Saturday, 24 October 2026
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बिहार विधानसभा में बजट सत्र में सियासी विस्फोट,नीतीश-तेजस्वी की टकराहट का राज

बिहार विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार और खराब आचरण के गंभीर आरोप लगाए। जानें गठबंधन टूटने और नीतीश के तीखे हमलों की पूरी जानकारी।

पटना:पटना की राजनीति में आज एक बार फिर ‘चाचा-भतीजे’ की जंग विधानसभा के पटल पर खुलकर सामने आ गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्षी नेता तेजस्वी यादव पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोलते हुए उनके आचरण और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए। यह बहस केवल राजनीतिक नहीं रही, बल्कि इसमें व्यक्तिगत तंज और पुराने रिश्तों की कड़वाहट साफ नजर आई।

नीतीश के तीखे बोल: “पैसा कमाने लगे थे तेजस्वी”

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने भाषण में तेजस्वी यादव के साथ पहले के गठबंधनों का उल्लेख किया, जिनमें 2015 से 2017 तक और फिर 2022 में हुए समझौते शामिल हैं। उन्होंने तेजस्वी यादव पर सीधे तौर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। नीतीश कुमार ने कहा

मेरे साथ रहते हुए सब कुछ अच्छा था, लेकिन बाद में, चीजें बदल गईं और वह गलत रास्ते पर चलने लगा। जब उसने पैसा कमाना शुरू किया, तो हमने साथ छोड़ने का फैसला किया। जब उसे एक अच्छा पद मिला, तो शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन बाद में उसने अपने व्यवहार में बदलाव लाया और हर जगह हस्तक्षेप करने लगा।

नीतीश कुमार का इशारा साफ था कि तेजस्वी यादव के उप-मुख्यमंत्री रहते हुए कुछ ऐसे वित्तीय लेनदेन या अनियमितताएं हुईं, जिन्हें नीतीश ने गठबंधन तोड़ने की मुख्य वजह बताया।

उम्र और अनुभव पर भी दिया तंज

सदन में माहौल तब और गरमा गया जब नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को उनके अनुभव की याद दिलाई। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा, “तुम तो अभी बच्चा हो, चलो बैठो।” नीतीश ने यह भी याद दिलाया कि वह तेजस्वी के पिता लालू प्रसाद यादव के दौर के नेता हैं और उन्होंने ही लालू के हटने के बाद राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाने में भूमिका निभाई थी।

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विकास का रिपोर्ट कार्ड और मोदी का साथ

आरोपों के बीच, मुख्यमंत्री ने 2005 से अब तक अपनी सरकार की उपलब्धियों को भी उजागर किया। उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया:

  • सड़कों और बिजली: गांवों और आबादियों के हर घर तक पक्की सड़कें और बिजली पहुँचाना।
  • पेंशन में वृद्धि: वृद्धों और विधवाओं की पेंशन ₹400 से बढ़ाकर ₹1,100 करना।
  • रोज़गार की प्रतिबद्धता: ‘सात संकल्प’ योजना के तहत, अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार प्रदान करने का लक्ष्य।
  • केंद्रीय समर्थन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन के साथ, 2030 तक बिहार को एक विकसित राज्य बनाने की प्रतिबद्धता।

विपक्ष का पलटवार

तेजस्वी यादव ने भी चुप रहने के बजाय सत्ता पक्ष पर करारा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 2025 के चुनावों में महागठबंधन को हराने के लिए ₹40,000 करोड़ का भारी-भरकम खर्च किया गया। तेजस्वी और विपक्षी सदस्य नीतीश के भाषण के दौरान हंसते और बीच-बीच में टिप्पणी करते नजर आए, जिससे सदन में कई बार शोर-शराबे की स्थिति बनी।

बिहार की राजनीति में गठबंधन का बनना और बिगड़ना कोई नई बात नहीं है, लेकिन 2026 के इस बजट सत्र ने यह साफ कर दिया है कि नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच की खाई अब शायद ही कभी भरे। नीतीश जहां ‘सुशासन’ और ‘भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस’ को अपनी ढाल बना रहे हैं, वहीं तेजस्वी इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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