Tuesday, 23 June 2026
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फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने 2025-27 बैच का भव्य स्वागत किया, 26 राज्यों के छात्र बने हिस्सा

फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (FSM) ने अपने प्रमुख पीजीडीएम कार्यक्रमों—PGDM, इंटरनेशनल बिजनेस, फाइनेंशियल मैनेजमेंट और बिग डेटा एनालिटिक्स—के 2025–2027 बैच के छात्रों के लिए भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम 16 जून को नई दिल्ली के सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में हुआ, जिसमें देशभर के 26 राज्यों से आए विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

नैतिकता, संवेदनशीलता और नेतृत्व के मूल्यों पर जोर

समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मंगल वंदना से हुई। FSM की डीन (अकादमिक) प्रो. श्रीपर्णा बासु ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में एक सफल मैनेजमेंट ग्रेजुएट बनने के लिए केवल ज्ञान नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों, प्रतिबद्धता और सहानुभूति की भी आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे जिज्ञासु बने रहें और अपनी ईमानदारी को अपनी ताकत बनाएं।

डायरेक्टर का संदेश: हाइब्रिड प्रोफेशनल बनने की दिशा में कदम

डायरेक्टर प्रो. सुबीर वर्मा ने FSM में निरंतर नवाचार और उत्कृष्ट शिक्षा की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि FSM छात्रों को ऐसे प्रोफेशनल के रूप में तैयार करता है, जो तकनीकी दक्षता, व्यावसायिक समझ, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और AI-समर्थ कार्यस्थलों के लिए तैयार हों। उन्होंने इंडक्शन शपथ के माध्यम से छात्रों को FSM की संस्कृति से जोड़ा।

चेयरमैन का संबोधन: FSM सिर्फ संस्थान नहीं, एक विचार है

FSM के चेयरमैन डॉ. बी.बी.एल. मधुकर ने FSM को एक विचार के रूप में प्रस्तुत किया जो केवल शिक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों को भी केंद्र में रखता है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा सिर्फ डिग्री तक नहीं, बल्कि एक गहन विकास और संभावनाओं से भरे सफर की शुरुआत है।

पूर्व छात्र और कॉर्पोरेट विशेषज्ञों की प्रेरणादायक उपस्थिति

कार्यक्रम में FSM के दो पूर्व छात्र—श्री रितेश वर्मा (न्यूजेन सॉफ्टवेयर) और श्री राहुल रैज़ादा (PWC इंडिया)—ने छात्रों को कॉर्पोरेट जगत की बदलती मांगों और सफलता के मंत्रों से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे आने वाले दो वर्षों को सीखने, ईमानदारी और जिज्ञासा के साथ बिताएं।

राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा का संदेश: ‘FORE’ के चार मूल्यों पर चलें

राज्यसभा सांसद डॉ. सस्मित पात्रा ने ‘FORE’ शब्द को चार मूल्यों में परिभाषित किया—Fearless (निर्भीकता), Ownership (स्वामित्व), Responsiveness (उत्तरदायित्व) और Excellence (उत्कृष्टता)। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे कभी अपने सपनों को बाधित न होने दें और हर कार्य में उत्कृष्टता की ओर बढ़ें।

विविधता और समावेशन की मिसाल है FSM का नया बैच

FSM के नए बैच में देश के 26 राज्यों के छात्र शामिल हैं। बैच में 55% महिलाएं और 45% पुरुष हैं, जो FSM की DEI (Diversity, Equity & Inclusion) नीति को दर्शाता है। शैक्षणिक पृष्ठभूमि के अनुसार यह आंकड़े सामने आए:

  • वाणिज्य – 34%
  • प्रबंधन – 22%
  • इंजीनियरिंग/टेक्नोलॉजी – 19%
  • विज्ञान – 10%
  • कला – 8%
  • अन्य – 7% (मेडिकल, होटल मैनेजमेंट, IT, BBA आदि)

28% छात्र ऐसे हैं जिनके पास पहले से कार्यानुभव है, जो कक्षा के संवाद को और अधिक समृद्ध बनाएगा।

शिक्षा और समग्र विकास का संतुलन FSM की पहचान

FSM का पाठ्यक्रम उद्योग सहभागिता, लाइव प्रोजेक्ट्स, मजबूत फैकल्टी और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों से समृद्ध है। यह छात्रों को उद्योग के लिए तैयार प्रोफेशनल और प्रभावशाली नेतृत्वकर्ता बनने में मदद करता है।

समापन: खुले मन और निर्भीक दिल के साथ नई यात्रा का आरंभ

समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे FSM गुरुग्राम की डीन प्रो. संघमित्रा बुद्धप्रिय ने प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी अतिथियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा खुले मन और निर्भीक दिल से अपनाने योग्य है। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (FSM): एक दृष्टिकोण

FSM ऐसे व्यापारिक नेताओं को तैयार करने में विश्वास रखता है जो न केवल प्रतिस्पर्धी हों, बल्कि सामाजिक रूप से जिम्मेदार भी हों। FSM का शैक्षणिक माहौल विविधता और अनुभवों से भरा है, जो छात्रों को वैश्विक नेतृत्व के लिए सक्षम बनाता है।

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Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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