Monday, 13 July 2026
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वंदे भारत स्लीपर: ईगल की तरह होगा डिजाइन, दिल्ली से शुरू होगी पहली वंदे भारत एसी स्लीपर ट्रेन

नई दिल्ली।

पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दिल्ली से चलेगी, ऐसा रेल मंत्रालय सूत्रों द्वारा कहा जा रहा है। स्लीपर ट्रेन का निर्माण BEML द्वारा किया जा रहा है। जल्द ही ट्रेन का ट्रायल शुरू हो सकता है। इसका डिजाइन भी अन्य वंदे भारत से अलग रखा जा रहा है। रेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार इसका डिजाइन ‘ईगल’ की तरह होगा।

बता दें कि भारत की सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस इस समय भारतीय रेलवे की शान है। रेल मंत्रालय हर राज्य में ट्रेन चलाने की कोशिश कर रहा है। रेलवे ने चेयर सीट के बाद अब इसके स्लीपर वैरिएंट पर काम शुरू कर दिया है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में राजधानी एक्सप्रेस और तेजस एक्सप्रेस से बेहतर सुविधाएं रेलवे देने की तैयारी में है।

ईगल की तरह होगा डिजाइन

सूत्रों के अनुसार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के सामने का डिज़ाइन ‘ईगल’ जैसा होगा। इसका मतलब है कि इसका आकार सामने की ओर नुकीला होगा। माना जाता है कि ऐसे डिजाइन से घर्षण कम होगा। दूसरे शब्दों में कहें तो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का अगला हिस्सा एक पक्षी की तरह दिखेगा।

ट्रेन के कोच ऐसे होंगे

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के कोच बेहद आरामदायक होंगे। अगर इसके रंग की बात करें तो यह पीला, क्रीम और वुडी हो सकता है। यात्रियों को ऊपरी बर्थ तक पहुंचने के लिए चढ़ने के लिए एक सीढ़ी प्रदान की जाएगी। इसमें सेंसर-आधारित प्रकाश व्यवस्था, ऊर्जा कुशल ओवरहेड प्रकाश और आसान आवाजाही के लिए फर्श पर पट्टियों के साथ रात्रि प्रकाश की सुविधा होगी। ताकि यात्रियों को रात के समय कोच के अंदर कोई परेशानी न हो। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के प्रोटोटाइप में 16 कोच होंगे। इसमें 11 एसी 3 टियर कोच, 4 एसी 2 टियर कोच और एक एसी प्रथम श्रेणी कोच होगा।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की स्पीड

ट्रेन में कुल 823 यात्रियों की बर्थ होगी। एसी 3 टियर में 611, एसी 2 टियर में 188 और एसी फर्स्ट में 24। भारतीय यात्रा कर सकेंगे। रेलवे वंदे भारत स्लीपर एसी 3-टियर कोच में साइड बर्थ पर कुशनिंग पर विचार कर रहा है। इसकी बर्थ पर कुशनिंग राजधानी एक्सप्रेस से बेहतर रखने की प्लानिंग है। स्पीड की बात करें तो नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से शुरू में चलाने का प्लान है। वैसे प्रोटोटाइप का परीक्षण 180-200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से किया जाएगा। भविष्य में इसकी स्पीड को बढ़ाया जा सकता है।

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Aniket

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लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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