Thursday, 17 September 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
EPFO Wage Ceiling Hike: अब ₹25,000 तक की सैलरी पर PF, जानें कर्मचारियों पर क्या होगा असर टीम इंडिया को लगा बड़ा झटका, एशियन गेम्स से पहले चोट के कारण बाहर हुए वरुण चक्रवर्ती मेसी के केरलम दौरे पर बढ़ता विवाद, ‘रिपोर्टर टीवी’ के कार्यालय पर पुलिस ने छापा मारा पारुल सिंह और राकेश कुमार सिंह उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के पुस्तक विमोचन समारोह में शामिल Redmi Note 17 Pro और Pro Max भारत में लॉन्च, 10,000mAh बैटरी ने खींचा ध्यान; जानें कीमत से लेकर फीचर्स तक पूरी जानकारी UPI पर अब लगेगा चार्ज! ₹2,000 से ऊपर के पेमेंट पर नया नियम, जानें किसे देना होगा पैसा और क्या रहेगा फ्री मक्का पर मंडराया ड्रोन हमले का खतरा, पहली बार जारी हुआ एयर रेड अलर्ट अमेरिका के नए क्रिप्टो नियम भारत को क्या संकेत देते हैं EPFO Wage Ceiling Hike: अब ₹25,000 तक की सैलरी पर PF, जानें कर्मचारियों पर क्या होगा असर टीम इंडिया को लगा बड़ा झटका, एशियन गेम्स से पहले चोट के कारण बाहर हुए वरुण चक्रवर्ती मेसी के केरलम दौरे पर बढ़ता विवाद, ‘रिपोर्टर टीवी’ के कार्यालय पर पुलिस ने छापा मारा पारुल सिंह और राकेश कुमार सिंह उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के पुस्तक विमोचन समारोह में शामिल Redmi Note 17 Pro और Pro Max भारत में लॉन्च, 10,000mAh बैटरी ने खींचा ध्यान; जानें कीमत से लेकर फीचर्स तक पूरी जानकारी UPI पर अब लगेगा चार्ज! ₹2,000 से ऊपर के पेमेंट पर नया नियम, जानें किसे देना होगा पैसा और क्या रहेगा फ्री मक्का पर मंडराया ड्रोन हमले का खतरा, पहली बार जारी हुआ एयर रेड अलर्ट अमेरिका के नए क्रिप्टो नियम भारत को क्या संकेत देते हैं

पुस्तक ‘समर्पण’ के जरिए सामने आए पंडित दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व और दर्शन के विविध आयाम

आईजीएनसीए, वाराणसी में पुस्तक परिचर्चा एवं संवाद कार्यक्रम में विद्वानों ने दीनदयाल जी के विचारों की समकालीन प्रासंगिकता पर किया विमर्श

वाराणसी: आईजीएनसीए के क्षेत्रीय केन्द्र, वाराणसी में आयोजित पुस्तक परिचर्चा एवं संवाद कार्यक्रम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन-दर्शन पर आधारित पुस्तक ‘समर्पण’ पर चर्चा की गई। इस अवसर पर भारतीय ज्ञान-परंपरा के प्रतिष्ठित विद्वान श्री विद्याप्रसाद मिश्र मुख्य अतिथि रहे और कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री रामाशीष सिंह ने की। लेखक श्री चन्दन कुमार की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर आधारित एक वृत्तचित्र के प्रदर्शन से हुआ। इसके बाद भारत माता एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर श्री बृहस्पति पाण्डेय ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।

स्वागत उद्बोधन में आईजीएनसीए, वाराणसी के निदेशक डॉ. अभिजित दीक्षित ने कार्यक्रम की विषयवस्तु एवं उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने लेखक सहित सभी विशिष्ट अतिथियों का माल्यार्पण, अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मान किया।

पुस्तक के लेखक श्री चन्दन कुमार ने अपनी नवप्रकाशित पुस्तक ‘समर्पण’ की अवधारणा, लेखन-प्रक्रिया तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। इसके पश्चात उपस्थित अतिथियों एवं विद्वानों द्वारा पुस्तक का औपचारिक लोकार्पण किया गया।

मुख्य अतिथि श्री विद्याप्रसाद मिश्र ने पुस्तक के प्रकाशन की यात्रा का उल्लेख करते हुए इसे लेखक और प्रकाशक के सतत परिश्रम एवं समर्पण का परिणाम बताया। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन में निहित ‘शिवत्व’ तथा उनके एकात्म मानववाद के दर्शन को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक पंडित जी के जीवन-दर्शन को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम सिद्ध होगी।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में श्री रामाशीष सिंह ने कहा कि जब आदर्श व्यवहार में उतरते हैं, तब दीनदयाल जैसे व्यक्तित्वों का निर्माण होता है। उन्होंने राष्ट्र के प्रति समर्पण, प्रतिबद्धता और लोकमंगल की भावना को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन का मूल आधार बताया तथा कहा कि उनका जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

कार्यक्रम के अंत में नागपुर से पधारे श्री स्वप्निल जी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रजनीकांत त्रिपाठी ने किया।

इस अवसर पर तमिलनाडु से श्री वी. थिल्लई, डॉ. आनन्द धी राजा एवं श्री आर.आर. मुर्गेश, कर्नाटक से डॉ. पुनीत कुमार, बिहार से श्रीमती कुमकुम भारद्वाज, दिल्ली से श्री अजय शर्मा, लखनऊ से श्री गौतम उपाध्याय तथा आंध्र प्रदेश से श्री बाला कृष्ण सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए अनेक विद्वान एवं चिंतक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में काशी के वरिष्ठ समाजसेवियों, कला-प्रेमियों, बुद्धिजीवियों तथा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के बड़ी संख्या में शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विचार-विमर्श से परिपूर्ण यह आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को नए दृष्टिकोण से समझने और उनकी समकालीन प्रासंगिकता पर संवाद का महत्वपूर्ण मंच बना।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।