Monday, 03 August 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
CWG 2026: ग्लासगो के रेस्तरां में गायब मिला भारत के नक्शे से पूर्वोत्तर, कॉमनवेल्थ मेडल विजेता लवलीना ने जताई नाराजगी 2 अगस्त 1934: जब हिटलर कहलाया ‘फ़्यूहरर’! बवेरियन रेजिमेंट का एक सिपाही आखिर कैसे बना दुनिया का सबसे क्रूर तानाशाह? दिल्ली हाट, आईएनए में मिस्टर लिट्टीवाला संग बिहार के असली स्वाद का आनंद नेपाल के दिग्गज पर्वतारोही निर्मल ‘निम्स’ पुरजा की मौत, पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में हुए थे लापता ट्रोजन हॉर्स: 3200 साल पुराने धोखे से लेकर आज के खतरनाक कंप्यूटर वायरस तक की कहानी 45 Years of MTV: कैसे एक छोटे से चैनल ने दुनिया को दिया नया म्यूजिकल कल्चर, MTV की कामयाबी से लेकर इसके पतन तक की कहानी कोयला पेंशनभोगियों की बड़ी मांग: न्यूनतम पेंशन ₹10,000 करने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की अपील देश के एक-चौथाई केंद्रीय विद्यालयों में पूर्णकालिक प्रिंसिपल नहीं, नेतृत्व संकट और शिक्षा व्यावस्था पर उठते गंभीर सवाल CWG 2026: ग्लासगो के रेस्तरां में गायब मिला भारत के नक्शे से पूर्वोत्तर, कॉमनवेल्थ मेडल विजेता लवलीना ने जताई नाराजगी 2 अगस्त 1934: जब हिटलर कहलाया ‘फ़्यूहरर’! बवेरियन रेजिमेंट का एक सिपाही आखिर कैसे बना दुनिया का सबसे क्रूर तानाशाह? दिल्ली हाट, आईएनए में मिस्टर लिट्टीवाला संग बिहार के असली स्वाद का आनंद नेपाल के दिग्गज पर्वतारोही निर्मल ‘निम्स’ पुरजा की मौत, पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में हुए थे लापता ट्रोजन हॉर्स: 3200 साल पुराने धोखे से लेकर आज के खतरनाक कंप्यूटर वायरस तक की कहानी 45 Years of MTV: कैसे एक छोटे से चैनल ने दुनिया को दिया नया म्यूजिकल कल्चर, MTV की कामयाबी से लेकर इसके पतन तक की कहानी कोयला पेंशनभोगियों की बड़ी मांग: न्यूनतम पेंशन ₹10,000 करने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की अपील देश के एक-चौथाई केंद्रीय विद्यालयों में पूर्णकालिक प्रिंसिपल नहीं, नेतृत्व संकट और शिक्षा व्यावस्था पर उठते गंभीर सवाल

जंतर-मंतर पर ईपीएस-95 पेंशनरों का तीन दिन का धरना शुरू, पेंशन वृद्धि और मुफ्त चिकित्सा सुविधा की मांग

एनएसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक राउत के नेतृत्व में 9 से 11 मार्च तक जंतर-मंतर पर देशभर से हजारों ईपीएस-95 पेंशनर जुटे; न्यूनतम मासिक पेंशन ₹7,500, मुफ्त चिकित्सा सुविधा और उच्च पेंशन प्रावधान लागू करने की मांग

नई दिल्ली, 9 मार्च 2026:

ईपीएस-95 नेशनल एजीटेशन कमेटी (NAC) के बैनर तले हजारों पेंशनरों ने सोमवार को जंतर-मंतर पर तीन दिवसीय धरना शुरू किया। पेंशनरों की यह देशव्यापी आवाज़ कर्मचारियों की पेंशन योजना-1995 (EPS-95) में लंबे समय से लंबित सुधारों की मांग को लेकर उठाई गई है। इस आंदोलन का नेतृत्व कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक राउत कर रहे हैं, जिनके साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए पेंशनरों के प्रतिनिधि भी मौजूद हैं।

