Friday, 14 August 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
Alfred Hitchcock’s Birth Anniversary: डर को सिनेमा की भाषा बनाने वाले अल्फ्रेड हिचकॉक की कहानी, जानिए उनकी 7 महान फिल्मों की खासियत MERI Group को टॉप 100 MSMEs अवॉर्ड 2026 में वक्ता आमंत्रण हसन महमूद का ऑस्ट्रेलिया में तूफान, 6 विकेट लेकर रचा इतिहास! 198 पर ढेर हुई कंगारू मौर्य, गुप्त और पाल काल से मिथिला कला तक, बिहार संग्रहालय में सजा बिहार का इतिहास नांदेड़ के गुरुद्वारे में सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमला! हाथ में लगी चोट, सुरक्षाकर्मियों की सूझबूझ से बची जान भारतीय रेलवे में नया प्रयोग, भारत की पहली ‘ब्रांडेड ट्रेन’ बनी Sprite Tejas Express मुजफ्फरनगर दंगा केस में 25 बीजेपी नेताओं और हिंदू कार्यकर्ताओं को बड़ी राहत, कोर्ट ने मुकदमा वापस लेने की दी मंजूरी नारा लोकेश के ‘राष्ट्र प्रथम’ विचार से प्रेरित होकर सांसद विजय चिंताकायला ने अपना पहला वेतन सशस्त्र बलों को दान किया Alfred Hitchcock’s Birth Anniversary: डर को सिनेमा की भाषा बनाने वाले अल्फ्रेड हिचकॉक की कहानी, जानिए उनकी 7 महान फिल्मों की खासियत MERI Group को टॉप 100 MSMEs अवॉर्ड 2026 में वक्ता आमंत्रण हसन महमूद का ऑस्ट्रेलिया में तूफान, 6 विकेट लेकर रचा इतिहास! 198 पर ढेर हुई कंगारू मौर्य, गुप्त और पाल काल से मिथिला कला तक, बिहार संग्रहालय में सजा बिहार का इतिहास नांदेड़ के गुरुद्वारे में सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमला! हाथ में लगी चोट, सुरक्षाकर्मियों की सूझबूझ से बची जान भारतीय रेलवे में नया प्रयोग, भारत की पहली ‘ब्रांडेड ट्रेन’ बनी Sprite Tejas Express मुजफ्फरनगर दंगा केस में 25 बीजेपी नेताओं और हिंदू कार्यकर्ताओं को बड़ी राहत, कोर्ट ने मुकदमा वापस लेने की दी मंजूरी नारा लोकेश के ‘राष्ट्र प्रथम’ विचार से प्रेरित होकर सांसद विजय चिंताकायला ने अपना पहला वेतन सशस्त्र बलों को दान किया

दिल्ली होटल अग्निकांड: लालच की ‘भट्ठी’ में झुलसीं 21 जिंदगियां, मुख्य आरोपी बोला- ‘दिल्ली में सब चलता है’, रसोइया गिरफ्तार

आरोपी रसोइया केशव

रसोइए ने बंद किया बिजली का मेन स्विच, लॉक हो गए इलेक्ट्रॉनिक दरवाजे, तड़पते रहे मासूम, सबसे पहले भागा स्टाफ

नई दिल्ली, न्यूज ऑफ द डे

देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ‘फ्लरिश स्टे’ होटल में हुआ भीषण अग्निकांड महज एक हादसा नहीं, बल्कि इंसानी लालच और प्रशासनिक अनदेखी का जीवंत उदाहरण बन गया है। 3 जून की सुबह इस संकरी पांच मंजिला इमारत में लगी आग ने 13 विदेशी नागरिकों सहित कुल 21 मासूम लोगों को असमय काल के गाल में धकेल दिया। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी होटल मालिक लवकेश बजाज के बाद अब रसोईघर के मुख्य रसोइए केशव नेगी को भी गिरफ्तार कर लिया है। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे रोंगटे खड़े करने वाले हैं।

लापरवाही का क्रूर सच: रसोइए के एक कदम ने होटल को बनाया ‘गैस चैंबर’

पुलिस तफ्तीश में यह भयावह खुलासा हुआ है कि ग्राउंड फ्लोर पर स्थित रेस्टोरेंट के किचन में जब इलेक्ट्रिक चूल्हा जलाया गया, तो उसमें अचानक जोरदार धमाका हुआ। आग लगते ही रसोइया केशव नेगी घबरा गया। नेगी ने विवेक खोकर पूरे होटल की बिजली का मेन स्विच (Main Switch) बंद कर दिया और खुद भाग निकला। बिजली कटते ही होटल के सभी आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक दरवाजे (Automatic Doors) खुद ब खुद लॉक हो गए। धुएं के गुबार के बीच कमरे लॉक होने के कारण अंदर रुके हुए लोग चाहकर भी बाहर नहीं निकल पाए। जब लोग भीतर जीवन की भीख मांग रहे थे, तब होटल का समूचा स्टाफ अपनी जान बचाकर सबसे पहले रफूचक्कर हो चुका था।

