मोदी सरकार के नेतृत्व में खेल और पैरा खेलों में भारत की वैश्विक पहचान हुई मजबूत: पारुल सिंह

पैरालंपिक पदकों में वृद्धि से लेकर ग्रामीण प्रतिभाओं को अवसर देने तक, पिछले 12 वर्षों में खेल क्षेत्र में हुए व्यापक बदलावों की सराहना

नई दिल्ली: दिल्ली राज्य पैरा ओलंपिक समिति की अध्यक्ष पारुल सिंह ने मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर कहा कि बेहतर खेल सुविधाओं, मजबूत सरकारी नीतियों और खिलाड़ियों को मिले व्यापक समर्थन के कारण भारत ने खेल तथा पैरा खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेल देश के विकास का एक महत्वपूर्ण आधार बने हैं। प्रशिक्षण सुविधाओं में निवेश, प्रतिभाओं की पहचान और खिलाड़ियों को निरंतर सहयोग मिलने से भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

पैरा खेलों पर बात करते हुए पारुल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा “दिव्यांग” शब्द को अपनाने से दिव्यांगजनों को सम्मानजनक पहचान मिली और खेलों के प्रति अधिक समावेशी सोच को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि इस सोच को बेहतर वित्तीय सहायता, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और देशभर के पैरा खिलाड़ियों के लिए बढ़े हुए सहयोग के माध्यम से मजबूती दी गई है।

उन्होंने कहा, “आज इसके परिणाम स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत के पैरालंपिक पदकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और हमारे पैरा खिलाड़ी विश्व मंच पर पदक जीतकर तथा नए कीर्तिमान स्थापित कर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।”

पारुल सिंह ने खेलो इंडिया और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) जैसी पहलों के माध्यम से देशभर में खेल अवसंरचना के विस्तार की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक स्टेडियम, हाई-परफॉर्मेंस सेंटर, सिंथेटिक ट्रैक और उन्नत प्रशिक्षण सुविधाओं ने शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए भी नए अवसर पैदा किए हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी आज ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेल, कॉमनवेल्थ खेल और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर लगातार सफलता हासिल कर रहे हैं, जो एक मजबूत खेल राष्ट्र के रूप में भारत की बढ़ती क्षमता का प्रमाण है।

पारुल सिंह ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में भारत ने केवल खेल अवसंरचना में ही नहीं, बल्कि अपने खिलाड़ियों के सपनों में भी निवेश किया है। भारतीय खेलों की प्रगति और पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धियां समावेशी नीतियों तथा दूरदर्शी योजना का परिणाम हैं। विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ते हुए खेल क्षेत्र युवाओं को प्रेरित करने और राष्ट्रीय गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का काम करता रहेगा।”

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