दिल्ली के मालवीय नगर में भीषण अग्निकांड: 20 से अधिक लोगों की मौत, कई घायल; रेस्टोरेंट और होटल में मची अफरा-तफरी

MALVIYA NAGAR FIRE

बुधवार (3 जून) की सुबह दिल्ली के मालवीय मगर स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में सुबह-सुबह आग लगने की खबर ने सभी को चौंका दिया। इस घटना में अब तक 20 लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है।

राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार (3 जून) की सुबह मालवीय नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस बहुमंजिला इमारत में लगी आग में 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। राहत और बचाव अभियान के दौरान दर्जनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इमारत के निचले हिस्से में रेस्टोरेंट संचालित हो रहा था, जबकि ऊपरी मंजिलों पर होटल और आवासीय सुविधाएं मौजूद थीं।

घटना के बाद आसपास के इलाकों में अफरा तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनियों से छलांग तक लगा दी। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और फंसे लोगों को बाहर निकालने में प्रशासन की मदद की।

सुबह करीब 9:45 बजे लगी आग

दिल्ली फायर सर्विस को बुधवार (3 जून) की सुबह करीब 9:45 बजे आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही कई दमकल की गाड़ियां फौरन घटनास्थल पर पहुंची। आग इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में इमारत का बड़ा हिस्सा धुएं और लपटों की चपेट में आ गया। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक आग पर काबू पाने में कई घंटे लगे।

रेस्टोरेंट से शुरू हुई आग की आशंका

शुरुआती रिपोर्ट यह बताते हैं कि आग इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित रेस्टोरेंट से शुरू हुई थी। हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। जांच एजेंसियां घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही हैं और फॉरेंसिक टीम को भी जांच में शामिल किया गया है। प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने से पहले कोई भी अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

37 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

राहत एवं बचाव कार्य के दौरान अबतक कुल 37 लोगों को इमारत से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इनमें से कई लोग धुएं के कारण बेहोश हो गए थे और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से फिलहाल इनकार नहीं किया जा सकता।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया भयावह मंजर

घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि अचानक इमारत से काला धुआं निकलना शुरू हुआ। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इस बीच कई लोग ऊपरी मंजिलों में फंस गए और मदद के लिए चिल्लाने लगे। चश्मदीदों के अनुसार, कुछ लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग लगा दी। स्थानीय निवासियों ने नीचे गद्दे और अन्य सामान रखकर लोगों को बचाने की कोशिश की। इस प्रक्रिया में भी कई लोगों की जान बचाई गई।

विदेशी नागरिकों के भी हताहत होने की आशंका

रिपोर्ट्स के अनुसार मृतकों में कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि कई विदेशी नागरिक दिल्ली में चिकित्सा उपचार के लिए आए थे और इसी इमारत के होटल में ठहरे हुए थे। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक सभी मृतकों की आधिकारिक पहचान जारी नहीं की गई है। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि क्या इमारत में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। इसके अलावा इस बात की भी जांच होगी कि रेस्टोरेंट और होटल के पास जरूरी सुरक्षा अनुमति और उपकरण मौजूद थे या नहीं। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी जताया दुख

घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी संदेश में मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई। साथ ही मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपये के मुआवजे की भी घोषणा की गई है।

भारत में बार-बार सामने आ रहे अग्निकांड

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में कई बार इमारतों में आग लगने की घटनाओं के पीछे सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक बड़ी वजह रही है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में बने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की कमी और आपातकालीन निकास मार्गों का अभाव अक्सर हादसों को और गंभीर बना देता है। इस घटना के बाद एक बार फिर राजधानी में व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।

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