल वालों का व्यवहार दिन-ब-दिन अधिक अपमानजनक होता जा रहा था।
आकृति की मां ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी बेटी कई बार रोते हुए फोन कर अपनी पीड़ा साझा करती थी, लेकिन परिवार उसे समझाता था कि शायद समय के साथ हालात सुधर जाएंगे।
नौकरी से मिली थी नई उम्मीद
परिवार के मुताबिक आकृति को भरोसा था कि यदि वह नौकरी जारी रखेंगी तो शायद ससुराल वालों का रवैया बदल जाएगा।
उनके भाई अमय सुतार ने बताया कि आकृति को लगता था कि आर्थिक रूप से मजबूत होने पर घर का माहौल सामान्य हो जाएगा और दहेज को लेकर होने वाले ताने भी खत्म हो जाएंगे।
लेकिन परिवार का आरोप है कि नौकरी करने के बावजूद कथित दहेज की मांग और प्रताड़ना बंद नहीं हुई।
कैसे हुई आकृति की मौत
घटना 5 जुलाई 2026 की बताई जा रही है। उसी दिन आकृति ने अपने कार्यालय में सहकर्मियों के साथ एक छोटी-सी पार्टी की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कार्यालय में उनका व्यवहार सामान्य दिखाई दे रहा था।
शाम को वह अपने पति अरस्तू सिक्का के साथ कार्यालय से निकलीं। कुछ घंटों बाद सूचना मिली कि वह एक बहुमंजिला इमारत से नीचे गिर गई हैं।
उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। यहीं से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।
आकृति के भाई ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उनकी बहन ऐसा कदम कभी नहीं उठा सकती थी।
उनका कहना है कि—
“मेरी बहन आत्महत्या नहीं कर सकती। वह जीवन में आगे बढ़ना चाहती थी।”
परिवार का कहना है कि यदि आकृति मानसिक रूप से टूट चुकी होती, तो वह उसी दिन कार्यालय में सामान्य व्यवहार नहीं करती। इसी आधार पर परिजन मौत को संदिग्ध मान रहे हैं और विस्तृत आपराधिक जांच की मांग कर रहे हैं।
पति की गिरफ्तारी
प्रारंभिक जांच और परिवार की शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने पति अरस्तू सिक्का को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की दहेज मृत्यु और संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
चूंकि विवाह के सात वर्ष के भीतर महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है और परिवार ने दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, इसलिए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू की है।
पुलिस ने बठढ़ाया जांच का दायरा
समय बीतने के साथ जांच केवल पति तक सीमित नहीं रही। आकृति के परिवार ने आरोप लगाया कि घर के अन्य सदस्य भी कथित प्रताड़ना में शामिल थे।
विशेष रूप से पति की बहन की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है। परिवार का कहना है कि केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे माहौल ने उनकी बेटी को प्रताड़ित किया।
इसी कारण पुलिस अब परिवार के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ कर रही है।
पुलिस किन पहलुओं की जांच कर रही है?
फिलहाल पुलिस इस घटना से जुड़े हर पहलू की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियां उनकी मौत से पहले के अंतिम कुछ घंटों की गतिविधियों, कार्यालय से निकलने के बाद उनके पूरे मूवमेंट और घटनाक्रम को खंगाल रही हैं।
इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और व्हाट्सएप चैट की भी जांच की जा रही है। पुलिस परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के बयान दर्ज कर रही है तथा कथित दहेज मांग से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि में जुटी है।
मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह आत्महत्या, दुर्घटना या किसी साजिश का परिणाम था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह आत्महत्या थी, दुर्घटना थी या किसी साजिश का हिस्सा।
72 दिनों में बेटी की जिंदगी नर्क बन गई
आकृति की मां अनु साय सुतार ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ ही दिनों बाद ससुराल वालों का व्यवहार पूरी तरह बदल गया था। परिवार के अनुसार, आकृति पर नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया गया, क्योंकि वह अपनी कमाई का कुछ हिस्सा अपने मायके भेजती थीं।
शिकायत में यह भी कहा गया कि पति और ससुराल पक्ष ने 20 लाख रुपये नकद और एक कार की मांग की थी। मां ने आरोप लगाया कि आकृति के साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की जाती थी और 17 जून को उसने फोन पर बताया था कि पति ने बेल्ट से उसकी पिटाई की थी।
29 जून को उसने यह आशंका भी जताई थी कि उसका पति उसकी जान ले सकता है।
भाई ने आत्महत्या की थ्योरी को किया खारिज
आकृति के भाई अमय सुतार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी बहन आत्महत्या जैसा कदम उठाने वाली नहीं थी। उनके अनुसार, वह अपने करियर को लेकर बेहद उत्साहित थीं और भविष्य की कई योजनाएं बना रही थीं।
परिवार का कहना है कि घटना वाले दिन भी आकृति ने ऑफिस में शादी के बाद पहली बार सहकर्मियों के लिए पार्टी रखी थी और सामान्य व्यवहार कर रही थीं। ऐसे में अचानक आत्महत्या की संभावना उन्हें स्वीकार्य नहीं लगती।
परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक विश्लेषण को बेहद अहम माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आकृति की मौत केवल ऊंचाई से गिरने के कारण हुई या उससे पहले किसी तरह की मारपीट या संघर्ष हुआ था।
विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल रिपोर्ट से मौत के वास्तविक कारण और समय का पता चल सकेगा, जिससे जांच की दिशा और स्पष्ट होगी।
दहेज प्रथा पर फिर उठे सवाल
आकृति सुतार की मौत ने एक बार फिर दहेज प्रथा और विवाह के बाद महिलाओं के खिलाफ होने वाली घरेलू हिंसा पर गंभीर बहस छेड़ दी है। कड़े कानूनों के बावजूद दहेज मांगने और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। महिला अधिकार संगठनों का कहना है कि केवल सख्त कानून पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उनकी प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन भी उतना ही जरूरी है।
फिलहाल दिल्ली पुलिस इस मामले की हर संभावित दिशा से जांच कर रही है। परिवार इसे सुनियोजित हत्या और दहेज उत्पीड़न का मामला बता रहा है, जबकि पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और अन्य फॉरेंसिक तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह आत्महत्या थी, दुर्घटना थी या हत्या। अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।
फिलहाल इतना तय है कि आकृति सुतार की मौत ने दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और नवविवाहित महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
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