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लोकसभा चुनाव: नीतीश-ममता, जयंत के बाद अब अखिलेश, INDIA गठबंधन को 7 महीने में 6वां झटका, 187 सीटों पर दिखेगा असर

नई दिल्ली।

लोकसभा चुनाव में NDA का मुकाबला करने के लिए बना INDIA गठबंधन बिखरता जा रह है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बाद अब यूपी में अखिलेश यादव ने भी कांग्रेस से किनारा कर लिया है। बताया जा रहा है कि यूपी में भी सपा और कांग्रेस के बीच बातचीत टूट गई है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस यूपी में 20 सीटों की मांग कर रही थी, जबकि सपा कांग्रेस को 17 सीटें देने के पक्ष में थी।

पिछले साल जुलाई में INDIA गठबंधन का गठन हुआ था। तब इसमें 28 दल शामिल हुए थे। नीतीश कुमार का जदयू और जयंत चौधरी का रालोद इससे बाहर होकर एनडीए में शामिल हो गया है। जबकि टीएमसी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, आम आदमी पार्टी ऐसे दल हैं, जिन्होंने राज्यों में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। अब INDIA गठबंधन को सबसे बड़ा झटका देश के सबसे बड़े राज्य यानी यूपी में लगा है। 80 लोकसभा सीटों वाले यूपी में कांग्रेस और सपा के बीच बातचीत फेल हो गई है।

बंगाल से शुरू हुआ झटकों का दौर

INDIA गठबंधन को झटके की शुरुआत पश्चिम बंगाल से शुरू हुई। ममता बनर्जी ने बंगाल में टीएमसी के अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। टीएमसी कांग्रेस को दो सीटें देने के पक्ष में थी, लेकिन कांग्रेस और अधिक सीटें चाहती थी। ऐसे में दोनों पार्टियों के बीच बात नहीं बन पाई। आखिर में ममता ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया।

नीतीश ने दिया सबसे बड़ा झटका

बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने तमाम विपक्षी दलों को साथ लाने में अहम भूमिका निभाई थी। गठबंधन की पहली बैठक पटना में ही हुई थी। लेकिन लोकसभा चुनाव आने से पहले नीतीश कुमार ने पाला बदल लिया और एनडीए खेमे में शामिल हो गए। बताया जा रहा है कि नीतीश गठबंधन के संयोजक न बनाए जाने से नाराज थे।

जयंत चौधरी ने तोड़ा सपा से गठबंधन

जयंत चौधरी की रालोद और सपा यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में साथ चुनाव लड़ी थी, लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले जयंत चौधरी ने अपनी राहें अलग कर लीं। वे भी एनडीए में शामिल हो गए।

केजरीवाल ने किया पंजाब में अकेले लड़ने का ऐलान

आम आदमी पार्टी की ओर से भी कांग्रेस को झटका मिला है। आप ने पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। 13 लोकसभा सीटों वाले पंजाब में आप सत्ताधारी पार्टी है, जबकि कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी है। इतना ही नहीं आप ने दिल्ली में अपनी सरकार और मेयर होने का हवाला देते हुए कांग्रेस को सिर्फ 1 सीट ऑफर की है। दिल्ली कांग्रेस के नेता इस ऑफर का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में दिल्ली में भी दोनों पार्टियों के बीच खटास बढ़ती नजर आ रही है।

फारूक अब्दुल्ला ने सबको चौंकाया

उधर, जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुखिया फारूक अब्दुल्ला ने भी राज्य में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। जम्मू कश्मीर में 5 लोकसभा सीटें हैं। 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 3, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 3 सीटों पर जीत हासिल की थी। इन 6 सीट में एक लद्दाख की भी सीट शामिल है। आर्टिकल 370 हटाने के बाद मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर को जम्मू कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था।

यूपी में सपा-कांग्रेस में बातचीत फेल

INDIA गठबंधन को सबसे बड़ा झटका यूपी में लगा है। यहां कांग्रेस और सपा के बीच बातचीत फेल हो गई है। दरअसल, सपा ने कांग्रेस को 17 सीटें ऑफर की थीं। इससे पहले सपा कांग्रेस को सिर्फ 11 सीटें दे रही थी, लेकिन जयंत चौधरी के एनडीए में शामिल होने के बाद सपा ने इसे बढ़ाकर 17 कर दिया था। जबकि कांग्रेस 20 सीटों की मांग कर रही थी। दोनों के बीच बातचीत फेल होने के बाद अखिलेश ने उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट जारी कर दी। अब तक सपा 80 में से 32 सीटों पर लोकसभा उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है।

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