Wednesday, 29 July 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
190 Years of Arc de Triomphe: नेपोलियन की सैन्य जीत से फ्रांस की राष्ट्रीय स्मृति तक, जानिए इस ऐतिहासिक स्मारक की पूरी कहानी राज्यसभा में गूंजा ‘वंदे मातरम्’, टीडीपी सांसद चिंतकायला विजय ने राष्ट्रीय एकता और भारत की सांस्कृतिक विरासत पर दिया जोर इंस्टाग्राम पर छाई गौतम ‘गंभीर’ की मुस्कुराती हुई तस्वीरें, हंसमुख अंदाज में ट्रोलर्स को परोसा मीम मटेरियल Telegram CEO Pavel Durov पर रूस का बड़ा एक्शन, आतंकवाद को बढ़ावा देने के लगाए आरोप ₹16 करोड़ की लागत से बनी पुल 17 दिन में धंसी, देहरादून में बारिश ने खोली निर्माण की पोल! एक बार फिर भुकंप के झटकों से दहला जापान, कुमामोटो में अब तक 13 लोगों की मौत, कई औद्योगिक कंपनियां हुई ठप असम में आई बाढ़ से अब तक 75 की मौत, 3.32 लाख से अधिक लोग प्रभावित! सरकार ने बढ़ाई आर्थिक मदद एचआरडीएस इंडिया ने हिंसा और पुलिस पर हमलों की कड़ी निंदा की 190 Years of Arc de Triomphe: नेपोलियन की सैन्य जीत से फ्रांस की राष्ट्रीय स्मृति तक, जानिए इस ऐतिहासिक स्मारक की पूरी कहानी राज्यसभा में गूंजा ‘वंदे मातरम्’, टीडीपी सांसद चिंतकायला विजय ने राष्ट्रीय एकता और भारत की सांस्कृतिक विरासत पर दिया जोर इंस्टाग्राम पर छाई गौतम ‘गंभीर’ की मुस्कुराती हुई तस्वीरें, हंसमुख अंदाज में ट्रोलर्स को परोसा मीम मटेरियल Telegram CEO Pavel Durov पर रूस का बड़ा एक्शन, आतंकवाद को बढ़ावा देने के लगाए आरोप ₹16 करोड़ की लागत से बनी पुल 17 दिन में धंसी, देहरादून में बारिश ने खोली निर्माण की पोल! एक बार फिर भुकंप के झटकों से दहला जापान, कुमामोटो में अब तक 13 लोगों की मौत, कई औद्योगिक कंपनियां हुई ठप असम में आई बाढ़ से अब तक 75 की मौत, 3.32 लाख से अधिक लोग प्रभावित! सरकार ने बढ़ाई आर्थिक मदद एचआरडीएस इंडिया ने हिंसा और पुलिस पर हमलों की कड़ी निंदा की

राज्यसभा में गूंजा ‘वंदे मातरम्’, टीडीपी सांसद चिंतकायला विजय ने राष्ट्रीय एकता और भारत की सांस्कृतिक विरासत पर दिया जोर

आंध्र प्रदेश के टीडीपी सांसद ने स्वतंत्रता सेनानियों को किया श्रद्धापूर्वक नमन, अल्लूरी सीताराम राजू के अद्वितीय बलिदान को याद कर राष्ट्रीय एकता का दिया संदेश

नई दिल्ली: राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेते समय आंध्र प्रदेश की जीआई-टैग प्राप्त मंगलगिरि हैंडलूम शॉल धारण कर लगभग 5,000 बुनकर परिवारों को सम्मान देने वाले तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के सांसद चिंतकायला विजय ने मानसून सत्र में अपने प्रभावशाली और भावनात्मक संबोधन से एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। इतिहास, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता से प्रेरित उनके भाषण में ‘वंदे मातरम्’ भारत की सभ्यतागत विरासत और स्वतंत्रता संग्राम की अमर चेतना का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।

राज्यसभा में अपने पहले संबोधन के दौरान टीडीपी सांसद चिंतकायला विजय ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का अमर प्रतीक है, जिन्होंने आधुनिक भारत की नींव रखी।

सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “भारत केवल हमारा लोकतंत्र नहीं, बल्कि हमारी पहचान और सामूहिक चेतना का प्रतीक है। यह महज एक भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि बलिदान, संस्कृति और हजारों वर्षों पुरानी जीवंत सभ्यता का प्रतिनिधित्व करता है।”

विजय ने अपने भाषण में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह गीत करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा, साहस और राष्ट्रभक्ति का स्रोत बना। उन्होंने खुदीराम बोस, वीर सावरकर और चंद्रशेखर आज़ाद जैसे महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन देशभक्ति और त्याग का सर्वोच्च उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि ये महापुरुष केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि भारतीय अस्मिता, साहस और राष्ट्रीय गौरव की जीवंत प्रेरणा हैं।

अपने गृह राज्य आंध्र प्रदेश का उल्लेख करते हुए विजय ने महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन की क्रूरता भी उनके देशप्रेम को डिगा नहीं सकी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उन्हें दी गई श्रद्धांजलि का उल्लेख करते हुए विजय ने कहा कि यह उनके बलिदान के प्रति पूरे राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक है।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की चुनौतियों का समाधान विभाजन में नहीं, बल्कि एकता, सहयोग और सामूहिक संकल्प में निहित है।

अपने संबोधन में विजय ने कहा, “कोई भी राष्ट्र तब तक प्रगति नहीं कर सकता, जब तक उसके सभी नागरिक समान उद्देश्य और साझा संकल्प के साथ आगे न बढ़ें।”

उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और विविधताओं में निहित है। राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए।

विजय ने राष्ट्रीय विमर्श में ‘वंदे मातरम्’ की भावना को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और मंत्री नारा लोकेश के नेतृत्व की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयास राज्य की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय गौरव और सामाजिक समरसता को नई दिशा दे रहे हैं।

41 वर्षीय चिंतकायला विजय को भारतीय राजनीति की नई पीढ़ी का प्रतिनिधि बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका सार्वजनिक जीवन केवल राजनीतिक दायित्वों तक सीमित नहीं है। राज्यसभा में मंगलगिरि हैंडलूम शॉल पहनकर बुनकरों को सम्मान दिलाने से लेकर संसद में स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को राष्ट्रीय विमर्श से जोड़ने तक, उन्होंने समाज और संस्कृति को नीति-निर्माण के केंद्र में रखने का प्रयास किया है।

अपने संबोधन का समापन करते हुए विजय ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ आज भी भारत को भाषा, क्षेत्र और राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर उठाकर एक सूत्र में बांधने की शक्ति रखता है। उन्होंने कहा, “भारत तभी आगे बढ़ता है, जब हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में समान भागीदारी निभाता है।”

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।