उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या धाम और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग में नॉन‑वेज खाने पर बैन लगाया। यह रोक दुकानों, होटलों और ऑनलाइन डिलीवरी ऐप्स पर भी लागू है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में अयोध्या धाम और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के आसपास नॉन‑वेज (मांसाहारी) खाने की बिक्री और डिलीवरी पर प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह कदम इलाके की धार्मिक और सांस्कृतिक पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। अयोध्या, जो राम जन्मभूमि के लिए प्रसिद्ध है, यहां हर साल लाखों तीर्थयात्री आते हैं। ऐसे में प्रशासन ने यह फैसला किया कि इस क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल बनाए रखना बेहद जरूरी है।
प्रतिबंध का दायरा और ऑनलाइन डिलीवरी पर असर
सरकार ने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध केवल दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स जैसे Zomato, Swiggy और अन्य ऐप्स पर भी लागू होगा। इसका मतलब है कि राम मंदिर और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के 15 किलोमीटर के दायरे में कोई भी व्यक्ति नॉन वेज खाना ऑनलाइन ऑर्डर नहीं कर पाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन डिलीवरी पर भी रोक लगाने का उद्देश्य यह है कि किसी भी तरह से नॉन वेज खाने का प्रचलन इस धार्मिक क्षेत्र में न बढ़े। प्रशासन ने सभी होटल, होमस्टे और रेस्टोरेंट संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे इस नियम का पालन करें। नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
प्रशासन का उद्देश्य और स्थानीय प्रतिक्रिया
अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने के लिए लिया गया है। अयोध्या और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के आसपास रहने वाले लोग और तीर्थयात्री इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे इलाके में शांति और धार्मिक माहौल बनाए रखने में मदद मिलेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नॉन वेज खाने की खुले में बिक्री और डिलीवरी से इलाके में कई बार असहज स्थिति पैदा होती थी। अब यह प्रतिबंध उन परिस्थितियों को नियंत्रित करने में मदद करेगा। तीर्थयात्रियों का कहना है कि मंदिर के आसपास धार्मिक और पवित्र वातावरण बनाए रखना बहुत जरूरी है, और सरकार का यह कदम इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम अयोध्या और उसके आसपास के इलाके को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से सुरक्षित और पवित्र बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। राम मंदिर और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के आसपास यह नियम तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए सकारात्मक है।
इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि सरकार धार्मिक स्थलों की पवित्रता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता को बनाए रखने में गंभीर है। आने वाले समय में इस क्षेत्र में आने वाले तीर्थयात्री और स्थानीय लोग इस नियम का पालन करेंगे और इससे अयोध्या में सुरक्षित, शांतिपूर्ण और धार्मिक वातावरण कायम रहेगा।
इस तरह, अयोध्या प्रशासन ने धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से यह सुनिश्चित किया है कि तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए माहौल सुरक्षित और पवित्र रहे।
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