द्वारका पुलिस का एक्शन मोड: 2 हफ्तों में 12 घोषित अपराधी पकड़े, चेन स्नैचर ‘कांची’ भी दबोचा गया

नई दिल्ली, न्यूज ऑफ द डे

द्वारका जिले में अपराध पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने सख्त अभियान चलाया है। इसी कड़ी में पुलिस ने एक कुख्यात चेन स्नैचर और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। वहीं, अलग से चलाए गए अभियान में महज दो सप्ताह के भीतर 12 घोषित अपराधियों को पकड़कर बड़ी कामयाबी हासिल की गई है।

पुलिस उपायुक्त कुशलपाल सिंह के मुताबिक, 26 मार्च को डाबड़ी थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला के साथ चेन झपटने की वारदात हुई थी। 58 वर्षीय महिला राम नवमी के मौके पर पूजा से लौट रही थीं। तभी दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बाइक सवार बदमाश उनकी सोने की चेन झपटकर फरार हो गया।

घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। करीब 25 किलोमीटर के दायरे में 250 से अधिक कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई। तकनीकी विश्लेषण और मूवमेंट ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई गई और उसे वसंत कुंज के मसूदपुर डेयरी इलाके से पकड़ लिया गया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान 32 वर्षीय करण शिवपुरी उर्फ कांची के रूप में हुई है, जो पहले से ही कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। पुलिस ने उसके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई बजाज पल्सर बाइक, फर्जी नंबर प्लेट और घटना के दौरान पहने गए कपड़े बरामद किए हैं।

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने छीनी गई चेन अपने साथी विपिन कुमार उर्फ बंटी को सौंप दी थी। विपिन ने बाद में इस चेन को महिपालपुर के एक ज्वेलर को करीब 1.18 लाख रुपये में बेच दिया। पुलिस ने विपिन को भी गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से 80 हजार रुपये बरामद किए हैं। हालांकि, चेन खरीदने वाला ज्वेलर हिमांशु वर्मा अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

तकनीक के सहारे बड़ी कार्रवाई

इसी बीच द्वारका के एंटी-पीओ सेल ने एक विशेष अभियान चलाकर 12 घोषित अपराधियों का पता लगाया। इनमें से 5 आरोपी पहले से ही अन्य मामलों में जेल में बंद मिले, जबकि 7 को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस की इस कार्रवाई में ई-प्रिजन, आईसीजेएस और पीओएमएस जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने अहम भूमिका निभाई। इनकी मदद से फरार अपराधियों की लोकेशन और कानूनी स्थिति का तेजी से पता लगाया जा सका।

गिरफ्तार किए गए आरोपी झपटमारी, लूट, आर्म्स एक्ट और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों में वांछित थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान तकनीक और जमीनी इनपुट के बेहतर तालमेल का नतीजा है।

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