Friday, 02 October 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
इन्दिरा आईवीएफ ने चंद्रपुर में नया फर्टिलिटी सेंटर शुरू किया पंजाब कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने छोड़ा प्रदेश अध्यक्ष पद! जानिए इस्तीफे का कारण और पद के प्रबल दावेदार Verity Movie Review: ऐनी हैथवे और डकोटा जॉनसन के दमदार अभिनय के बावजूद कहानी में उलझी फिल्म, जानिए कैसी है साइकोलॉजिकल थ्रिलर ‘वेरिटी’ America-Iran Conflict: मार्को रुबियो ने ईरानी विदेश मंत्री को न्यूयॉर्क छोड़ने का आदेश दिया, बातचीत में गतिरोध के बीच बढ़ी कूटनीतिक तल्खी ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद नीम करोली बाबा पर आएगी नई सीरीज, Sony TV और SonyLIV ने जारी किया पहला प्रोमो INDIA ब्लॉक की EC पर बड़ी रणनीति, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च MERI में छात्रों के लिए साइबर क्राइम और नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम 657 करोड़ के बैंक घोटाले में ‘लव एंगल’ का हुआ खुलासा! डांसर को हर महीने 10 लाख रुपये और विदेश यात्राएं कराता था शाखा प्रबंधक इन्दिरा आईवीएफ ने चंद्रपुर में नया फर्टिलिटी सेंटर शुरू किया पंजाब कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने छोड़ा प्रदेश अध्यक्ष पद! जानिए इस्तीफे का कारण और पद के प्रबल दावेदार Verity Movie Review: ऐनी हैथवे और डकोटा जॉनसन के दमदार अभिनय के बावजूद कहानी में उलझी फिल्म, जानिए कैसी है साइकोलॉजिकल थ्रिलर ‘वेरिटी’ America-Iran Conflict: मार्को रुबियो ने ईरानी विदेश मंत्री को न्यूयॉर्क छोड़ने का आदेश दिया, बातचीत में गतिरोध के बीच बढ़ी कूटनीतिक तल्खी ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद नीम करोली बाबा पर आएगी नई सीरीज, Sony TV और SonyLIV ने जारी किया पहला प्रोमो INDIA ब्लॉक की EC पर बड़ी रणनीति, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च MERI में छात्रों के लिए साइबर क्राइम और नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम 657 करोड़ के बैंक घोटाले में ‘लव एंगल’ का हुआ खुलासा! डांसर को हर महीने 10 लाख रुपये और विदेश यात्राएं कराता था शाखा प्रबंधक

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और शोध साझेदारी को लेकर भारत-उज्बेक अकादमिक संवाद आयोजित

पर्यावरण निगरानी, अंतरिक्ष तकनीक और शोध सहयोग के जरिए पारंपरिक क्षेत्रों को मजबूत बनाने पर चर्चा

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय शोध और नवाचार सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एमईआरआई सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज ने उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल के साथ उच्चस्तरीय शैक्षणिक बैठक आयोजित की।

प्रतिनिधिमंडल में बुखारा स्टेट यूनिवर्सिटी (BSU) और समरकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी मेडिसिन, लाइवस्टॉक एंड बायोटेक्नोलॉजीज के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इस दौरान भारतीय और उज्बेक शिक्षाविदों ने आधुनिक तकनीकों के माध्यम से खेती और पशुपालन जैसे पारंपरिक क्षेत्रों को सशक्त बनाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।

बैठक का प्रमुख आकर्षण कृषि क्षेत्र में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका रही। एमईआरआई के डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस स्टडीज के चीफ मेंटर एवं डीन लेफ्टिनेंट जनरल पीजेएस पन्नू (सेवानिवृत्त) ने बताया कि सैटेलाइट आधारित तकनीक भूमि विकास, फसल प्रबंधन और पर्यावरण निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

चर्चा के दौरान कई अहम विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया, जिनमें शामिल हैं:

  • प्रिसिजन एग्रीकल्चर: सैटेलाइट तकनीक के माध्यम से फसल उत्पादन और खेती की कार्यक्षमता बढ़ाना।
  • पर्यावरण निगरानी: मिट्टी के विश्लेषण और रियल-टाइम जलवायु मॉनिटरिंग में अंतरिक्ष तकनीक का उपयोग।
  • उन्नत अनुसंधान सहयोग: जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सैन्य अंतरिक्ष अध्ययन के क्षेत्र में संयुक्त शोध की संभावनाएं।

एमईआरआई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के वाइस प्रेसिडेंट प्रो. ललित अग्रवाल और प्रो. रमाकांत द्विवेदी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए वैश्विक अकादमिक साझेदारी और नवाचार-आधारित शोध के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराई।

उज्बेकिस्तान प्रतिनिधिमंडल की ओर से बुखारा स्टेट यूनिवर्सिटी के डॉ. अबरार जुराएव ने कहा कि उनकी यूनिवर्सिटी अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को और विस्तार देने के लिए उत्सुक है। उन्होंने बताया कि बीएसयू एक बहु-विषयक विश्वविद्यालय है, जो लगभग सभी प्रमुख विषयों में शिक्षा प्रदान करता है और वर्तमान में सरकारी सहयोग से तेजी से विस्तार कर रहा है।

समरकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी मेडिसिन, लाइवस्टॉक एंड बायोटेक्नोलॉजीज के वाइस-रेक्टर श्री टोलिप टायलाको ने पशुपालन विकास के लिए आधुनिक अंतरिक्ष आधारित समाधानों को वेटरनरी साइंस के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इसे उज्बेकिस्तान की भविष्य की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।

बैठक के समापन पर प्रो. दानी ने स्पेस स्टडीज में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कार्यक्रम शुरू करने के लिए आपसी समझौते की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल अनुसंधान और कौशल विकास को बढ़ावा देंगे, बल्कि आधुनिक तकनीकी सहयोग के माध्यम से भारत और मध्य एशिया के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को भी और मजबूत करेंगे।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।