शेन मैकडरमॉट के जाने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने फील्डिंग कोच की नई भर्ती शुरू की। जानिए PCB को किस तरह के कोच की तलाश है और उम्मीदवार के लिए कौन-कौन सी शर्तें जरूरी हैं।
लाहौर: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) इन दिनों मैदान पर प्रदर्शन से ज्यादा अपने फैसलों को लेकर चर्चा में है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खराब प्रदर्शन, कोचिंग स्टाफ में बड़े बदलाव और खिलाड़ियों को लेकर उठे सवालों के बीच अब बोर्ड ने एक और ऐसा कदम उठाया है, जिसने सोशल मीडिया को चर्चा का नया विषय दे दिया है। PCB ने पाकिस्तान की पुरुष राष्ट्रीय टीम के लिए फील्डिंग कोच की वैकेंसी LinkedIn पर पोस्ट की है।
सोमवार, 31 अगस्त को साझा की गई इस भर्ती पोस्ट में PCB ने अनुभवी और कुशल फील्डिंग कोच की तलाश की है। उम्मीदवार को पाकिस्तान की पुरुष राष्ट्रीय टीम के साथ काम करना होगा और रेड-बॉल तथा व्हाइट-बॉल क्रिकेट में खिलाड़ियों की फील्डिंग बेहतर करने की जिम्मेदारी निभानी होगी। पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर मजाक और तंज शुरू कर दिए।
हालांकि, LinkedIn पर नौकरी का विज्ञापन देना अपने आप में कोई गलत या असामान्य भर्ती तरीका नहीं है। लेकिन जिस पद के लिए दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों की नजर पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम पर रहती है, उस पद का इस तरह सार्वजनिक भर्ती पोस्ट के रूप में सामने आना जरूर चर्चा का कारण बन गया है। खासकर ऐसे समय में जब पाकिस्तान क्रिकेट टीम लगातार अपने प्रदर्शन और टीम प्रबंधन को लेकर सवालों के घेरे में है।
PCB का LinkedIn पोस्ट
PCB की ओर से जारी पोस्ट का संदेश सीधा था – “WE ARE HIRING!” उस पोस्ट के माध्यम से बोर्ड ने जानकारी दी कि उसे पाकिस्तान पुरुष राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए एक फील्डिंग कोच की तलाश है।
भर्ती विज्ञापन में कहा गया है कि नियुक्त होने वाला कोच राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों की फील्डिंग क्षमता विकसित और बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यानी काम केवल खिलाड़ियों से कैच पकड़वाने या ग्राउंड फील्डिंग की ड्रिल कराने तक सीमित नहीं होगा।
उम्मीदवार से गेम एनालिसिस और प्लेयर डेवलपमेंट की समझ भी मांगी गई है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल होने वाली आधुनिक फील्डिंग तकनीकों से जुड़े सिस्टम और प्रक्रियाओं की निगरानी तथा मूल्यांकन का अनुभव भी जरूरी बताया गया है।
PCB ने यह भी स्पष्ट किया है कि उम्मीदवार के पास कम से कम Level II क्रिकेट कोचिंग योग्यता होनी चाहिए। इसके साथ ही संबंधित भूमिका में कम से कम पांच साल का अनुभव मांगा गया है। उम्मीदवार ने एलीट क्रिकेटरों, राष्ट्रीय टीमों, फ्रेंचाइजी टीमों या अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ काम किया हो, यह भी अपेक्षित है।
आवेदन करने की अंतिम तारीख 9 सितंबर 2026 शाम 5 बजे रखी गई है और आवेदन PCB की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है।
फील्डिंग कोच की जरूरत क्यों पड़ी?
