Monday, 13 July 2026
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भारत ने अपना सबसे महान नेता खो दिया है,” डॉ. के. ए. पॉल ने डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर जताया गहरा शोक

वह सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि सभी भारतीयों के लिए एक आदर्श थे : डॉ. के. ए. पॉल

नई दिल्ली, (न्यूज ऑफ द डे)

विश्व प्रसिद्ध शांति दूत और प्रचारक डॉ. के. ए. पॉल ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन को देश के लिए एक “भावनात्मक और अपूरणीय क्षति” बताया। अपने संदेश में उन्होंने कहा, “डॉ. मनमोहन सिंह सिर्फ एक नेता नहीं थे; वे हर भारतीय के लिए प्रेरणा और आदर्श थे।”

डॉ. पॉल ने कहा कि डॉ. सिंह के कार्यकाल में भारत ने एक नई दिशा पाई। उन्होंने 1991 की आर्थिक संकट की स्थिति को याद करते हुए कहा, “जब भारत डूबने के कगार पर था, तब प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव का डॉ. सिंह को वित्त मंत्री नियुक्त करना देश के इतिहास का सबसे सही निर्णय था। डॉ. सिंह ने न केवल अर्थव्यवस्था को संभाला, बल्कि भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान दी।”

उन्होंने डॉ. सिंह की वित्तीय नीतियों को सराहते हुए कहा, “उनके नेतृत्व में भारत की वार्षिक उधारी सिर्फ ₹1 लाख करोड़ थी। आज की तुलना में यह उनकी कुशलता और दूरदर्शिता को दिखाता है।”

डॉ. पॉल ने अपने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए। उन्होंने 2007 की एक घटना को याद करते हुए कहा, “डॉ. सिंह की सादगी और विनम्रता का कोई मुकाबला नहीं। उस दिन उन्होंने गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के साथ बाहर खड़े होकर मेरी मेजबानी की। यह उनकी शख्सियत को बयां करता है। वे जितने बड़े नेता थे, उतने ही महान इंसान भी थे।”

उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज किया जो डॉ. सिंह को “पार्टी का कठपुतली” बताते थे। डॉ. पॉल ने स्पष्ट रूप से कहा, “डॉ. सिंह ने हमेशा देश के हित में स्वतंत्र और साहसिक फैसले लिए। वे सच्चे राष्ट्र निर्माता थे।”

अंतिम संस्कार में शामिल न हो पाने का अफसोस जताते हुए उन्होंने भारतीय मीडिया और जनता से अपील की कि डॉ. सिंह की विरासत को हमेशा गर्व और सम्मान के साथ याद किया जाए। “डॉ. सिंह सिर्फ एक प्रधानमंत्री नहीं थे; वे एक ऐसे नेता थे जिन्होंने भारत की आत्मा को पहचाना और उसे उन्नति की राह पर ले गए।”

उन्होंने कहा, “आज हम सबने एक मार्गदर्शक, एक शांतिदूत और एक सच्चे अर्थशास्त्री को खो दिया। उनका योगदान अमर है, और उनका नाम इतिहास के पन्नों में हमेशा चमकेगा।”

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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