भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने धाकड़ बल्लेबाजी करते हुए सभी फैंस का ध्यान अपनी ओर अकर्षित किया है। इस गली क्रिकेट मैच में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक भी जड़ दिया।
‘कोलकाता के प्रिंस’ कहे जाने वाले पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी से सभी को चौंकाते हुए गेंदबाजों के छक्के छुड़ा दिए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें गांगुली ताबड़तोड़ शतक लगाते नजर आ रहे हैं। 5185 दिन बाद बैट पकड़े नजर आए ‘दादा’ ने अपने पहले ही स्ट्रीट मैच मुकाबले में केवल 68 गेंदों पर 132 रन ठोक दिए। इस पारी ने क्रिकेट प्रेमियों को पुराने दिनों की याद दिला दी।
दिखी वो ही पुरानी चमक
वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि दादा अपने उसी अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करते नजर आ रहे हैं, जैसे वे अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर के दौरान किया करते थे। उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाते हुए महज 58 गेंदों पर अपना शतक पूरा कर लिया। शानदार चौके-छक्के लगाते हुए उन्होंने 68 गेंदों पर 132 रन बनाए। हालांकि, उन्हें बल्लेबाजी के दौरान एक जीवन दान भी दिया गया लोकिन इसके बावजूद भी उनकी टाइमिंग और क्लास देखकर दर्शक इस वीडियो को सोशल मीडिया पर जमकर शेयर कर रहे हैं।
सौरव गांगुली का शानदार अंतर्राष्ट्रीय करियर
1992 में महज 19 साल की उम्र में अपना अंतर्राष्ट्रीयकरियर शुरू करने वाले सौरव गांगुली ने 424 मैचों में कुल 18,575 रन बनाए। उन्होंने 113 टेस्ट मैचों में 42.17 की शानदार औसत के साथ 7,212 रन बनाए। इसमें उनके नाम 16 शतक और 32 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं बात करें एक दिवसीय (ODI) मुकाबलों की तो 311 मैचों में 41.02 की औसत से उन्होंने कुल 11,363 रन बनाए। इसमें भी उनके नाम 22 शतक और 72 अर्धशतक दर्ज हैं।
बतौर कप्तान भी सौरव गांगुली का योगदान बेहद अहम माना जाता है। अपने पूरे अंतर्राष्ट्रीय करियर के दौरान 195 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारतीय टीम का नेतृत्व करते हुए उन्होंने 97 जीत हासिल कीं।
युवाओं को दिए मौके
सौरव गांगुली की गिनती भारतीय क्रिकेट के सबसे आक्रामक कप्तानों में की जाती है। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने विदेशों में जीत हासिल करनी शुरू की। इसके अलावा उनकी कप्तानी में युवराज सिंह, वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह और एमएस धोनी जैसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिला। गांगुली ने भारतीय टीम में आत्मविश्वास और लड़ने का जज्बा पैदा किया, जिसकी वजह से भारत विश्व क्रिकेट की मजबूत टीमों में शामिल हुआ।
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