Sunday, 02 August 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
दिल्ली हाट, आईएनए में मिस्टर लिट्टीवाला संग बिहार के असली स्वाद का आनंद नेपाल के दिग्गज पर्वतारोही निर्मल ‘निम्स’ पुरजा की मौत, पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में हुए थे लापता ट्रोजन हॉर्स: 3200 साल पुराने धोखे से लेकर आज के खतरनाक कंप्यूटर वायरस तक की कहानी 45 Years of MTV: कैसे एक छोटे से चैनल ने दुनिया को दिया नया म्यूजिकल कल्चर, MTV की कामयाबी से लेकर इसके पतन तक की कहानी कोयला पेंशनभोगियों की बड़ी मांग: न्यूनतम पेंशन ₹10,000 करने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की अपील देश के एक-चौथाई केंद्रीय विद्यालयों में पूर्णकालिक प्रिंसिपल नहीं, नेतृत्व संकट और शिक्षा व्यावस्था पर उठते गंभीर सवाल झारखंड JPSC पेपर लीक के आरोपों पर बढ़ता बवाल, सड़कों पर उतरे छात्र, BJP ने मांगा मुख्यमंत्री का इस्तीफा कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में ₹200 से ज्यादा की कटौती, दिल्ली-कोलकाता में कारोबारियों को राहत दिल्ली हाट, आईएनए में मिस्टर लिट्टीवाला संग बिहार के असली स्वाद का आनंद नेपाल के दिग्गज पर्वतारोही निर्मल ‘निम्स’ पुरजा की मौत, पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में हुए थे लापता ट्रोजन हॉर्स: 3200 साल पुराने धोखे से लेकर आज के खतरनाक कंप्यूटर वायरस तक की कहानी 45 Years of MTV: कैसे एक छोटे से चैनल ने दुनिया को दिया नया म्यूजिकल कल्चर, MTV की कामयाबी से लेकर इसके पतन तक की कहानी कोयला पेंशनभोगियों की बड़ी मांग: न्यूनतम पेंशन ₹10,000 करने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की अपील देश के एक-चौथाई केंद्रीय विद्यालयों में पूर्णकालिक प्रिंसिपल नहीं, नेतृत्व संकट और शिक्षा व्यावस्था पर उठते गंभीर सवाल झारखंड JPSC पेपर लीक के आरोपों पर बढ़ता बवाल, सड़कों पर उतरे छात्र, BJP ने मांगा मुख्यमंत्री का इस्तीफा कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में ₹200 से ज्यादा की कटौती, दिल्ली-कोलकाता में कारोबारियों को राहत

दिल्ली में संपन्न हुई मकर संक्रांति प्रदर्शनी 2026, लोककला से ड्रोन शो तक ने दिखाया नया बिहार

नई दिल्ली।

बिहार सरकार द्वारा आयोजित मकर संक्रांति प्रदर्शनी 2026 का चार दिवसीय आयोजन राजधानी दिल्ली स्थित बिहार निवास लॉन्स में भव्य रूप से संपन्न हुआ। 15 से 18 जनवरी तक चली इस प्रदर्शनी में बिहार की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारंपरिक शिल्प, आधुनिक तकनीक, कृषि-आधारित नवाचार और स्थानीय उत्पादों का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। दिल्ली-एनसीआर समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए दर्शकों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनी का भ्रमण किया।

हस्तशिल्प और लोककलाओं ने बांधा समां

प्रदर्शनी में आर्ट एंड क्राफ्ट, डॉल मेकिंग, हैंड एम्ब्रॉयडरी, हस्तनिर्मित एरोमैटिक्स और आर्ट मेटल सिल्वरवेयर से जुड़े स्टॉल्स खास आकर्षण रहे। बिहार की पहचान मानी जाने वाली मंजूषा, टिकुली और मधुबनी पेंटिंग ने कला प्रेमियों का ध्यान खींचा। कारीगरों द्वारा किए गए लाइव क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन ने दर्शकों को पारंपरिक शिल्प की बारीकियों से रू-बरू कराया और शिल्पकारों के कौशल को नज़दीक से देखने का अवसर दिया।

मखाना, मिलेट और फूड प्रोसेसिंग को मिला मंच

खाद्य उत्पादों के स्टॉल्स में बिहार के पारंपरिक स्वाद और स्वास्थ्यवर्धक विकल्पों की झलक दिखी। मखाना, फूड प्रोसेसिंग और मिलेटपैथी आधारित उत्पादों को दर्शकों ने खूब सराहा। आहारिका और बिहारिका जैसे ब्रांड्स ने स्थानीय व्यंजनों को आधुनिक पैकेजिंग और प्रस्तुति के साथ पेश किया, जिससे बिहार के खाद्य उत्पादों की व्यावसायिक संभावनाएं भी उजागर हुईं।

ड्रोन और टेक्नोलॉजी स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र

प्रदर्शनी में लगाए गए ड्रोन एवं टेक्नोलॉजी स्टॉल्स ने बिहार के तकनीकी रूप से आगे बढ़ते चेहरे को दर्शाया। ड्रोन तकनीक के उपयोग, आधुनिक अनुप्रयोगों और भविष्य की संभावनाओं को लेकर युवाओं में खास उत्साह देखने को मिला। इन स्टॉल्स ने यह संदेश दिया कि बिहार परंपरा के साथ-साथ तकनीक के क्षेत्र में भी कदम से कदम मिलाकर चल रहा है।

अमरपाली एम्पोरियम, आईपीआरडी और पर्यटन स्टॉल्स में दिखी बिहार की पहचान

(आईपीआरडी) Information & Public Relations Department और Bihar Tourism के स्टॉल्स पर बिहार की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों और सरकारी पहलों की जानकारी दी गई। इन स्टॉल्स पर दिनभर दर्शकों की भीड़ लगी रही और लोगों ने बिहार के पर्यटन मानचित्र को करीब से जाना।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बनाया माहौल यादगार

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने प्रदर्शनी को जीवंत बना दिया। स्वरांगन बैंड के अंतर्गत एंकर रूपम के सधे हुए मंच संचालन और गायिका सोनी चौहान की मधुर गायकी ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। लोक और आधुनिक संगीत के संगम ने बिहार की सांस्कृतिक आत्मा को मंच पर सजीव कर दिया।

दिल्ली के मंच पर उभरी बिहार की तस्वीर

समापन अवसर पर आयोजकों ने बताया कि मकर संक्रांति प्रदर्शनी 2026 का उद्देश्य बिहार के कारीगरों, कलाकारों, उद्यमियों और किसानों को एक पहचान दिलाना था। चार दिनों तक चले इस आयोजन ने बिहार की परंपरा, नवाचार और विकास की संयुक्त तस्वीर पेश करते हुए राजधानी दिल्ली में “नए बिहार” की सशक्त छवि स्थापित की। प्रदर्शनी ने न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया, बल्कि बिहार के उत्पादों, पर्यटन और नवाचारों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित किया।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।