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HRDS INDIA का ‘साधग्रह’ प्रोजेक्ट: ढेंकनाल में 100 आदिवासी परिवारों को मिले पक्के और जलवायु-अनुकूल आवास

ढेंकनाल (ओडिशा), 28 फरवरी 2026

HRDS INDIA ने अपने ‘साधग्रह’ प्रोजेक्ट के अंतर्गत ढेंकनाल जिले के अनलाबेरनी गांव में 100 आदिवासी परिवारों को स्थायी, पर्यावरण-अनुकूल और जलवायु-संवेदनशील घर सौंपे। इस पहल का उद्देश्य उन भूमिधारी आदिवासी परिवारों को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराना है, जिनके पास अब तक पक्के घर नहीं थे।

चाबी वितरण समारोह में संगठन के अध्यक्ष गुरु आत्मा नांबी, जिला प्रशासन के अधिकारी, संगठन के प्रतिनिधि और लाभार्थी परिवार उपस्थित रहे। इस परियोजना के माध्यम से परिवारों ने अस्थायी ढांचों से सुरक्षित और सम्मानजनक आवास की ओर कदम बढ़ाया है।

प्रत्येक 370 वर्ग फुट का आवास पूर्ण रूप से सुसज्जित है और प्री-फैब्रिकेटेड, जलवायु-रोधी तथा पर्यावरण-अनुकूल सामग्री से निर्मित है। इन घरों का डिजाइन स्थानीय आदिवासी जीवनशैली और सांस्कृतिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। परियोजना विशेष रूप से ढेंकनाल जिले के जुआंग और मुंडा समुदाय सहित वंचित आदिवासी समूहों में आवास संबंधी चुनौतियों को संबोधित करती है।

गुरु आत्मा नांबी ने कहा, “साधग्रह केवल घर बनाने की योजना नहीं है, बल्कि यह आदिवासी परिवारों की गरिमा बहाल करने और उन्हें सुरक्षित आधार देने का प्रयास है। हर स्थायी घर बेहतर स्वास्थ्य, बच्चों की निरंतर शिक्षा और आर्थिक स्थिरता की शुरुआत करता है। जब परिवार के पास सुरक्षित छत होती है, तो वह आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य का निर्माण करता है।”

संस्थापक एवं सचिव अजी कृष्णन ने कहा, “हम शहरी संसाधनों को ग्रामीण आवश्यकताओं से जोड़ रहे हैं। आदिवासी आवास को दीर्घकालिक राष्ट्र-निर्माण के निवेश के रूप में देखा जाना चाहिए। मजबूत CSR और ESG आधारित साझेदारियों के माध्यम से हम प्रभाव को जिम्मेदारी के साथ बढ़ा सकते हैं और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा सकते हैं।”

संगठन के अनुसार, देश के विभिन्न आदिवासी क्षेत्रों में हजारों घरों के निर्माण के बाद अब लक्ष्य सार्वजनिक उपक्रमों, कॉरपोरेट CSR कार्यक्रमों और राज्य सरकारों के सहयोग से प्रतिवर्ष 10,000 से अधिक आवास उपलब्ध कराने का है।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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