Saturday, 22 August 2026
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NBCC के EMRS टेंडरों पर उठे सवाल, छत्तीसगढ़ परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं की CVC जांच की मांग

लगभग 18 EMRS परियोजनाओं की निविदाओं में पारदर्शिता और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के उल्लंघन का आरोप, स्वतंत्र जांच की मांग

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) परियोजनाओं से जुड़े NBCC के टेंडरों में कथित अनियमितताओं, सीमित पात्रता मानदंडों और पक्षपात के आरोपों के बीच केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) और एनबीसीसी के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) से व्यापक जांच की मांग उठी है।

शिकायतकर्ता चैतन्य पाइक ने आरोप लगाया है कि एनबीसीसी के रांची जोन द्वारा लगभग 18 ईएमआरएस परियोजनाओं के टेंडरों में ऐसी शर्तें लागू की गईं, जिनके कारण पहले से दो ईएमआरएस कार्य कर रहे ठेकेदारों को, पर्याप्त बोली क्षमता और कार्यों के पर्याप्त रूप से पूर्ण होने के बावजूद, नई निविदाओं में भाग लेने से वंचित कर दिया गया।

शिकायत में कहा गया है कि यह व्यवस्था निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, पारदर्शिता तथा सामान्य वित्तीय नियम (GFR), केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के दिशानिर्देशों एवं CPWD वर्क्स मैनुअल की भावना के विपरीत प्रतीत होती है।

इसके अतिरिक्त मोहला, जशपुर और मनोरा स्थित ईएमआरएस परियोजनाओं के टेंडरों में कुछ पूर्व निर्धारित पसंदीदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने तथा दूसरे चरण की निविदा प्रक्रिया में कई बोलीदाताओं को तकनीकी स्तर पर भौतिक दस्तावेज समय पर प्राप्त न होने के आधार पर बाहर किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।

शिकायतकर्ता ने पूरे टेंडर प्रक्रिया की स्वतंत्र सतर्कता जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक संबंधित निविदाओं पर आगे की कार्रवाई रोकने की मांग की है। साथ ही भविष्य में खुली, प्रतिस्पर्धी एवं पारदर्शी निविदा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाने की भी मांग की गई है।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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