Friday, 02 October 2026
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Bengaluru Girl Murder Case: 6 साल की बच्ची वेन्नेला की मौत पर चौंकाने वाला खुलासा, प्रेमी के साथ मिलकर मां ने रची साजिश?

बेंगलुरु में 6 साल की बच्ची वेन्नेला की संदिग्ध मौत की जांच में एक नया मोड़ सामने आया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जानें इस केस से जुड़े सभी अहम पहलू।


बेंगलूरु: 25 मार्च को बेंगलुरु में हुए छह साल की मासूम बच्ची वेन्नेला की संदिग्ध मौत का मामला अब एक गंभीर आपराधिक जांच में बदल चुका है। शुरुआत में जिसे सामान्य मृत्यु माना जा रहा था, अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद उसे हत्या का मामला माना जा रहा है।

मेडिकल रिपोर्ट में साफ तौर पर सामने आया है कि बच्ची की मौत श्वास मार्ग (Airway) के पूरी तरह बंद होने और पेट में गंभीर चोट (Blunt Abdominal Trauma) के कारण हुई।

इस मामले में पुलिस का शक बच्ची की मां प्रियंका और उसके साथी जी.एम. मोहन पर गया है। मोहन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि प्रियंका को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पूरा मामला अब बेंगलुरु पुलिस की हत्या जांच इकाई के तहत जांचा जा रहा है।

जन्मदिन के अगले दिन हुई थी दर्दनाक मौत

यह घटना 25 मार्च की है, जब वेन्नेला को गंभीर हालत में बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। यह दिन और भी दर्दनाक इसलिए बन गया क्योंकि सिर्फ एक दिन पहले ही बच्ची ने अपना जन्मदिन मनाया था।

शुरुआत में परिजनों ने पुलिस को बताया था कि बच्ची यात्रा के दौरान अचानक बीमार हो गई थी। इसी आधार पर केस को Unnatural Death Report (UDR) के तहत दर्ज किया गया था। शुरुआती जांच में शक नहीं था कि यह कोई हिंसक घटना हो सकती है।

लेकिन जैसे-जैसे मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच आगे बढ़ी, पूरा मामला बदल गया।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने खोला सच

बेंगलुरु स्थित वायदेही इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर में किए गए पोस्टमॉर्टम ने इस केस की दिशा पूरी तरह बदल दी।

रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि बच्ची की मौत दो गंभीर चोटों के कारण हुई:

  • एयरवे का पूरी तरह बंद होना (Asphyxia due to obliteration of airway)
  • पेट में गंभीर चोट (Blunt force trauma to abdomen)

डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची के पेट की अंदरूनी गुहा (Peritoneal Cavity) में लगभग 400 मिलीलीटर खून और खून के थक्के पाए गए, जो किसी गंभीर अंदरूनी चोट की ओर इशारा करते हैं।

मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी मात्रा में अंदरूनी रक्तस्राव किसी सामान्य दुर्घटना या हल्की चोट से संभव नहीं है। यह साफ तौर पर किसी बाहरी हिंसा या जोरदार वार का संकेत देता है।

साथ ही, श्वास मार्ग के बंद होने की स्थिति यह बताती है कि बच्ची का दम घोंटा गया या सांस रोकने की कोशिश की गई।

मामला UDR से हत्या में बदला

पोस्टमॉर्टम और शुरुआती मेडिकल निष्कर्षों के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच को आगे बढ़ाया। इसके बाद 4 जून को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया।

पहले यह केस Unnatural Death Report के रूप में दर्ज था, लेकिन फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद इसे हत्या में बदल दिया गया।

एफआईआर में बच्ची की मां प्रियंका और उसके साथी जी.एम. मोहन का नाम शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्य यह संकेत देते हैं कि बच्ची की मौत प्राकृतिक कारणों से नहीं हुई।

