स्वतंत्रता दिवस 2026 से पहले 1,057 कर्मियों के लिए वीरता और सेवा पदकों की घोषणा हुई। इनमें 301 वीरता, 92 राष्ट्रपति विशिष्ट और 664 सराहनीय सेवा पदक शामिल हैं।
नई दिल्ली: देश 15 अगस्त को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। इससे एक दिन पहले केंद्र सरकार ने पुलिस, अग्निशमन सेवा, होम गार्ड एवं नागरिक सुरक्षा और सुधार सेवा से जुड़े कर्मियों के लिए वीरता और सेवा पदकों की घोषणा की है। कुल 1,057 कर्मियों को स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर विभिन्न पदकों से सम्मानित किया गया है।
इनमें उन कर्मियों को भी सम्मान मिला है जिन्होंने कठिन और जोखिम भरी परिस्थितियों में लोगों की जान-माल की रक्षा की, अपराध रोकने या अपराधियों को पकड़ने में साहस दिखाया और लंबे समय तक अपने कर्तव्यों का उल्लेखनीय तरीके से निर्वहन किया।
गृह मंत्रालय की ओर से 14 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस साल 301 वीरता पदक, 92 राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक और 664 सराहनीय सेवा पदक दिए गए हैं। सरकार ने इन सभी पुरस्कारों की राज्य और बलवार सूची भी जारी की है।
कुल 1,057 कर्मियों को मिला सम्मान
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर घोषित इन पदकों में तीन प्रमुख श्रेणियां शामिल हैं। पहली श्रेणी वीरता पदक (मेडल फॉर गैलेंट्री) की है, दूसरी राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक और तीसरी सराहनीय सेवा पदक की।
इस वर्ष कुल 1,057 पुरस्कारों का ब्योरा इस प्रकार है:
- वीरता पदक – 301
- राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक – 92
- सराहनीय सेवा पदक – 664
गृह मंत्रालय ने इन पुरस्कारों के लिए अलग-अलग सूचियां जारी की हैं। वीरता पदक पाने वालों की सूची को सूची-I, राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक पाने वालों को सूची-II और सराहनीय सेवा पदक पाने वालों को सूची-III में रखा गया है। इसके अलावा राज्य और बल के अनुसार पूरी सूची भी सूची-IV में उपलब्ध कराई गई है।
301 कर्मियों को वीरता के लिए सम्मान
इस साल घोषित 301 वीरता पदकों में 272 पुलिस कर्मी और 29 अग्निशमन सेवा कर्मी शामिल हैं।
वीरता पदक ऐसे असाधारण साहसिक कार्यों के लिए दिया जाता है जिनमें किसी व्यक्ति ने अपनी ड्यूटी निभाते हुए जान और संपत्ति बचाने, अपराध रोकने या अपराधियों को पकड़ने में उल्लेखनीय जोखिम उठाया हो। यानी यह पदक केवल लंबे समय तक अच्छी सेवा देने के लिए नहीं, बल्कि किसी विशेष साहसिक कार्रवाई की पहचान के रूप में दिया जाता है।
इन 301 वीरता पुरस्कारों में सबसे बड़ा हिस्सा उन कर्मियों का है जिन्होंने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दीं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ऐसे क्षेत्रों में काम करने वाले 197 कर्मियों को वीरता पदक मिला है।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र से 51, पूर्वोत्तर क्षेत्र 12, अन्य क्षेत्र 41 कर्मियों को उनके साहसिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है। यह आंकड़ा बताता है कि देश के उन क्षेत्रों में काम करने वाले सुरक्षा और सेवा कर्मियों के सामने किस तरह की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां रहती हैं, जहां उग्रवाद, आतंकवाद या अन्य सुरक्षा जोखिम मौजूद रहे हैं।
वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के 197 कर्मियों को सम्मान
