Karnataka CM Oath Ceremony : डीके शिवकुमार ने ली कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री पद की शपथ, कैबिनेट में शामिल हुए 14 मंत्री

Karnataka CM Oath Ceremony

डीके शिवकुमार ने 3 जून (बुधवार) को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नई सरकार में 14 मंत्रियों ने भी शपथ लेकर कैबिनेट में जगह बनाई है। जानें सभी मंत्रियों के नाम और उनके मंत्रालय

कर्नाटक की राजनीति में 3 जून (बुधवार) को बड़े बदलाव के रूप में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राजधानी बेंगलुरु के लोक भवन में आयोजित इस भव्य समारोह में उन्होंने संविधान की प्रति हाथ में लेकर सीएम पद शपथ ली। इस मौके पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पार्टी हाईकमान के प्रतिनिधि और प्रमुख राज्य स्तरीय नेता मौजूद रहे। यह शपथ ग्रहण केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चले आ रहे नेतृत्व संतुलन और संगठनात्मक रणनीति का भी अहम संकेत माना जा रहा है। शिवकुमार के साथ-साथ उनकी नई कैबिनेट के 14 मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिनमें कई अनुभवी नेता और कुछ नए चेहरों को जगह दी गई है।

शिवकुमार के शपथ ग्रहण के साथ सत्ता परिवर्तन पूरा

डीके शिवकुमार को कर्नाटक कांग्रेस विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद से ही उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावना तय मानी जा रही थी। पार्टी हाईकमान के साथ कई दौर की बैठकों के बाद यह स्पष्ट हुआ कि नेतृत्व परिवर्तन अब समय की मांग है। शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी मंच पर मौजूद रहे, जो सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण हिस्सेदारी देते नजर आए। कांग्रेस नेतृत्व ने इस अवसर पर एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की।

नई कैबिनेट में 14 नेताओं को जगह

शिवकुमार सरकार में कुल 14 मंत्रियों को शामिल किया गया है। इनमें वरिष्ठ, अनुभवी और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए चयन किया गया है।

  • डीके शिवकुमार – मुख्यमंत्री
  • डॉ. जी परमेश्वर – उपमुख्यमंत्री
  • के. जे. जॉर्ज – ऊर्जा मंत्री (सर्वज्ञाननगर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं)
  • यरथी सुरेश – शहरी विकास और नगर नियोजन मंत्री (हेब्बल निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं)
  • प्रियांक खड़गे – इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, बीटी और ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री (चित्तपुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं)
  • एम.बी. पाटिल – बड़े और मध्यम उद्योगों और अवसंरचना विकास मंत्री (बाबलेश्वर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं)
  • के.एच. मुनियप्पा – खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मंत्री (देवनहल्ली निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं)
  • रामलिंगा रेड्डी – परिवहन मंत्री (बीटीएम लेआउट निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं)
  • सतीश जारकीहोली – लोक निर्माण विभाग मंत्री (येमाकनमर्दी निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं
  • शरण प्रकाश पाटिल – चिकित्सा शिक्षा और कौशल विकास मंत्री (सेडम निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं)
  • ईश्वर खंड्रे – वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्री (भालकी निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं)
  • कृष्णा बायरेगौड़ा – राजस्व मंत्री (ब्यातरयानपुरा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं)
  • यू.टी. खादर – मंत्री (मंगलुरु निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं)
  • यतींद्र सिद्धारमैया – मंत्री (वरुणा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं)

यतिंद्र सिद्धारमैया की एंट्री बनी चर्चा का विषय

नई कैबिनेट में सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की रही, वह है यतिंद्र सिद्धारमैया। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे होने के कारण उनकी राजनीतिक एंट्री को लेकर पहले से ही अटकलें लगाई जा रही थीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी एंट्री पार्टी के भीतर संतुलन साधने और पुराने नेतृत्व को सम्मान देने की रणनीति का हिस्सा है।

प्रियांक खड़गे की भूमिका और युवा नेतृत्व पर फोकस

प्रियांक खड़गे का कैबिनेट में शामिल होना कांग्रेस की युवा नेतृत्व रणनीति का संकेत माना जा रहा है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र होने के बावजूद प्रियंक ने संगठन और ग्रामीण विकास विभागों में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी भूमिका राज्य सरकार में तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने की हो सकती है।

सत्ता हस्तांतरण में कांग्रेस की रणनीति

कर्नाटक में यह सत्ता परिवर्तन केवल मुख्यमंत्री बदलने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे कांग्रेस की राष्ट्रीय रणनीति भी शामिल मानी जा रही है।

पार्टी का लक्ष्य है कि:

  • राज्य में स्थिर सरकार बनाई जाए
  • आंतरिक गुटबाजी को संतुलित किया जाए
  • क्षेत्रीय और जातीय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो
  • 2026 के बाद आने वाले चुनावों के लिए मजबूत आधार तैयार किया जाए

सिद्धारमैया की भूमिका भी बदली

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। उन्हें कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) में शामिल किया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि पार्टी उन्हें राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रखना चाहती है। इस कदम को पार्टी के भीतर संतुलन बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान बेंगलुरु में समर्थकों की भारी भीड़ देखने को मिली। जगह-जगह पोस्टर, बैनर और पार्टी झंडों से शहर को सजाया गया था। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और भीड़ को नियंत्रित रखा गया।

ये भी पढ़ें :- Akhilesh Yadav Statement : बीजेपी में अब नहीं बचा करंट, अगले चुनाव में जनता धो पटककर सुखा देगी

Home » Karnataka CM Oath Ceremony : डीके शिवकुमार ने ली कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री पद की शपथ, कैबिनेट में शामिल हुए 14 मंत्री

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *