22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने आतंकियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक 100 से ज्यादा ओवरग्राउंड वर्करों (OGW) को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से करीब 95 को जन सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत हिरासत में लेकर जम्मू-कश्मीर की अलग-अलग जेलों में भेजा गया है।
शोपियां में दो आतंकी सहयोगी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद
जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षाबलों ने आतंक से जुड़े दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई SOG शोपियां, CRPF की 178 बटालियन और 34 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) की संयुक्त टीम ने की। तलाशी के दौरान इनके पास से 4 हैंड ग्रेनेड, 2 पिस्तौल, 43 जिंदा कारतूस और अन्य संदिग्ध सामग्री मिली।
प्रारंभिक पूछताछ में 2 हैंड ग्रेनेड, 1 पिस्तौल और 35 जिंदा कारतूस की बरामदगी हुई। आगे की पूछताछ में इन लोगों ने हथियार छिपाने की जानकारी दी, जिसके बाद एक और जगह से 1 पिस्तौल, 2 हैंड ग्रेनेड और 8 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
शोपियां और पुलवामा में छह आतंकी ढेर, लश्कर कमांडर भी मारा गया
सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे अभियान में बीते सप्ताह शोपियां और पुलवामा में दो बड़ी मुठभेड़ें हुईं। इन ऑपरेशनों में कुल 6 आतंकवादी मारे गए। मारे गए आतंकियों में लश्कर-ए-तैयबा का ऑपरेशनल कमांडर भी शामिल था।
पहलगाम में 26 लोगों की हत्या के बाद शुरू हुआ अभियान
22 अप्रैल को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने पहलगाम में एक स्थानीय व्यक्ति समेत कुल 26 नागरिकों की निर्मम हत्या कर दी थी। इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में घुसकर एयर स्ट्राइक की और आतंकियों के 9 ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इस हमले के बाद से ही घाटी में आतंक के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।
आतंक के खिलाफ एकजुट हुए सुरक्षा बल
फिलहाल पूरे केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में आतंकियों, उनके ओवरग्राउंड वर्करों और समर्थन तंत्र के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान पूरी ताकत के साथ जारी है। सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां एकजुट होकर आतंक की कमर तोड़ने में लगी हैं।
पहलगाम हमले ने जहां देश को झकझोर कर रख दिया, वहीं इसके बाद शुरू हुई सुरक्षाबलों की कार्रवाई ने आतंकियों और उनके सहयोगियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। घाटी में अब आतंक के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जारी है।
ये भी पढ़ें :- GeM प्लेटफॉर्म से पारदर्शिता को मिला डिजिटल बल: प्रधानमंत्री मोदी ने साझा किया पीयूष गोयल का लेख
