टाकाटोरा स्टेडियम में लॉन्च हुई पुस्तक आधुनिक कार्यस्थल में पारंपरिक अंकों से ज्यादा व्यवहारिक क्षमताओं, कौशलों और प्रेरणाओं को करियर सफलता की असली कुंजी बताती है।
12 नवंबर 2025, नई दिल्ली
लेखिका और करियर विकास विशेषज्ञ मानसी शर्मा ने अपनी नई पुस्तक “फंडामेंटल्स ऑफ कंपिटेंसिस” का टाकाटोरा इंडोर स्टेडियम में औपचारिक विमोचन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एचआर प्रोफेशनल्स, शिक्षाविदों और उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया। पुस्तक आधुनिक रोजगार परिदृश्य में क्षमताओं की भूमिका और उनकी बढ़ती आवश्यकता को विस्तृत रूप से रेखांकित करती है।
यह पुस्तक प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक डेविड मैक्लेलैंड के शोध पर आधारित है, जिन्होंने यह चुनौती दी थी कि पारंपरिक परीक्षाएँ और आईक्यू टेस्ट किसी व्यक्ति के वास्तविक नौकरी प्रदर्शन की सटीक भविष्यवाणी नहीं कर पाते। मैक्लेलैंड का मानना था कि किसी भी पेशेवर की सफलता उसके गुणों, प्रेरणाओं, कौशलों और व्यवहार पर निर्भर करती है—न कि केवल उसके शैक्षणिक अंकों पर।
“फंडामेंटल्स ऑफ कंपिटेंसिस” में यही विचार केंद्र में है। पुस्तक विस्तार से बताती है कि कैसे व्यवहार-आधारित मूल्यांकन उच्च प्रदर्शन करने वालों को अलग पहचान देने में मदद करता है। यह मॉडल सिर्फ सिद्धांतों पर नहीं, बल्कि वास्तविक कार्यस्थल व्यवहार और व्यावहारिक उदाहरणों पर आधारित है।
पुस्तक में क्षमता-आधारित मूल्यांकन को अधिक न्यायसंगत और समावेशी बताया गया है। इसके अनुसार, संगठनों के लिए प्रतिभा अधिग्रहण, प्रशिक्षण, प्रदर्शन प्रबंधन और नेतृत्व विकास में क्षमता मॉडल एक विश्वसनीय और प्रभावी उपकरण साबित हो सकता है। इससे न केवल सही उम्मीदवारों की पहचान आसान होती है बल्कि करियर उन्नति भी अधिक पारदर्शी बनती है।
विमोचन समारोह के दौरान उपस्थित विशेषज्ञों ने इस पुस्तक को आधुनिक कार्यस्थल की जरूरतों के अनुरूप बताया। उनके अनुसार, यह पुस्तक व्यक्तियों और संस्थानों दोनों के लिए कार्यस्थल में सफलता के वास्तविक कारकों को समझने का एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक है।
मानसी शर्मा की “फंडामेंटल्स ऑफ कंपिटेंसिस” आज के प्रतिस्पर्धी वातावरण में उन सभी के लिए उपयोगी साबित होने जा रही है जो कौशल, क्षमता और प्रदर्शन के नए मापदंडों को अपनाना चाहते हैं।
