नई दिल्ली।

फैशन ब्रांड लाइफस्टाइल इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड को ग्राहक से बिना पूर्व सूचना के पेपर कैरी बैग के लिए 7 रुपये शुल्क वसूलना महंगा पड़ गया। इस मामले में एक वाद मिलने के बाद पूर्वी दिल्ली उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दोनों पक्षों की राय जानने के बाद चौंकाने वाला फैसला दिया है। अदालत ने फैशन कंपनी ब्रांड लाइफस्टाइल इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड को नियम विरूद्ध ऐसा करने पर 3,000 रुपये का जुर्माना देने का निर्देश दिया है।

पूर्वी दिल्ली जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने यह फैसला एक खुदरा विक्रेता द्वारा एक पेपर कैरी बैग के बदले में 7 रुपये वसूलने पर सेवाओं में कमी का दावा करने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद वादी के पक्ष को सही माना। आयोग के अध्यक्ष एस.एस. मल्होत्रा, सदस्य रश्मि बंसल और रवि कुमार ने कहा कि खुदरा विक्रेता प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध के बाद पेपर कैरी बैग के लिए इस आधार पर शुल्क ले रहे थे कि पेपर बैग प्लास्टिक बैग की तुलना में महंगे होते हैं।

वादी की शिकायत जायज

उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने हालिया आदेश में कहा, ‘‘आयोग के समक्ष विचारनीय प्रश्न प्लास्टिक बैग या पेपर बैग के उपयोग का नहीं है बल्कि यह बिना पूर्व नोटिस या सूचना दिए खरीद के लिए चुने गए सामान के बदले भुगतान करते समय कैरी बैग प्रदान करने को लेकर ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त लागत लगाई जा सकती है या नहीं इस बारे में है। आदेश में कहा गया है कि शिकायतकर्ता ने तस्वीर दाखिल कर अपना मामला स्थापित किया है, जिसमें दिखाया गया है कि उपभोक्ताओं को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी कि उन्हें अपना कैरी बैग खुद लाना होगा और पेपर बैग का शुल्क लिया जाएगा।

उपभोक्ता को पहले जानकारी पाने का हक

आयोग ने अपने फैसले में ये भी कहा कि ग्राहक को खरीदारी करने से पहले यह जानने का अधिकार है कि कैरी बैग की अतिरिक्त लागत ली जाएगी और कैरी बैग की मुख्य विशिष्टताओं और कीमत को जानने का भी अधिकार है।

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