Monday, 03 August 2026
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दुबई-यूरोप से दूरी, थाईलैंड-वियतनाम की ओर रुख-दिल्ली में बदला ट्रैवल ट्रेंड

Middle East में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दिल्ली के यात्रियों ने अपनी छुट्टियों की योजनाएं बदल दी हैं। अब थाईलैंड और वियतनाम जैसे सुरक्षित और बजट-फ्रेंडली डेस्टिनेशन पहली पसंद बन रहे हैं।

नई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब लोगों की ट्रैवल प्लानिंग पर भी साफ दिखाई देने लगा है। दिल्ली और एनसीआर के यात्रियों का रुझान तेजी से बदल रहा है। जहां पहले मार्च-अप्रैल के दौरान दुबई की शॉपिंग ट्रिप या यूरोप की समर वेकेशन सबसे ज्यादा पसंद की जाती थी, वहीं अब लोग सुरक्षित और आसान विकल्पों की तलाश में थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों की ओर रुख कर रहे हैं।

क्यों बदला रुख?

ट्रैवल एजेंट्स और ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म्स के अनुसार पिछले करीब 10 दिनों में दिल्ली से थाईलैंड और वियतनाम के लिए बुकिंग में 45 से 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दूसरी तरफ दुबई और यूरोप के कई रूट्स पर 30 से 50 प्रतिशत तक कैंसिलेशन या पोस्टपोनमेंट देखने को मिला है।

थाईलैंड बना सबसे लोकप्रिय विकल्प

इन परिस्थितियों में थाईलैंड (Thailand) दिल्ली के यात्रियों के लिए सबसे पसंदीदा अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। यहां के खूबसूरत बीच, नाइटलाइफ, शॉपिंग और किफायती लग्जरी का कॉम्बिनेशन यात्रियों को आकर्षित कर रहा है। ट्रैवल एजेंसियों के मुताबिक इन शहरों के पैकेज फिलहाल 45 हजार से 80 हजार रुपये के बीच मिल रहे हैं, जो पहले दुबई ट्रिप के बराबर या उससे भी सस्ते पड़ रहे हैं।

वियतनाम भी तेजी से लोकप्रिय

वहीं वियतनाम (Vietnam) भी तेजी से भारतीय पर्यटकों की पसंद बनता जा रहा है। हनोई, हा लॉन्ग बे, दा नांग और हो ची मिन्ह सिटी जैसे शहर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, सांस्कृतिक अनुभव और इको-टूरिज्म के कारण खासकर युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। वीजा प्रक्रिया आसान होने और कुछ एयरलाइंस की सीधी उड़ानों ने भी इस देश को और सुलभ बना दिया है।

दुबई और यूरोप की मांग घटी

दूसरी ओर दुबई और यूरोप की ट्रिप फिलहाल महंगी और अनिश्चित मानी जा रही है। कई ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार कुछ परिवारों और ग्रुप्स ने अपनी होली और समर वेकेशन की विदेश यात्राओं को टाल दिया है या फिर उन्हें दक्षिण-पूर्व एशिया या भारत के ही पर्यटन स्थलों जैसे गोवा और केरल की ओर शिफ्ट कर दिया है।

इंडस्ट्री का क्या कहना है

दिल्ली के ट्रैवल एजेंट के मुताबिक पहले दुबई कई यात्रियों के लिए पश्चिमी देशों की यात्रा का मुख्य ट्रांजिट पॉइंट हुआ करता था। लेकिन मौजूदा हालात में लोग ऐसे गंतव्य चुनना चाहते हैं जहां यात्रा सुरक्षित, आसान और बजट के भीतर हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में तनाव बना रहता है तो आने वाले कुछ महीनों में दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों की मांग और बढ़ सकती है।

मौजूदा हालात ने यात्रियों की सोच भी बदल दी है। अब लोग सिर्फ आकर्षक डेस्टिनेशन ही नहीं, बल्कि यात्रा के दौरान मिलने वाली सुरक्षा और मानसिक शांति को भी उतना ही महत्व देने लगे हैं। इसी कारण थाईलैंड और वियतनाम जैसे देश फिलहाल दिल्ली के यात्रियों की पहली पसंद बनते दिखाई दे रहे हैं।

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BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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