Wednesday, 02 September 2026
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अमेरिका-ईरान तनाव: ईरान पर सख्त रुख, अमेरिका बोला-अब अंत करीब…

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio का दावा कि कुछ हफ्तों में खत्म होगा अभियान। बिना जमीनी सेना के लक्ष्य हासिल करने की रणनीति, G7 में मतभेद और तेल सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता।

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि ईरान के खिलाफ उसका सैन्य अभियान ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। G7 विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि यह अभियान “महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों” में खत्म हो सकता है। उनका दावा है कि अमेरिका अपने सभी अहम सैन्य उद्देश्यों को बिना जमीनी सैनिक उतारे ही हासिल कर लेगा।

ईरान को भारी नुकसान, लेकिन जमीनी हस्तक्षेप से अमेरिका दूर

रूबियो के मुताबिक, इस अभियान में ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता, ड्रोन निर्माण ढांचे, नौसेना और वायुसेना को गंभीर नुकसान पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की रणनीति तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रही है और ईरान की सैन्य ताकत लगातार कमजोर हो रही है।

हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि हाल के दिनों में मध्य पूर्व में अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़ाई गई है। लेकिन इसे उन्होंने “सिर्फ एहतियाती कदम” बताया। उनके अनुसार, यह तैनाती किसी बड़े जमीनी अभियान के लिए नहीं, बल्कि संभावित आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति Donald Trump को हर परिस्थिति से निपटने के लिए विकल्प उपलब्ध कराना ही इसका उद्देश्य है।

G7 बैठक में मतभेद उजागर

इस बीच, G7 देशों की बैठक में इस पूरे अभियान को लेकर मतभेद भी सामने आए। यूरोपीय देशों ने नाराजगी जताई कि उन्हें पहले से भरोसे में नहीं लिया गया था। France की ओर से साफ किया गया कि उसका रुख पूरी तरह रक्षात्मक है और वह सीधे इस संघर्ष में शामिल नहीं होना चाहता।

तेल सप्लाई बचाने को देशों ने मिलाया हाथ

इसके बावजूद, एक अहम मुद्दे पर सभी देश सहमत दिखे और जलमार्ग वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आशंका जताई जा रही है कि अगर ईरान इसे बाधित करता है, तो दुनिया भर में तेल की कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है। बैठक में इस मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए भविष्य में संयुक्त प्रयास की बात भी सामने आई।

उधर, ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। खासकर मिसाइल कार्यक्रम को लेकर वह कोई समझौता करने के मूड में नहीं दिख रहा हैं। जवाब में अमेरिका ने अपने हमलों का दायरा और समयसीमा बढ़ाने का फैसला किया है, हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी भी यही कहा जा रहा है कि अभियान जल्द समाप्त हो जाएगा।

सऊदी में सैनिक घायल होने की खबरें

क्षेत्रीय स्तर पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। Middle East में कई देश स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में सऊदी अरब में अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की खबरें भी सामने आई हैं। ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी जा चुकी है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

अमेरिका इस अभियान को सीमित और सफल बताने की कोशिश कर रहा है, लेकिन सहयोगी देशों की चिंताएं, ईरान का कड़ा रुख और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता यह संकेत दे रही है कि मामला अभी पूरी तरह शांत होने से दूर है। अब पूरी दुनिया की नजर इस पर टिकी है कि क्या यह टकराव सच में जल्द थमेगा या आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर रूप ले सकती है।

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Shweta Gupta

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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