Thursday, 03 September 2026
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CBSE का नया नियम: अब पढ़नी होंगी 3 भाषाएं

कक्षा 6 से लागू होगा नया सिस्टम, 9वीं–10वीं में तीनों भाषाओं में पास होना जरूरी

नई दिल्ली, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने नई भाषा नीति लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। यह नियम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत लाया जा रहा है, जिसका मकसद बच्चों को कई भाषाएं सिखाना और उनकी समझ को बेहतर बनाना है।

नए नियम के अनुसार, छात्रों को अब तीन भाषाएं पढ़नी होंगी। इन्हें R1, R2 और R3 कहा जाएगा।

  • R1: मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा
  • R2: हिंदी या अंग्रेजी
  • R3: कोई दूसरी भारतीय या विदेशी भाषा

इसमें ध्यान रखा गया है कि तीन में से कम से कम दो भाषाएं भारतीय हों, ताकि देश की भाषाओं और संस्कृति को बढ़ावा मिल सके।

कक्षा 6 से होगा लागू

नया नियम 2026–27 सत्र से लागू होगा। कक्षा 6 से छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना जरूरी कर दिया जाएगा। पहले सिर्फ दो भाषाएं पढ़नी होती थीं, लेकिन अब एक भाषा और जोड़ दी गई है।

9वीं और 10वीं में पास होना अनिवार्य

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि कक्षा 9 और 10 में छात्रों को तीनों भाषाओं में पास होना जरूरी होगा। अगर कोई छात्र एक भी भाषा में फेल होता है, तो इसका असर उसके पूरे रिजल्ट पर पड़ेगा।

आने वाले समय में 10वीं कक्षा में तीसरी भाषा की परीक्षा भी अनिवार्य हो सकती है, जिससे तीनों भाषाओं को बराबर महत्व मिलेगा।

क्या है इस नियम का मकसद

इस नई नीति का उद्देश्य बच्चों को कई भाषाएं सिखाना, भारतीय भाषाओं को मजबूत करना और उनकी सोचने-समझने की क्षमता को बढ़ाना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादा भाषाएं सीखने से बच्चों का दिमाग बेहतर काम करता है और उनकी बातचीत करने की क्षमता भी बढ़ती है।

स्कूल और छात्रों पर क्या असर पड़ेगा

इस बदलाव के बाद स्कूलों को नया सिलेबस और किताबें लानी होंगी। वहीं छात्रों को भी तीनों भाषाओं पर बराबर ध्यान देना होगा।

CBSE का यह नया नियम शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक रूप से भी मजबूत बनाना है।

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Aniket

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लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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