Sunday, 23 August 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
क्या एक iPhone की कीमत इतनी बड़ी हो सकती है? छत्रपति संभाजीनगर में हुई तीन मौतों के पीछे की कहानी राजस्थान के 611 सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं, CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच हुआ बड़ा खुलासा सहायक एवं स्वास्थ्य सेवा दाखिला 2026–27: प्रवेश से पहले मान्यता जांचें छात्र Madras Day 2026: 1639 की व्यापारिक बस्ती से चेन्नई शहर तक सफर, 387 साल में ऐसे बदली मद्रास की पहचान एचआरडीएस इंडिया और जीरो लैंडफिल सॉल्यूशंस की साझेदारी, 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन को मिलेगा नया आयाम ईरान पर ट्रंप का नया वार, Strait of Hormuz को बताया ‘अमेरिकी भूभाग’ का हिस्सा Chhatron Ki Goonj: राहुल गांधी के कार्यक्रम से ठीक पहले पुणे में ABVP-NSUI की भिड़ंत, COEP हॉस्टल में बढ़ा तनाव राष्ट्रपति भवन ने बांग्लादेशी PM तारिक रहमान के स्वागत से जुड़ा ईमेल वापस लिया, भारत दौरे पर बढ़ा सस्पेंस क्या एक iPhone की कीमत इतनी बड़ी हो सकती है? छत्रपति संभाजीनगर में हुई तीन मौतों के पीछे की कहानी राजस्थान के 611 सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं, CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच हुआ बड़ा खुलासा सहायक एवं स्वास्थ्य सेवा दाखिला 2026–27: प्रवेश से पहले मान्यता जांचें छात्र Madras Day 2026: 1639 की व्यापारिक बस्ती से चेन्नई शहर तक सफर, 387 साल में ऐसे बदली मद्रास की पहचान एचआरडीएस इंडिया और जीरो लैंडफिल सॉल्यूशंस की साझेदारी, 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन को मिलेगा नया आयाम ईरान पर ट्रंप का नया वार, Strait of Hormuz को बताया ‘अमेरिकी भूभाग’ का हिस्सा Chhatron Ki Goonj: राहुल गांधी के कार्यक्रम से ठीक पहले पुणे में ABVP-NSUI की भिड़ंत, COEP हॉस्टल में बढ़ा तनाव राष्ट्रपति भवन ने बांग्लादेशी PM तारिक रहमान के स्वागत से जुड़ा ईमेल वापस लिया, भारत दौरे पर बढ़ा सस्पेंस

पत्रकारों पर पुलिसिया कहर: गरीब की मदद करना पड़ा भारी, धमकी, मारपीट और जबरन बयान – पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग तेज

  • ग्वालियर-भिंड में पत्रकार शशिकांत गोयल के साथ अमानवीय व्यवहार
  • अन्य पत्रकारों को भी धमकाने, मोबाइल छीनने और वीडियो डिलीट करने के आरोप
  • अब तक कार्रवाई नहीं, दोषियों को राजनीतिक संरक्षण का संदेह
  • पत्रकार संगठनों ने चेताया – न्याय न मिला तो होगा राज्यव्यापी आंदोलन

मानवता की कीमत: पत्रकार को गरीब की मदद करना पड़ा महँगा, पुलिसिया बर्बरता का शिकार

ग्वालियर, मध्यप्रदेश – 19 मई 2025
मध्यप्रदेश के ग्वालियर-भिंड क्षेत्र में पत्रकारिता और मानवता को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। एक वरिष्ठ पत्रकार शशिकांत गोयल को सिर्फ इसलिए पुलिस की बर्बरता का सामना करना पड़ा क्योंकि उन्होंने एक गरीब व्यक्ति की मदद करने की कोशिश की।

ग्वालियर-भिंड
ग्वालियर-भिंड

घटना का विवरण: SP ऑफिस में पत्रकार से मारपीट और धमकी

1 मई 2025 को पत्रकार शशिकांत गोयल ने भिंड मेले के पास एक पुलिस आरक्षक को एक गरीब व्यक्ति को पीटते देखा। उन्होंने हस्तक्षेप किया, जिसके अगले ही दिन उन्हें भिंड SP ऑफिस बुलाया गया।
गोयल ने बताया, “ASI सतवीर सिंह मुझे अंदर ले गए, जहाँ उपनिरीक्षक गिरीश शर्मा ने मुझे थप्पड़ मारा, चप्पल से पीटा और गालियाँ दीं। मुझसे ज़बरदस्ती ‘यस सर’ कहलवाया गया और धमकी दी गई कि यदि पुलिस का साथ नहीं दूँगा, तो किसी झूठे केस में फँसा दिया जाएगा।”

दिल्ली जाते समय रोका गया, जबरन वीडियो बनवाया गया

घटना के बाद जब गोयल दिल्ली जा रहे थे ताकि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिल सकें, तो ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर उन्हें रोककर फिर भिंड SP बंगले ले जाया गया और जबरन एक वीडियो रिकॉर्ड करवाया गया।

अन्य पत्रकार भी निशाने पर: मोबाइल छीने, वीडियो डिलीट, मारपीट

इस मामले के बाद अन्य पत्रकारों – धर्मेन्द्र ओझा (न्यूज़ 24), अमरकांत सिंह चौहान (स्वराज एक्सप्रेस), प्रीतम सिंह (NTV भारत) और स्वयं शशिकांत गोयल – को भिंड थाना बुलाया गया। आरोप है कि वहाँ उनके मोबाइल फोन छीनकर वीडियो डिलीट किए गए और धर्मेन्द्र ओझा के साथ मारपीट की गई।

लगातार धमकियाँ और रिपोर्टिंग पर रोक लगाने के प्रयास

पीड़ित पत्रकारों ने बताया कि भिंड SP असित यादव द्वारा उन्हें लगातार धमकाया जा रहा है और रिपोर्टिंग करने से रोका जा रहा है। उन्हें फर्जी मामलों में फँसाने की धमकी भी दी जा रही है।

पत्रकारों की प्रमुख माँगें:

  • पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच हो
  • दोषी अधिकारियों – गिरीश शर्मा, शिव प्रताप सिंह आदि – पर FIR और कड़ी कानूनी कार्यवाही हो
  • पत्रकारों और उनके परिवारों को सुरक्षा दी जाए
  • पीड़ित पत्रकारों को मुआवजा मिले
  • प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून शीघ्र लागू किया जाए

शिकायतें दी जा चुकीं, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं

पत्रकारों ने इस संबंध में भिंड कलेक्टर को शिकायती आवेदन सौंपे हैं, परंतु आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे यह आशंका बढ़ रही है कि दोषी अधिकारियों को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है।

राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी: पत्रकारों पर हमला नहीं सहेगा लोकतंत्र

पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में आंदोलन छेड़ा जाएगा। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
MK

Manoj K Sharma

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।