यात्रा के दौरान संदिग्ध गतिविधियां

पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना से पहले बच्ची अपनी मां और मोहन के साथ दक्षिण भारत के कई शहरों की यात्रा पर थी। इस यात्रा में तिरुवनंतपुरम, अलप्पुझा और मदुरै जैसे शहर शामिल थे।

शुरुआत में परिवार ने दावा किया था कि यात्रा के दौरान बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे Food Poisoning भी हुई। इसी वजह से उसे इलाज के लिए बेंगलुरु लाया गया।

लेकिन जांच में यह दावा कमजोर पड़ गया क्योंकि मेडिकल रिपोर्ट में फूड पॉइजनिंग या संक्रमण का कोई सबूत नहीं मिला।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यात्रा के दौरान की गतिविधियों और घटनाओं में कई विरोधाभास पाए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

गाड़ी के अंदर मारपीट की आशंका

जांच में एक बड़ा शक यह भी जताया जा रहा है कि बच्ची पर किसी वाहन के अंदर हमला किया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पेट में लगी चोट किसी तेज और भारी वार का परिणाम हो सकती है।

इसके अलावा, एयरवे ब्लॉकेज की स्थिति से यह भी संभावना जताई जा रही है कि बच्ची का गला दबाया गया या सांस रोकने की कोशिश की गई।

हालांकि पुलिस ने अभी आधिकारिक रूप से किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है, लेकिन मेडिकल साक्ष्य इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि मौत हिंसक परिस्थितियों में हुई।

अस्पताल पहुंचने के बाद हुई पुष्टि

जब बच्ची को अस्पताल लाया गया, तब उसकी हालत बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन वह बचाई नहीं जा सकी।

अस्पताल प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

शुरुआत में पुलिस ने इसे संदिग्ध मृत्यु मानकर जांच शुरू की, लेकिन कोई स्पष्ट आपराधिक मामला सामने नहीं आने के कारण इसे UDR के रूप में दर्ज किया गया।

फॉरेंसिक रिपोर्ट ने बढ़ाया शक

Forensic Science Laboratory (FSL) की रिपोर्ट ने इस केस में एक निर्णायक भूमिका निभाई। रिपोर्ट में यह साफ किया गया कि बच्ची की मौत किसी प्रकार की फूड पॉइजनिंग, वायरस या प्राकृतिक बीमारी से नहीं हुई।

रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि मौत का कारण शारीरिक चोट और दम घुटना था। इस रिपोर्ट के बाद पुलिस ने केस को गंभीर आपराधिक मामले में बदल दिया और आगे की कार्रवाई तेज कर दी।

पिता की शिकायत से खुली जांच

इस पूरे मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया जब बच्ची के पिता ने मौत पर संदेह जताया। उन्होंने पुलिस को बताया कि जो परिस्थितियां बताई जा रही हैं, वे मेल नहीं खातीं।

उनकी शिकायत के बाद पुलिस ने केस की दोबारा जांच शुरू की और मेडिकल रिपोर्ट का गहराई से अध्ययन किया। इसी जांच के बाद मामला हत्या की दिशा में बढ़ा।

गिरफ्तारी और पूछताछ जारी

पुलिस ने मामले में आरोपी जी.एम. मोहन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बच्ची की मां प्रियंका को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के दिन की सही समयरेखा तैयार की जा सके।

पुलिस अब मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, यात्रा विवरण, होटल स्टे रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

क्षेत्र में आक्रोश और चिंता

इस घटना ने पूरे बेंगलुरु में लोगों को झकझोर कर रख दिया है। छह साल की बच्ची की दर्दनाक मौत और उसके पीछे सामने आ रहे तथ्य लोगों में गुस्सा और दुख दोनों पैदा कर रहे हैं।

बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में शुरुआती स्तर पर ही गंभीरता दिखानी चाहिए थी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह जांच अभी शुरुआती चरण में है और कई महत्वपूर्ण फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जैसे-जैसे नए सबूत सामने आएंगे, मामले की दिशा और स्पष्ट होगी।

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MD Faijan

MD Faijan

लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

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