समझौते की विशेषता- शिक्षा, उद्योग और सरकार के बीच तालमेल बैठाना

128 कॉलेजों ने एआईसीटीई द्वारा विकसित मॉडल पाठ्यक्रम को अपनाया है

नई दिल्ली।

सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा देने के लिए, शिक्षा मंत्रालय ने इस क्षेत्र में प्रतिभा विकास को बढ़ावा देने की एक पहल की शुरुआत की है। शिक्षा मंत्रालय के दायरे में आने वाली ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने भारत की सेमीकंडक्टर क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक मिशन शुरू किया है।

एआईसीटीई के चेयरमैन प्रोफेसर टीजी सीताराम के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में 9 से 15 सितंबर, 2023 तक ताइवान की एक सप्ताह की यात्रा की। इस यात्रा के दौरान अकादमिक विशेषज्ञ और वाइस चांसलर्स विभिन्न ताइवानी विश्वविद्यालयों के साथ जुड़े। जिससे ताइवानी शैक्षणिक संस्थानों के बीच कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के लिए मार्ग प्रशस्त हुआ। इन समझौता ज्ञापनों में कौशल विकास, छात्र विनिमय कार्यक्रम और सहयोगात्मक रिसर्च और डेवलपमेंट शामिल हैं।

सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लगभग हर पहलू का अभिन्न अंग हैं और 2030 तक एक ट्रिलियन-डॉलर का उद्योग बनने की ओर अग्रसर हैं। भारत का लक्ष्य सेमीकंडक्टर विनिर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है, जिसके लिए एक कुशल कामगार शक्ति के विकास की जरूरत है।

इस सहयोग की एक विशेषता शिक्षा जगत, उद्योग और सरकार के बीच तालमेल बैठाना है। कुछ संस्थान, जो विशेष रूप से कौशल विकास के लिए समर्पित हैं, प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करते हैं। उद्योग और सरकारी समर्थन ने इन संस्थानों को उद्योग प्रमाणीकरण प्राप्त करने में सहायक बनाया है। इन प्रशिक्षण सुविधाओं को भारत में फिर से बनाना है, ताकि कामगार आवश्यक विशेषज्ञता से लैंस हों। ताइवान के साथ सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करेगा और इन प्रयासों को और भी समृद्ध करेगा।

प्रोफेसर टी जी सीताराम ने भारत में समान प्रशिक्षण सुविधाएं स्थापित करने पर ध्यान देने के साथ सेमीकंडक्टर क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान बढ़ाने के लिए ताइवान के सर्वोत्तम अभ्यासों को अपनाने के महत्व पर जोर दिया। एआईसीटीई इन पहलों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए ताइवान और भारत के विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

वर्तमान में, 128 कॉलेजों ने एआईसीटीई द्वारा विकसित मॉडल पाठ्यक्रम को अपनाया है, इन कार्यक्रमों के माध्यम से अगले कुछ वर्षों में लगभग 8,000 कुशल व्यक्तियों के सेमीकंडक्टर उद्योग में शामिल होने की उम्मीद है। इन संख्याओं को बढ़ाने के लिए एआईसीटीई का मिशन सेमीकंडक्टर उद्योग की बढ़ती मांगों को पूरा करने और इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा देने का है।

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