‘दिल्ली में सब चलता है’— व्यवस्था पर रसूख का तमाचा

चार दिन की पुलिस रिमांड पर चल रहे मुख्य आरोपी लवकेश बजाज से जब पुलिस ने पूछा कि दिल्ली सरकार की ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ नीति के तहत सिर्फ 6 कमरों की अनुमति होने के बावजूद वह बेसमेंट सहित 25 कमरे कैसे चला रहा था? और उसके पास ‘फायर एनओसी’ (Fire NOC) क्यों नहीं थी? इस पर आरोपी ने बेहद बेशर्मी से जवाब दिया- “दिल्ली में सब चलता है।” यह वाक्य हमारी समूची विनियामक व्यवस्था और भ्रष्टाचार के गठजोड़ पर करारा तमाचा है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि जब होटल धू-धू कर जल रहा था, तब बजाज अपनी कार से वहीं से गुजरा था, लेकिन वह मदद करने के बजाय डरकर भाग गया और दिनभर शहर में छिपता रहा।

हादसे के दिन ही लाइसेंस रिन्यू कराने की कोशिश

जांच में सामने आया है कि ग्राउंड फ्लोर पर चल रहे कारोबार का लाइसेंस 31 मार्च को ही खत्म हो चुका था। उसके बाद 3 जून को होटल में आग लगी थी जिसके बाद कार्रवाई से बचने के लिए होटल के मालिक ने जिस दिन होटल में आग लगी उसी दिन आग लगने के एक घंटे बाद लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए अप्लाई किया। साथ ही फीस भी जमा करवाई, लेकिन बाद में विभाग ने इसे खारिज कर दिया।

चाय-नाश्ते के लाइसेंस से चल रहा था पूरा रेस्तरां

सूत्रों के अनुसार लवकेश बजाज के नाम पर केवल चाय और नाश्ते की दुकान के लिए लाइसेंस जारी किया गया था। इस तरह के लाइसेंस में ग्राहकों के बैठने की अनुमति नहीं होती। लेकिन जांच में पता चला कि यहां पूरा रेस्तरां संचालित किया जा रहा था। वहीं एक और बात सामने आई कि चाय-नाश्ते का लाइसेंस लवकेश बजाज के नाम पर था, जबकि बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) सुविधा के संचालन का लाइसेंस किसी दूसरी एजेंसी ने जय मिश्रा के नाम जारी किया गया था।

सूत्र के अनुसार 8 महीने पहले ही एमसीडी की टीम ने होटल का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला था कि लाइसेंस की शर्तों के खिलाफ वहां रेस्तरां चलाया जा रहा है। रिपोर्ट में नियमों के उल्लंघन की बात भी सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद किसी तरह की सख्त कार्रवाई नहीं की गई।

100 मीटर के दायरे में चल रही थीं तीन ‘अवैध भट्टियां’

जांच में सामने आया है कि इस पूरे वीवीआईपी इलाके के 500 मीटर के दायरे में करीब 10 होटल धड़ल्ले से चल रहे हैं। आरोपी लवकेश बजाज अपने पार्टनर्स के साथ मिलकर इसी 100 मीटर के दायरे में तीन होटल (फ्लरिश स्टे, फ्लरिश इन गेस्ट हाउस और ग्रीन रेजीडेंसी) संचालित कर रहा था। इन तीनों होटलों का पैटर्न एक जैसा है- बेसमेंट में अवैध किचन, संकरी जगह, वेंटिलेशन का पूरी तरह अभाव और आपातकालीन निकास (Emergency Exit) का नामोनिशान नहीं।

फरार अकाउंटेंट की तलाश में बिहार पहुंची पुलिस

इस काले कारोबार का वित्तीय और प्रशासनिक ताना-बाना संभालने वाले मुख्य अकाउंटेंट जय मिश्रा की तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हैं। पर्यटन विभाग का आधिकारिक लाइसेंस भी जय मिश्रा के नाम पर ही दर्ज था। घटना के बाद से ही वह फरार है, जिसकी लोकेशन ट्रेस करते हुए दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम को बिहार भेजा गया है।

दिल्ली में सुरक्षा भगवान भरोसे: 6 साल में 543 मौतें

यह अग्निकांड दिल्ली की ‘अग्निशमन व्यवस्था’ की पोल खोलता है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2019 से मार्च 2026 के बीच दिल्ली में आग लगने की घटनाओं में 543 लोगों की मौत हो चुकी है। अकेले वर्ष 2026 के शुरुआती 6 महीनों में ही यह आंकड़ा 65 मौतों तक पहुंच गया है, जिसमें हाल ही में विवेक विहार और पालम में हुए हादसे भी शामिल हैं। दिल्ली फायर सर्विस को मिलने वाली आपातकालीन कॉल्स की संख्या भी इन्हीं 6 वर्षों में 17,231 से बढ़कर 20,379 हो चुकी है, जो स्पष्ट करती है कि राजधानी में बारूद के ढेर पर जिंदगी बसर हो रही है।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
IK

Imran Khan

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।