वीरता पदकों में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के 197 कर्मियों की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। इन इलाकों में पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मियों को अक्सर दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, सशस्त्र हमलों और अचानक पैदा होने वाले सुरक्षा खतरों के बीच काम करना पड़ता है।
ऐसे क्षेत्रों में किसी अभियान के दौरान केवल अपराधियों या उग्रवादियों से मुकाबला ही चुनौती नहीं होता, बल्कि जवानों और अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों, कठिन इलाकों और सीमित संसाधनों के बीच भी अपना काम करना पड़ता है।
जम्मू-कश्मीर के 51 कर्मियों को भी वीरता पदक
इस बार जम्मू-कश्मीर क्षेत्र से जुड़े 51 कर्मियों को वीरता पदक दिया गया है। जम्मू-कश्मीर लंबे समय से सुरक्षा बलों और पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण क्षेत्र रहा है।
आतंकवाद विरोधी अभियानों, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा के दौरान पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों को कई बार जान का जोखिम उठाना पड़ता है। इस श्रेणी में मिले पदक ऐसे ही साहसिक कार्यों की सरकारी मान्यता को दर्शाते हैं।
वहीं पूर्वोत्तर क्षेत्र से 12 कर्मियों और देश के अन्य क्षेत्रों से 41 कर्मियों को भी उनके साहसिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है।
92 अधिकारियों को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक
वीरता के अलावा इस साल 92 राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक भी दिए गए हैं। यह पदक किसी एक साहसिक घटना के बजाय विशेष और विशिष्ट सेवा रिकॉर्ड के लिए दिया जाता है। यानी जिन अधिकारियों या कर्मियों ने अपने पूरे सेवाकाल में असाधारण स्तर की जिम्मेदारी, नेतृत्व और समर्पण दिखाया है, उन्हें इस श्रेणी में सम्मानित किया जाता है।
इन 92 पदकों में पुलिस सेवा (83), अग्निशमन सेवा (4), नागरिक सुरक्षा एवं होम गार्ड (3), सुधार सेवा (2) शामिल हैं। इससे साफ है कि राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदकों में पुलिस सेवा का हिस्सा सबसे अधिक है।
664 कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक
तीसरी श्रेणी में 664 सराहनीय सेवा पदक दिए गए हैं। यह पदक ऐसे कर्मियों को दिया जाता है जिनकी सेवा में उपयोगी पहल, कर्तव्य के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी दिखाई देती है।
इस श्रेणी में 606 पुलिस कर्मियों, 28 अग्निशमन सेवा कर्मियों, 18 नागरिक सुरक्षा एवं होम गार्ड कर्मियों, 12 सुधार सेवा कर्मियों को शामिल किया गया है।
यह श्रेणी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी भी पुलिस या सुरक्षा व्यवस्था की सफलता केवल किसी एक बड़े ऑपरेशन पर निर्भर नहीं करती। रोजमर्रा की ड्यूटी, कानून-व्यवस्था, जांच, नागरिकों की सहायता, आपात स्थिति में प्रतिक्रिया और संस्थागत जिम्मेदारियों का लगातार बेहतर तरीके से निर्वहन भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।
अग्निशमन सेवा के कर्मियों को भी मिला सम्मान
इस साल के पुरस्कारों में अग्निशमन सेवा की भूमिका भी सामने आई है। कुल 29 अग्निशमन सेवा कर्मियों को वीरता पदक मिला है।
इसके अलावा चार अग्निशमन कर्मियों को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक और 28 कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक दिया गया है।
आग लगने, इमारतों में फंसे लोगों को बचाने, औद्योगिक दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में फायर सर्विस कर्मियों को अक्सर अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना लोगों की जान बचाने के लिए आगे बढ़ना पड़ता है। वीरता पदकों में उनका शामिल होना इस जोखिम भरी सेवा की मान्यता भी है।
