Wednesday, 15 July 2026
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डबल एल(लिमिट और लोकल) से कर सकते जलवायु सुधार में सहयोग: प्रो. चेतन सिंह सोलंकी

राजनीतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए ‘अबकी बार-जलवायु सुधार’ अभियान की शुरूआत

संविधान दिवस पर इस अभियान को शुरू करने का उद्देश्य भारत के पर्यावरणीय भविष्य को आगे बढ़ाना

नई दिल्ली।

भारत के सौलर मैन और एनर्जी स्वराज फाउंडेशन के संस्थापक प्रोफेसर चेतन सिंह सोलंकी ने तत्काल जलवायु कार्रवाई के लिए सार्वजनिक और राजनीतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए गेम-चेंजिंग अभियान ‘अबकी बार-जलवायु सुधार’ शुरू किया है। दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भारत के सौलर मैन ने बताया कि ‘डबल एल’ यानि अपनी लिमिट तय कर और लोकल उत्पादों पर जोर देकर आम लोग जलवायु सुधार में सहयोग कर सकते हैं। सार्वजनिक और राजनीतिक जागरूकता बढ़े और जलवायु प्रभाव को तीव्र होने से रोका जा सके, इसके लिए ही भारत के संविधान दिवस पर इस अभियान को शुरू किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य भारत के पर्यावरणीय भविष्य को आगे बढ़ाना है, जिसमें युवाओं को प्रेरित कर सहयोग के लिए प्रेरित करना है।

प्रोफेसर सोलंकी ने बताया कि एनर्जी स्वराज फाउंडेशन के अभियान का लक्ष्य 2024 के आम चुनावों में जलवायु सुधार को नया आकार देना है। जैसे-जैसे कार्बन उत्सर्जन बढ़ रहा है, भारत को जलवायु परिवर्तन के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता का सामना करना पड़ रहा है। अभियान जीवन और धन में अनुमानित नुकसान को रोकने के लिए तत्काल नीतियों और कार्यों की आवश्यकता पर जोर देगा।

सोलंकी ने प्रेसवार्ता में कहा कि विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने 2027 तक वैश्विक तापमान में 1.1 से 1.8 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि की भविष्यवाणी की है। 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक, जलवायु परिवर्तन अपरिवर्तनीय हो जाता है इसलिए 2024 के चुनावों में इसके लिए कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया गया है। जैसा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था, “हम आखिरी पीढ़ी हैं जो इसके बारे में कुछ कर सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा में वैश्विक नेतृत्व के लिए भारत का प्रयास उसे जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करने के लिए विशिष्ट स्थिति में रखता है। 2024 के चुनाव भारत की भूमिका को आकार देने और दुनिया के लिए एक उदाहरण स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर सकते हैं। अभियान राजनीतिक दलों, मीडिया, सामाजिक संगठनों और व्यक्तियों से जलवायु कार्रवाई को प्राथमिकता देने का आह्वान करेगा। प्रमुख कार्यों में जलवायु मुद्दों को पार्टी घोषणापत्र में एकीकृत करना, जागरूकता बढ़ाना और राजनीतिक नेताओं से कठिन प्रश्न पूछना शामिल रहेगा। उन्होंने प्रेसवार्ता के दौरान आग्रह किया कि, ‘आम चुनाव 2024 में जलवायु कार्रवाई को प्राथमिकता दें।’ उन्होंने बताया कि अपने इस अभियान के लिए जल्द ही वह सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों से संपर्क करेंगे।

गौरतलब है कि एक गैर-राजनीतिक और गैर-लाभकारी संगठन, एनर्जी स्वराज फाउंडेशन का उद्देश्य राजनीतिक नेताओं को शिक्षित करना और जलवायु परिवर्तन को केंद्र बिंदु के रूप में चुनाव में खड़े होने के लिए प्रोत्साहित करना है। बता दें कि प्रोफेसर चेतन सिंह सोलंकी, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे के विशिष्ट प्रोफेसर, मध्य प्रदेश सरकार के सोलर एनर्जी के ब्रांड एम्बेस्डर, और एनर्जी स्वराज फाउंडेशन के संस्थापक होने के साथ नवीनीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों और सतत विकास में अपने अद्वितीय ज्ञान के लिए प्रसिद्ध हैं। 11 वर्ष की यात्रा के दौरान उन्होंने भारत में 1093 दिनों में 45,000 किमी से अधिक क्षेत्र को कवर किया है। उनका उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और जलवायु सुधार के लिए विभिन्न क्रियाओं के लिए लोगों को प्रेरित करना है।

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लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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