Sunday, 02 August 2026
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अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और शोध साझेदारी को लेकर भारत-उज्बेक अकादमिक संवाद आयोजित

पर्यावरण निगरानी, अंतरिक्ष तकनीक और शोध सहयोग के जरिए पारंपरिक क्षेत्रों को मजबूत बनाने पर चर्चा

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय शोध और नवाचार सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एमईआरआई सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज ने उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल के साथ उच्चस्तरीय शैक्षणिक बैठक आयोजित की।

प्रतिनिधिमंडल में बुखारा स्टेट यूनिवर्सिटी (BSU) और समरकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी मेडिसिन, लाइवस्टॉक एंड बायोटेक्नोलॉजीज के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इस दौरान भारतीय और उज्बेक शिक्षाविदों ने आधुनिक तकनीकों के माध्यम से खेती और पशुपालन जैसे पारंपरिक क्षेत्रों को सशक्त बनाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।

बैठक का प्रमुख आकर्षण कृषि क्षेत्र में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका रही। एमईआरआई के डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस स्टडीज के चीफ मेंटर एवं डीन लेफ्टिनेंट जनरल पीजेएस पन्नू (सेवानिवृत्त) ने बताया कि सैटेलाइट आधारित तकनीक भूमि विकास, फसल प्रबंधन और पर्यावरण निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

चर्चा के दौरान कई अहम विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया, जिनमें शामिल हैं:

  • प्रिसिजन एग्रीकल्चर: सैटेलाइट तकनीक के माध्यम से फसल उत्पादन और खेती की कार्यक्षमता बढ़ाना।
  • पर्यावरण निगरानी: मिट्टी के विश्लेषण और रियल-टाइम जलवायु मॉनिटरिंग में अंतरिक्ष तकनीक का उपयोग।
  • उन्नत अनुसंधान सहयोग: जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सैन्य अंतरिक्ष अध्ययन के क्षेत्र में संयुक्त शोध की संभावनाएं।

एमईआरआई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के वाइस प्रेसिडेंट प्रो. ललित अग्रवाल और प्रो. रमाकांत द्विवेदी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए वैश्विक अकादमिक साझेदारी और नवाचार-आधारित शोध के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराई।

उज्बेकिस्तान प्रतिनिधिमंडल की ओर से बुखारा स्टेट यूनिवर्सिटी के डॉ. अबरार जुराएव ने कहा कि उनकी यूनिवर्सिटी अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को और विस्तार देने के लिए उत्सुक है। उन्होंने बताया कि बीएसयू एक बहु-विषयक विश्वविद्यालय है, जो लगभग सभी प्रमुख विषयों में शिक्षा प्रदान करता है और वर्तमान में सरकारी सहयोग से तेजी से विस्तार कर रहा है।

समरकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी मेडिसिन, लाइवस्टॉक एंड बायोटेक्नोलॉजीज के वाइस-रेक्टर श्री टोलिप टायलाको ने पशुपालन विकास के लिए आधुनिक अंतरिक्ष आधारित समाधानों को वेटरनरी साइंस के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इसे उज्बेकिस्तान की भविष्य की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।

बैठक के समापन पर प्रो. दानी ने स्पेस स्टडीज में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कार्यक्रम शुरू करने के लिए आपसी समझौते की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल अनुसंधान और कौशल विकास को बढ़ावा देंगे, बल्कि आधुनिक तकनीकी सहयोग के माध्यम से भारत और मध्य एशिया के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को भी और मजबूत करेंगे।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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