होम गार्ड, नागरिक सुरक्षा और सुधार सेवा भी सूची में शामिल
इस साल के पुरस्कारों का दायरा केवल पुलिस और फायर सर्विस तक सीमित नहीं है। होम गार्ड एवं नागरिक सुरक्षा और सुधार सेवा से जुड़े कर्मियों को भी सेवा पदकों से सम्मानित किया गया है।
राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक में नागरिक सुरक्षा एवं होम गार्ड के तीन और सुधार सेवा के दो कर्मी शामिल हैं। वहीं सराहनीय सेवा पदक में नागरिक सुरक्षा एवं होम गार्ड के 18 और सुधार सेवा के 12 कर्मियों को सम्मान मिला है।
सभी सम्मान के उद्देश्य खास
अक्सर वीरता और सेवा पदकों को एक ही तरह का सम्मान समझ लिया जाता है, लेकिन दोनों का उद्देश्य अलग है।
वीरता पदक किसी विशेष साहसिक कार्य के लिए दिया जाता है। इसमें जान-माल बचाने, अपराध रोकने या अपराधियों को पकड़ने के दौरान उठाया गया जोखिम महत्वपूर्ण होता है।
राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक किसी कर्मी के विशेष और विशिष्ट सेवा रिकॉर्ड को मान्यता देता है।
वहीं सराहनीय सेवा पदक ऐसे मूल्यवान कार्य और सेवा को सम्मानित करता है जिसमें संसाधनशीलता और कर्तव्य के प्रति समर्पण दिखाई देता है। गृह मंत्रालय ने 2026 के पुरस्कारों के लिए इन्हीं मानदंडों के आधार पर तीनों श्रेणियों में सम्मान घोषित किए हैं।
स्वतंत्रता दिवस से पहले क्यों जारी होती है घोषणा?
स्वतंत्रता दिवस देश के लिए केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन लोगों के योगदान को याद करने का अवसर भी है जो देश और नागरिकों की सुरक्षा में लगातार अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।
15 अगस्त से पहले वीरता और सेवा पदकों की घोषणा इसी व्यापक परंपरा का हिस्सा है। इन सम्मानों के जरिए असाधारण साहस और लंबे समय तक की गई समर्पित सेवा को सार्वजनिक रूप से पहचान मिलती है।
इस साल की घोषणा भी ऐसे समय हुई है जब देश 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है। केंद्र सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को नई दिल्ली के लाल किले से स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे।
सिर्फ पदक नहीं, सेवा और साहस की पहचान
2026 के इन 1,057 पदकों को केवल पुरस्कारों की संख्या के रूप में देखना इस घोषणा की पूरी तस्वीर नहीं बताता। 301 वीरता पदक उन जोखिम भरे क्षणों की पहचान हैं, जब पुलिस और फायर सर्विस कर्मियों ने लोगों की सुरक्षा के लिए असाधारण साहस दिखाया।
वहीं 92 राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक और 664 सराहनीय सेवा पदक इस बात को रेखांकित करते हैं कि सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में लगातार और समर्पित सेवा की भी उतनी ही अहम भूमिका है।
खास तौर पर वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के 197 कर्मियों, जम्मू-कश्मीर के 51 कर्मियों, पूर्वोत्तर के 12 कर्मियों और अन्य क्षेत्रों के 41 कर्मियों को मिला वीरता सम्मान यह दिखाता है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग चुनौतियों के बीच काम करने वाले कर्मियों के योगदान को इस बार की सूची में प्रमुख स्थान मिला है।
स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर घोषित ये 1,057 सम्मान इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनके पीछे केवल पद या वर्दी नहीं, बल्कि कर्तव्य, जोखिम, साहस और वर्षों की सेवा की कहानी है। इनमें से हर नाम उस जिम्मेदारी की याद दिलाता है, जो पुलिस, फायर सर्विस, नागरिक सुरक्षा, होम गार्ड और सुधार सेवाओं के कर्मी हर दिन निभाते हैं।
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