इस सवाल का जवाब पाकिस्तान क्रिकेट टीम के हालिया प्रदर्शन में छिपा है।
पाकिस्तान की फील्डिंग लंबे समय से आलोचना का विषय रही है। आधुनिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जहां एक रन बचाना मैच का रुख बदल सकता है, वहीं कैच छोड़ना, गलत थ्रो करना या ग्राउंड फील्डिंग में चूक करना टीम को महंगा पड़ सकता है।
PCB के मौजूदा विज्ञापन में भी फील्डिंग के स्तर को सुधारने और खिलाड़ियों के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। बोर्ड अब ऐसे कोच की तलाश कर रहा है जो सिर्फ अभ्यास सत्र में ड्रिल कराने के बजाय डेटा, गेम एनालिसिस और आधुनिक प्रशिक्षण प्रणालियों के जरिए टीम की फील्डिंग में सुधार ला सके।
यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी की तरह फील्डिंग भी रणनीति का हिस्सा बन चुकी है। तेज आउटफील्ड, छोटे बॉउंड्री सर्कल, आक्रामक फील्डिंग पोजीशन और रन रोकने की तकनीक के कारण टीमों को विशेषज्ञ कोचिंग की जरूरत पड़ती है।
पाकिस्तान के लिए चुनौती यह है कि वह केवल अच्छे व्यक्तिगत फील्डरों पर निर्भर रहने के बजाय पूरी टीम का फील्डिंग स्तर एक समान ऊंचा करे।
शेन मैकडरमॉट के जाने के बाद खाली था पद
इस वैकेंसी की कहानी अचानक शुरू नहीं हुई। पाकिस्तान के फील्डिंग कोच का पद शेन मैकडरमॉट के इस्तीफे के बाद खाली हुआ।
ऑस्ट्रेलिया के मैकडरमॉट को जुलाई 2025 में पाकिस्तान का ऑल-फॉर्मेट फील्डिंग कोच नियुक्त किया गया था। उन्होंने लगभग एक साल तक टीम के साथ काम किया। जुलाई 2026 में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया और वेस्टइंडीज तथा इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान टीम के साथ नहीं गए।

मैकडरमॉट के इस्तीफे की वजह PCB या खुद मैकडरमॉट की ओर से सार्वजनिक रूप से नहीं बताई गई। उस समय रिपोर्टों में यह भी सामने आया था कि वह सितंबर में एशियन गेम्स के लिए पाकिस्तान के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा बनने वाले थे। इसलिए उनका अचानक हटना चर्चा का विषय बन गया था।
उनकी जगह अंतरिम तौर पर पाकिस्तान क्रिकेट के घरेलू और युवा ढांचे से जुड़े मंसूर अमजद के नाम की चर्चा हुई थी। अब PCB स्थायी नियुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
PCB से पहले मैकडरमॉट का कोचिंग अनुभव
शेन मैकडरमॉट पाकिस्तान आने से पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर चुके थे। उन्होंने बांग्लादेश के साथ करीब तीन साल असिस्टेंट फील्डिंग कोच के रूप में काम किया था। इसके बाद श्रीलंका के साथ भी लगभग तीन साल इसी तरह की भूमिका निभाई।
यानी PCB को अब ऐसे व्यक्ति की तलाश है जिसके पास सिर्फ कोचिंग प्रमाणपत्र न हो, बल्कि उच्च स्तर की टीमों के साथ वास्तविक काम करने का अनुभव भी हो।
इसीलिए मौजूदा भर्ती विज्ञापन में पांच साल का अनुभव और एलीट खिलाड़ियों, राष्ट्रीय या फ्रेंचाइजी टीमों के साथ काम करने की शर्त रखी गई है।
LinkedIn पोस्ट पर क्यों होने लगी ट्रोलिंग?
अब आते हैं उस हिस्से पर जिसने इस खबर को क्रिकेट से ज्यादा सोशल मीडिया की खबर बना दिया।
किसी कंपनी का LinkedIn पर नौकरी का विज्ञापन देना सामान्य बात है। लेकिन पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के फील्डिंग कोच जैसे हाई-प्रोफाइल पद के लिए PCB की पोस्ट देखते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे अपने-अपने अंदाज में लेना शुरू कर दिया।
कुछ लोगों ने सवाल किया कि क्या पाकिस्तान जैसे बड़े क्रिकेट बोर्ड को भी अब LinkedIn पर कोच की तलाश करनी पड़ रही है। कुछ यूजर्स ने इसे बोर्ड की मौजूदा स्थिति से जोड़कर मजाक किया, जबकि कई प्रतिक्रियाओं में पाकिस्तान क्रिकेट में कथित सिफारिश और नियुक्तियों की पुरानी बहस को भी घसीटा गया।
एक सोशल मीडिया प्रतिक्रिया में PCB के LinkedIn भर्ती विज्ञापन को देखकर हैरानी जताई गई, जबकि दूसरी प्रतिक्रियाओं में इसे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करने का मौका बनाया गया।
यानी मामला यह नहीं था कि LinkedIn पर नौकरी पोस्ट करना गलत है। असली बात यह थी कि पाकिस्तान क्रिकेट जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें यह पोस्ट लोगों को मीम और ट्रोलिंग के लिए तैयार सामग्री जैसी लगी।
PCB के लिए इस भर्ती के मायने
