Wednesday, 07 October 2026
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EPS-95 पेंशनर्स का 5 अगस्त को जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन

EPS-95 पेंशनर्स ने न्यूनतम ₹7,500 मासिक पेंशन, महंगाई भत्ता, निःशुल्क चिकित्सा सुविधा और उच्च पेंशन योजना लागू करने की मांग उठाई

नई दिल्ली: देशभर के EPS-95 पेंशनर्स अपनी लंबित मांगों को लेकर 5 अगस्त 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे। इस आंदोलन का आह्वान EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने किया है। समिति का आरोप है कि वर्षों से ज्ञापन, वार्ता, शांतिपूर्ण प्रदर्शन और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाने के बावजूद अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है।

पेंशनर्स की प्रमुख मांगों में न्यूनतम ₹7,500 मासिक पेंशन, महंगाई भत्ते (डीए) का लाभ, पेंशनर दंपतियों के लिए निःशुल्क चिकित्सा सुविधा तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के अनुरूप पात्र पेंशनर्स को उच्च पेंशन का लाभ शामिल है।

दिल्ली प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राऊत ने कहा कि देश के लगभग 81 लाख EPS-95 पेंशनर्स पिछले दस वर्षों से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं। उनके अनुसार सरकार ने कई बार सकारात्मक संकेत दिए, लेकिन अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं होने से पेंशनर्स में निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है।

EPS-95 पेंशन बढ़ाने को 5 अगस्त का प्रदर्शन

EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राऊत ने बताया कि 1 जुलाई 2026 को कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि यदि केंद्र सरकार एक महीने के भीतर EPS-95 पेंशन बढ़ाने की घोषणा नहीं करती, तो 5 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में अधिकांश EPS-95 पेंशनर्स को औसतन केवल ₹1,171 प्रतिमाह पेंशन मिल रही है, जो मौजूदा महंगाई के दौर में सम्मानजनक जीवन के लिए पर्याप्त नहीं है। बढ़ती स्वास्थ्य सेवाओं की लागत, दवाइयों के खर्च और आवश्यक वस्तुओं की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण लाखों वरिष्ठ नागरिक आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

कमांडर राऊत ने कहा कि वर्षों पहले तय की गई ₹1,000 की न्यूनतम पेंशन आज पूरी तरह अप्रासंगिक हो चुकी है। समिति का मानना है कि निजी क्षेत्र में दशकों तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। इसलिए ₹7,500 न्यूनतम मासिक पेंशन, महंगाई भत्ता (DA) और बेहतर सामाजिक सुरक्षा की मांग समय की आवश्यकता है।

महंगाई भत्ता नहीं मिलने से घट रही पेंशन की वास्तविक कीमत

EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति का कहना है कि पेंशन निर्धारित होने के बाद उसमें महंगाई के अनुरूप संशोधन का कोई प्रभावी प्रावधान नहीं है। इसके कारण समय के साथ पेंशन की वास्तविक क्रय-शक्ति लगातार कम होती गई है। समिति का मानना है कि यदि महंगाई भत्ता (DA) जोड़ा जाए, तो पेंशनर्स की आय बढ़ती महंगाई के अनुरूप बनी रह सकेगी।

निःशुल्क चिकित्सा सुविधा को बताया सामाजिक सुरक्षा का आधार

राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राऊत ने कहा कि बड़ी संख्या में EPS-95 पेंशनर्स और उनके जीवनसाथी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। लगातार बढ़ते चिकित्सा खर्च वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं। इसलिए पेंशनर दंपतियों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा होना चाहिए।

उच्च पेंशन पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश लागू करने की मांग

समिति ने आरोप लगाया कि 4 अक्टूबर 2016 और 4 नवंबर 2022 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसलों के बावजूद अनेक पात्र पेंशनर्स को अब तक उच्च पेंशन (Higher Pension) का लाभ नहीं मिला है। समिति ने सरकार और EPFO से न्यायालय के निर्देशों का शीघ्र पालन करने की मांग की।

सरकार को सौंपे जा चुके हैं कई ज्ञापन

समिति के अनुसार प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, श्रम एवं रोजगार मंत्री, सांसदों और वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपे गए हैं। इसके साथ ही EPS-95 पेंशन वृद्धि के लिए वित्तीय संसाधनों और व्यवहारिक विकल्पों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी सरकार के समक्ष रखा गया है।

मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज

समिति ने कहा कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तो कोलकाता में लिए गए निर्णय के अनुसार देशभर में EPFO कार्यालयों पर तालाबंदी, जेल भरो आंदोलन, आमरण अनशन और चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन चलाए जाएंगे। प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह राजावत, राष्ट्रीय मुख्य समन्वयक रमाकांत नरगुंड सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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