GST परिषद की 56वीं बैठक: दरों में कटौती और कर संरचना में बड़े बदलाव संभव, उपभोक्ताओं को राहत की उम्मीद

56th meeting of GST Council

उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती पर चर्चा हो रही है; दो-स्लैब वाली कर संरचना लागू करने पर भी विचार जारी है।

नई दिल्ली, केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद (GST Council) की 56वीं बैठक आज नई दिल्ली में शुरू हुई। बैठक दो दिनों (3–4 सितंबर) तक चलेगी और इसमें दर-संरचना सरल बनाने, आवश्यक वस्तुओं पर कर में राहत तथा अनुपालन को आसान करने जैसे प्रस्तावों पर विचार होने की उम्मीद है।

कौन-कौन शामिल

वित्त मंत्रालय द्वारा साझा तस्वीरों के अनुसार बैठक में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, दिल्ली, गोवा, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, मेघालय और ओडिशा के मुख्यमंत्री; अरुणाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के उप-मुख्यमंत्री; मणिपुर के राज्यपाल; राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्री; राजस्व विभाग के सचिव तथा सीबीआईसी के अध्यक्ष व सदस्य शामिल हुए। (सूचना फोटो/वित्त मंत्रालय की पोस्ट से।) परिषद की संरचना व औपचारिक नोटिस जीएसटी परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

एजेंडा पर क्या-क्या

दो-स्लैब संरचना पर विचार: फिटमेंट कमेटी ने कर-संरचना को सरल बनाकर दो मुख्य स्लैब (संकेतित 5% और 18%) पर जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है; ‘सिन-गुड्स’ के लिए ऊँचा स्लैब अलग से रखने का चर्चा-बिंदु है। अंतिम निर्णय परिषद करेगी।

दैनिक उपभोग की वस्तुओं पर राहत: मक्खन, कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स व अन्य रोज़मर्रा की चीज़ों पर दर-कटौती/रैशनलाइजेशन पर चर्चा की संभावना। फैसले बैठक के समापन पर घोषित हो सकते हैं।

ईवी कर ढांचा: उच्च-मूल्य (लग्ज़री) ईवी पर अधिक जीएसटी लगाने की सिफारिश टैक्स पैनल ने की है; परिषद इस पर भी विचार करेगी।

क्यों अहम है यह बैठक

जीएसटी के अगली पीढ़ी के सुधार (Next-Gen Reforms) पर प्रधानमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवस संबोधन में जो संकेत दिए गए थे, यह बैठक उसी रोडमैप पर आगे बढ़ने के लिहाज़ से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राज्यों की राजस्व-चिंता और उपभोक्ताओं को राहत—दोनों के बीच संतुलन तलाशना परिषद के सामने प्रमुख चुनौती है।

आगे क्या

बैठक कल समाप्त होने के बाद प्रेस ब्रीफिंग में आधिकारिक निर्णयों की घोषणा होने की संभावना है। हम महत्वपूर्ण फैसलों—जैसे दर-सुधार, बीमा/स्वास्थ्य सेवाओं पर राहत, और अनुपालन सरलीकरण—का अद्यतन सार आपके लिए संक्षेप में प्रस्तुत करेंगे।

पृष्ठभूमि: जीएसटी परिषद एक संवैधानिक निकाय है जिसमें केंद्र के साथ सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि होते हैं और यह देशभर के अप्रत्यक्ष कर ढांचे से जुड़े मामलों पर निर्णय लेती है।

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