सोशल मीडिया की प्रतिक्रियाओं से अलग देखें तो यह पद पाकिस्तान की टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
क्रिकेट में फील्डिंग का असर केवल कैच और रन आउट तक सीमित नहीं है। अच्छी फील्डिंग गेंदबाजों पर दबाव कम करती है, अतिरिक्त रन रोकती है और बल्लेबाज को जोखिम लेने के लिए मजबूर कर सकती है।
एक मजबूत फील्डिंग यूनिट मैच के महत्वपूर्ण क्षणों में अंतर पैदा कर सकती है। यही कारण है कि ऑस्ट्रेलिया, भारत, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी शीर्ष टीमों ने फील्डिंग को अपनी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।
PCB भी इसी दिशा में विशेषज्ञ नियुक्त करना चाहता है। विज्ञापन में गेम एनालिसिस, खिलाड़ी विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सिस्टम की निगरानी का उल्लेख बताता है कि बोर्ड को केवल पारंपरिक फील्डिंग ट्रेनर नहीं चाहिए।
पाकिस्तान क्रिकेट में बदलाव का दौर
फील्डिंग कोच की वैकेंसी ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान क्रिकेट में बड़े स्तर पर बदलाव चल रहे हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार दो भारी हार के बाद PCB ने 31 अगस्त को टीम और कोचिंग स्टाफ में बड़े बदलाव किए। मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को उनके पदों से हटाया गया। इसके साथ ही सात खिलाड़ियों को टेस्ट टीम से वापस भेज दिया गया।

इन फैसलों ने पाकिस्तान क्रिकेट में अस्थिरता को लेकर बहस और तेज कर दी है। पूर्व खिलाड़ियों और कप्तानों ने भी बोर्ड के फैसलों पर सवाल उठाए। पूर्व कोच मिकी आर्थर ने इन बदलावों की निंदा करते हुए इसे एक बेहद खराब निर्णय बताया, जबकि पूर्व कप्तान रमीज राजा ने इसे जल्दबाजी में उठाया गया कदम करार दिया।
इंग्लैंड सीरीज ने बढ़ाई PCB की परेशानी
पाकिस्तान का इंग्लैंड दौरा टीम के लिए बेहद खराब रहा। पहले दो टेस्ट मैचों में टीम को भारी हार मिली और बल्लेबाजी तथा फील्डिंग दोनों पर सवाल उठे।
पहले टेस्ट में पाकिस्तान पारी और 103 रन से हारा, जबकि दूसरे टेस्ट में उसे 194 रन से शिकस्त मिली। दोनों मैचों में किसी भी पारी में पाकिस्तान की बल्लेबाजी 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी।
ऐसे प्रदर्शन के बाद PCB ने टीम में व्यापक बदलाव का फैसला किया। अब तीसरे टेस्ट से पहले कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों दोनों में बदलाव हो चुके हैं।
इसी बीच फील्डिंग कोच की भर्ती का विज्ञापन सामने आना बताता है कि बोर्ड सपोर्ट स्टाफ के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया भी तेज करना चाहता है।
PCB के लिए नई नियुक्ति की चुनौतियां
नए फील्डिंग कोच के सामने पहली चुनौती खिलाड़ियों को केवल कैचिंग और थ्रोइंग की ट्रेनिंग देना नहीं होगी। उसे टीम के भीतर फील्डिंग की संस्कृति विकसित करनी होगी।
आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों की फिटनेस, रिएक्शन टाइम, पोजिशनिंग, थ्रो की सटीकता और मैच की परिस्थिति के अनुसार फील्ड सेट करना सभी महत्वपूर्ण हैं।
PCB ने जिस तरह गेम एनालिसिस और प्लेयर डेवलपमेंट को विज्ञापन में शामिल किया है, उससे संकेत मिलता है कि वह नियुक्त होने वाले कोच से व्यापक भूमिका की उम्मीद कर रहा है।
उसे यह भी देखना होगा कि कौन सा खिलाड़ी किस फील्डिंग पोजीशन के लिए बेहतर है, किस तरह की गलतियां बार-बार हो रही हैं और अभ्यास के दौरान उन कमियों को कैसे दूर किया जाए।
9 सितंबर पर सबकी नजर
PCB ने आवेदन की अंतिम तारीख 9 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तय की है। इसके बाद उम्मीदवारों की जांच और चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
कौन इस पद पर आता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। लेकिन एक बात तय है कि, जिस नौकरी के विज्ञापन ने सोशल मीडिया पर लोगों को हंसने का मौका दिया है, वह पाकिस्तान क्रिकेट के लिए काफी गंभीर जिम्मेदारी वाला पद है।
फिलहाल PCB ने उम्मीदवार तलाशने का काम शुरू कर दिया है। अब पाकिस्तान क्रिकेट को ऐसा फील्डिंग कोच चाहिए जो LinkedIn की पोस्ट को मैदान पर परिणाम में बदल सके। सोशल मीडिया का मजाक अपनी जगह है, लेकिन अगले कुछ महीनों में इस नियुक्ति की असली परीक्षा स्कोरकार्ड और मैदान पर दिखाई देने वाली फील्डिंग ही होगी।
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