Saturday, 22 August 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
क्या एक iPhone की कीमत इतनी बड़ी हो सकती है? छत्रपति संभाजीनगर में हुई तीन मौतों के पीछे की कहानी राजस्थान के 611 सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं, CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच हुआ बड़ा खुलासा सहायक एवं स्वास्थ्य सेवा दाखिला 2026–27: प्रवेश से पहले मान्यता जांचें छात्र Madras Day 2026: 1639 की व्यापारिक बस्ती से चेन्नई शहर तक सफर, 387 साल में ऐसे बदली मद्रास की पहचान एचआरडीएस इंडिया और जीरो लैंडफिल सॉल्यूशंस की साझेदारी, 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन को मिलेगा नया आयाम ईरान पर ट्रंप का नया वार, Strait of Hormuz को बताया ‘अमेरिकी भूभाग’ का हिस्सा Chhatron Ki Goonj: राहुल गांधी के कार्यक्रम से ठीक पहले पुणे में ABVP-NSUI की भिड़ंत, COEP हॉस्टल में बढ़ा तनाव राष्ट्रपति भवन ने बांग्लादेशी PM तारिक रहमान के स्वागत से जुड़ा ईमेल वापस लिया, भारत दौरे पर बढ़ा सस्पेंस क्या एक iPhone की कीमत इतनी बड़ी हो सकती है? छत्रपति संभाजीनगर में हुई तीन मौतों के पीछे की कहानी राजस्थान के 611 सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं, CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच हुआ बड़ा खुलासा सहायक एवं स्वास्थ्य सेवा दाखिला 2026–27: प्रवेश से पहले मान्यता जांचें छात्र Madras Day 2026: 1639 की व्यापारिक बस्ती से चेन्नई शहर तक सफर, 387 साल में ऐसे बदली मद्रास की पहचान एचआरडीएस इंडिया और जीरो लैंडफिल सॉल्यूशंस की साझेदारी, 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन को मिलेगा नया आयाम ईरान पर ट्रंप का नया वार, Strait of Hormuz को बताया ‘अमेरिकी भूभाग’ का हिस्सा Chhatron Ki Goonj: राहुल गांधी के कार्यक्रम से ठीक पहले पुणे में ABVP-NSUI की भिड़ंत, COEP हॉस्टल में बढ़ा तनाव राष्ट्रपति भवन ने बांग्लादेशी PM तारिक रहमान के स्वागत से जुड़ा ईमेल वापस लिया, भारत दौरे पर बढ़ा सस्पेंस

डेंगू में पपीते के पत्ते: चमत्कारी इलाज या सिर्फ भ्रम? डॉक्टरों ने बताई सच्चाई

डेंगू में पपीते के पत्ते कितने फायदेमंद हैं? क्या यह प्लेटलेट्स बढ़ाने में सच में मदद करते हैं या सिर्फ भ्रम है? जानिए डॉक्टरों की राय, फायदे-नुकसान और जरूरी सावधानियां आसान भाषा में।

डेंगू का नाम आते ही बुखार, कमजोरी और प्लेटलेट्स गिरने की चिंता बढ़ जाती है। ऐसे में हर साल सोशल मीडिया और घर-घर एक ही सलाह सुनाई देती है—पपीते के पत्ते का रस पिएं, प्लेटलेट्स बढ़ जाएंगे। लेकिन क्या यह दावा सच है? डॉक्टर इस बारे में क्या कहते हैं? आइए, आसान भाषा में समझते हैं।

पपीते के पत्तों में क्या है खास?

पपीते के पत्तों में कुछ प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि वे शरीर में प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इसी वजह से कई लोग डेंगू के दौरान इसका सेवन करने लगते हैं। कुछ छोटे अध्ययनों में भी प्लेटलेट्स में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे यह उपाय चर्चा में आया।

पपीते के पत्तों (Carica papaya leaf extract) में कई ऐसे कंपाउंड्स होते हैं जैसे कार्पेन, फ्लेवोनॉइड्स, फेनोलिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स। ये सूजन कम करने, इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और प्लेटलेट्स को बढ़ाने में मदद करते हैं। हाल के सालों में कई छोटे-मोटे क्लिनिकल ट्रायल्स और रिव्यू में यह बात सामने आई है कि डेंगू के मरीजों में पपीते के पत्तों का अर्क प्लेटलेट काउंट को तेजी से रिकवर करने में सहायक होता है।

साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

अगर आप इसको ज्यादा मात्रा में ले लेते हैं तो हल्की उल्टी, दस्त या पेट खराब होना संभव है क्योंकि रस बहुत कड़वा होता है। ज्यादा मात्रा में लेने से एलर्जी या अन्य परेशानी हो सकती है। प्रेग्नेंसी में या कुछ दवाओं के साथ इंटरैक्शन का खतरा भी बताया गया है। इसलिए इसे डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए।

डॉक्टरों की राय क्या है?

डॉक्टरों का कहना है कि पपीते के पत्ते डेंगू का इलाज नहीं हैं। यह कोई जादुई दवा नहीं है जो बीमारी को ठीक कर दे। हां, कुछ मरीजों में प्लेटलेट्स को संभालने में मदद मिल सकती है, लेकिन इसके नतीजे हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। डॉक्टर यह भी स्पष्ट करते हैं कि डेंगू में सबसे जरूरी चीजें हैं—समय पर जांच, पर्याप्त तरल पदार्थ, आराम और डॉक्टर की निगरानी।

सावधानी क्यों जरूरी?

विशेषज्ञों के मुताबिक, पपीते के पत्तों का गलत या ज्यादा सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है। इससे पेट दर्द, उल्टी या एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह खास तौर पर जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

डेंगू में क्या करें, क्या न करें?


• तेज बुखार या प्लेटलेट्स गिरने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
• खूब पानी, नारियल पानी और ORS लें
• दर्द के लिए केवल डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं लें
• घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें |


पपीते के पत्ते डेंगू में सहायक हो सकते हैं, लेकिन इलाज का विकल्प नहीं। डॉक्टरों की मानें तो सही समय पर मेडिकल देखभाल ही डेंगू से सुरक्षित निकलने का सबसे भरोसेमंद तरीका है। घरेलू उपाय अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है, ताकि फायदा हो और नुकसान न हो।

यह भी पढ़े : जानिए लंच के बाद क्यों आती है इतनी नींद? डॉक्टर ने बताई असली वजह

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।