Wednesday, 17 June 2026
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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के कायाकल्प को लेकर बदली रणनीति, 5 हजार करोड़ में ये बदलेगा

प्रस्तावित मॉडल

नई दिल्ली।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के प्रयास को गति नहीं मिल रही है। पिछले वर्ष फरवरी में निर्माण कार्य शुरू किया जाना था, परंतु अब तक निविदा की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है। पांच बार निविदा निकालने के बाद भी कोई बोलीदाता सामने नहीं आया तो इस महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की प्रक्रिया में बदलाव करने का निर्णय लिया गया है। अब एक साथ पुनर्विकास कार्य करने की जगह टुकड़ों में इसे पूरा किया जाएगा।

पहाड़गंज की ओर बनेगा मल्टी मॉडल ट्रांजिट हब

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का काम रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) को दिया गया है। एक साथ काम करने के लिए कोई योग्य एजेंसी नहीं मिलने पर आरएलडीए ने पूरे काम को छोटे-छोटे हिस्से में विभाजित कर निविदा निकालने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत पहाड़गंज की तरफ मल्टी मॉडल ट्रांजिट हब विकसित करने के लिए 440 करोड़ की निविदा निकाली गई है। इसमें सफलता मिलने पर अन्य कार्यों की निविदा निकाली जाएगी।

पांच हजार करोड़ से होना है पूरे स्टेशन का पुनर्विकास

सितंबर, 2022 में केंद्रीय मंत्रिमंडल समिति ने पुनर्विकास योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। लगभग पांच हजार करोड़ रुपये इस काम के लिए प्रस्तावित है। पहले इस परियोजना को 60 वर्षों की अवधि के लिए डिजाइन-बिल्ड फाइनेंस आपरेट ट्रांसफर (डीबीएफओटी) मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव था। इस अनुमानित राशि पर कोई भी कंपनी काम करने को तैयार नहीं हुई तो पिछले वर्ष निविदा निरस्त कर दी गई थी। पिछले वर्ष एक जुलाई को नई निविदा निकाली गई। 4700 करोड़ रुपये अनुमानित निर्माण लागत रखी गई। इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मॉडल पर काम कराने का निर्णय लिया गया था। निविदा जमा करने की तिथि पहले पांच दिसंबर 2023, उसके बाद 10 जनवरी और फिर 12 फरवरी तक बढ़ाई गई, परंतु काम आवंटित नहीं हो सका।

120 हेक्टेयर में होना है पुनर्विकास का कार्य

परियोजना का मास्टर प्लान 120 हेक्टेयर का है जिसमें से 88 हेक्टेयर को पहले चरण में शामिल किया गया है। लगभग 12 लाख वर्गमीटर में निर्माण कार्य प्रस्तावित है।

स्टेशन परिसर व व्यवसायिक विकास में विभाजित है परियोजना

स्टेशन परिसर

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित गुंबद के आकार वाली स्टेशन की नई इमारत बनेगी, जिसमें दो-आगमन और दो-प्रस्थान होंगे। इसके साथ ही रेलवे कार्यालय बनाए जाएंगे।

व्यवसायिक विकास

वाणिज्यिक कार्यालय, होटल और आवासीय परिसर, स्टेशन के दोनों तरफ दो मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब, 40 मंजिल के ऊंचे ट्विन टावर और पैदल यात्रियों के लिए अलग मार्ग, साइकिल ट्रैक, ग्रीन ट्रैक बनाए जाएंगे।

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Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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