धरना स्थल पर कई राज्यों से आए बुजुर्ग पेंशनर बड़ी संख्या में एकत्र हुए। उम्र और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद कई लोग लंबी दूरी तय कर राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे हैं, ताकि पेंशन बढ़ाने, चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और उच्च पेंशन प्रावधानों को लागू करने जैसी प्रमुख मांगों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

प्रदर्शन में शामिल कई पेंशनरों ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान पेंशन योजना में योगदान दिया, इस उम्मीद के साथ कि सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें सम्मानजनक जीवन मिलेगा। लेकिन आज उनमें से कई लोग अपने बुनियादी खर्च पूरे करने में भी कठिनाई का सामना कर रहे हैं।

सभा को संबोधित करते हुए अशोक राउत ने कहा कि यह आंदोलन उन सेवानिवृत्त श्रमिकों के अधिकार और सम्मान के लिए है, जो वर्षों से आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “हम जंतर-मंतर पर केवल निवेदन करने नहीं बल्कि अपने अधिकारों की मांग को मजबूती से रखने आए हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से पेंशनर इस तीन दिवसीय धरने में शामिल हुए हैं ताकि ईपीएस-95 पेंशनरों की समस्याओं को सामने लाया जा सके।”

उन्होंने बताया कि उनकी चार प्रमुख मांगों में न्यूनतम मासिक पेंशन ₹7,500 तय करना और 58 वर्ष की आयु के बाद पति-पत्नी दोनों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना शामिल है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुरूप बिना किसी भेदभाव के उच्च पेंशन का लाभ दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग वर्तमान में इस योजना से बाहर हैं, उन्हें ईपीएस-95 के दायरे में शामिल किया जाए या उन्हें कम से कम ₹5,000 की न्यूनतम पेंशन प्रदान की जाए।

पेंशनरों की आर्थिक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि दशकों तक योजना में योगदान देने के बावजूद आज 36 लाख से अधिक पेंशनरों को ₹1,000 से भी कम मासिक पेंशन मिल रही है।

उन्होंने कहा, “कई बुजुर्ग पेंशनरों के लिए यह राशि दवाइयों या रोजमर्रा की जरूरतों के खर्च के लिए भी पर्याप्त नहीं है। कई वरिष्ठ नागरिक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और न्याय की मांग के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि हमारी चिंताओं को गंभीरता से ले और बिना किसी और देरी के हमारी मांगों पर कार्रवाई करे।”

अशोक राउत ने यह भी बताया कि हाल ही में उन्होंने इस मुद्दे पर यूनियन श्रम मंत्री से मुलाकात की थी।

उन्होंने कहा,
“हमने हाल ही में श्रम मंत्री से मुलाकात की थी। उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि सरकार हमारी चिंताओं पर काम कर रही है और हमें विरोध प्रदर्शन न करने की सलाह दी। लेकिन पेंशनर लगभग एक दशक से ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। इसलिए हमने निर्णय लिया है कि जब तक हमारी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।”

धरने को समर्थन देते हुए एनएसी के अन्य नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन लगभग एक दशक से जारी है और इसका उद्देश्य ईपीएस-95 के तहत पेंशनरों को न्याय दिलाना है। उन्होंने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के प्रावधानों को लागू करने और उच्च पेंशन से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के फैसले को प्रभावी रूप से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि सेवानिवृत्त श्रमिकों के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और वर्तमान में योजना से बाहर रह गए लाभार्थियों को इसमें शामिल करना अत्यंत आवश्यक है।

तीन दिनों तक चलने वाले इस धरने में देशभर से पेंशनर, यूनियन प्रतिनिधि और कई सार्वजनिक हस्तियां शामिल होंगी। समिति ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई करेगी और सार्थक संवाद शुरू कर देश के लाखों सेवानिवृत्त श्रमिकों को सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।