Saturday, 03 October 2026
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IND vs NZ के पहले ODI मैच के बाद क्यों उठा कोहली की टिप्पणी पे सवाल?

विराट कोहली ने वडोदरा वनडे में रोहित शर्मा के विकेट पर दर्शको की खुशी पर जताई नाराजगी। जानें पूरी बात।


वडोदरा में भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच खेले गए पहले वनडे मैच में विराट कोहली ने 93 रनों की शानदार पारी खेलकर भारत को 301 रनों तक पहुँचाया। हालांकि, मैच के बाद चर्चा अधिकतर कोहली द्वारा किए गए एक बयान को लेकर थी।

जैसे ही रोहित शर्मा आउट हुए, स्टेडियम में जोरदार तालियों की आवाज़ गूंज उठी क्योंकि दर्शक कोहली को बल्लेबाजी करते देखना चाहते थे। इसके जवाब में कोहली ने कहा कि उन्हें यह पसंद नहीं है क्योंकि यह उस खिलाड़ी के लिए अच्छा महसूस नहीं कराता जो आउट हुआ।

कोहली ने इसकी तुलना आईपीएल से की और कहा कि जैसे चेन्नई सुपर किंग्स के मैचों में, दर्शक हर विकेट पर खुश होते हैं ताकि धोनी को बल्लेबाजी करते देख सकें। यह दिखाती है कि आईपीएल की फ्रेंचाइजी वाली सोच अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक भी पहुँचने लगी है।

आईपीएल में आम है यह ‘सेलिब्रिटी ड्रिवेन’ फैनडम

पिछले 18+ वर्षों में, IPL ने क्रिकेट प्रशंसकों की सोच को काफी बदल दिया है। आजकल, फैंस अपने पसंदीदा खिलाड़ियों का समर्थन टीमों से अधिक करने लगे हैं। आईपीएल ने क्रिकेट को एक तरह का मनोरंजन बना दिया है। सीएसके के घरेलू मैचों में, खासकर धोनी के करियर के आखिरी दौर में, फैंस हर विकेट गिरने पर खुश होते दिखते हैं ताकि ‘थाला’ बल्लेबाजी करने आ सकें। चेपॉक स्टेडियम में अब अश्विन या रवींद्र जडेजा जैसे बड़े खिलाड़ियों के आउट होने पर भी तालियां बजना आम बात हो गई है।

पूर्व क्रिकेटर अंबाती रायडू ने भी बताया है कि टीम के अंदर कई खिलाड़ियों को यह रवैया अजीब लगता है। आईपीएल के फ्रेंचाइजी सिस्टम ने फैंस को क्लब से जुड़ना सिखाया, लेकिन कई बार इसमें स्टार खिलाड़ी टीम से बड़ा बन जाता है। यही सोच आगे चलकर टॉक्सिक फैन कल्चर का रूप ले लेती है, जहां टीम की जीत से ज्यादा किसी एक हीरो को देखने की चाह अहम हो जाती है।

अंतरराष्ट्रीय मैचों में स्पिलओवर

वडोदरा में खेला गया यह पहला वनडे मैच इस स्टेडियम का उद्घाटन वनडे था। हालाँकि, वडोदरा में एक अंतरराष्ट्रीय मैच में ऐसा दृश्य देखना हैरान था। उसमें फैंस इतने उत्साहित थे कि जब रोहित शर्मा (26 रन) आउट हुए, तब भी उन्होंने खुशी जताई, क्योंकि उसके बाद विराट कोहली बल्लेबाज़ी करने आने वाले थे।

मैच के बाद, कोहली ने कहा, मुझे यह पसंद नहीं है, मैंने यह MS के साथ भी होते देखा है। आउट होने वाले खिलाड़ी के लिए यह अच्छा नहीं हैं । यह साफ रूप से दिखाता है कि IPL का सेलिब्रिटी इफेक्ट अब राष्ट्रीय टीम के मैचों में भी नजर आने लगा है।

फैंडम ग्रोथ या टीम स्पिरिट पर असर?

एक तरफ, इसे फैंडम में एक अच्छे बदलाव के रूप में भी दर्शाता है। अब लोग क्रिकेट को अधिक मनोरंजन के रूप में देखते हैं और अहम खिलाड़ियों को रॉक स्टार्स के रूप में मानते हैं। विराट कोहली जैसे सितारों की लोकप्रियता स्टेडियम्स को भर देती है, जो क्रिकेट के प्रसारण और विकास के लिए फायदेमंद है। कोहली खुद इसे एक “ब्लेसिंग” मानते हैं और कहते हैं कि लोगों को खुश देखकर उन्हें अच्छा लगता है।

लेकिन दूसरी तरफ, इसका टीम गेम की भावना पर प्रभाव पड़ सकता है। एक खिलाड़ी, जैसे कि रोहित शर्मा, जिसके आउट होने पर यह पल सुखद नहीं होता और यह अपमानजनक भी महसूस हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में देश का सम्मान पहले आता है, जहाँ हर खिलाड़ी टीम इंडिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इससे यह सवाल उठता है कि आईपीएल की क्लब मानसिकता यहाँ क्यों हावी हो रही है। क्या फैंस को यह याद नहीं रखना चाहिए कि भारत और न्यूजीलैंड के मैच में सबसे बड़ी चीज़ ‘टीम इंडिया’ है, न कि कोई व्यक्तिगत स्टार खिलाड़ी?

विराट कोहली की टिप्पणी भारतीय क्रिकेट में फैन कल्चर की वास्तविकता को दर्शाती है। जबकि आईपीएल फ्रेंचाइज़ी कल्चर ने फैंस के उत्साह को बढ़ाया है, अंतरराष्ट्रीय मैचों में इसका प्रभाव टीम की एकता के लिए चुनौतीपूर्ण प्रतीत होता है।

किसी भी खिलाड़ी के लिए फैन का प्यार एक ब्लेसिंग है, लेकिन इसे हर एक खिलाड़ी के प्रति सम्मान के साथ संतुलित करना महत्वपूर्ण है। चाहे यह फैंडम में बदलाव हो ।फिर भी, कोहली जैसी समझदार और संतुलित सोच वाली आवाजें निस्संदेह सकारात्मक बदलाव की दिशा दिखा सकती हैं।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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