सर्जरी के दौरान ऑपरेशन थिएटर में सोनू निगम ने मोहम्मद रफी का ‘सुहानी रात ढल चुकी’ गाना गाया। जानिए उनकी सर्जरी क्यों हुई और वायरल वीडियो के पीछे की पूरी कहानी।
मुंबई: कभी-कभी किसी कलाकार की पहचान सिर्फ उसके मंच, उसकी आवाज या उसके गाए हुए गीतों से नहीं होती, बल्कि मुश्किल वक्त में उसका रवैया भी उसकी पूरी शख्सियत की कहानी कह देता है। भारतीय संगीत के दिग्गज गायकों में शामिल सोनू निगम के साथ भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला।
जिस वक्त वह ऑपरेशन थिएटर में थे और उनकी सर्जरी चल रही थी, उसी दौरान वहां मौजूद डॉक्टरों के लिए उन्होंने मोहम्मद रफी का मशहूर गीत गाना शुरू कर दिया।
सोनू निगम का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह ऑपरेशन टेबल पर लेटे हुए दिखाई देते हैं और मोहम्मद रफी का सदाबहार गीत ‘सुहानी रात ढल चुकी’ गाते सुनाई देते हैं। इस गीत की सबसे पहचानी जाने वाली पंक्ति ‘ना जाने तुम कब आओगे’ है। खास बात यह है कि सोनू ने यह गाना किसी स्टेज शो या रिकॉर्डिंग स्टूडियो में नहीं, बल्कि अपनी सर्जरी के दौरान मेडिकल टीम के लिए गाया।
वीडियो सामने आने के बाद जहां प्रशंसक उनकी आवाज और संगीत के प्रति समर्पण की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कई लोग उनकी सेहत को लेकर चिंतित भी हो गए। हालांकि अब खुद सोनू निगम ने अपनी सर्जरी और इस पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन थिएटर में गाना किसी पहले से तय कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था, बल्कि यह पूरा पल बेहद स्वाभाविक तरीके से हुआ।
ऑपरेशन थिएटर में गाने लगे सोनू निगम
रविवार, 9 अगस्त को सोशल मीडिया पर सर्जरी के दौरान सोनू निगम का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। वीडियो में वह मेडिकल टीम के बीच ऑपरेशन टेबल पर दिखाई देते हैं और मोहम्मद रफी का ‘सुहानी रात ढल चुकी’ गा रहे हैं। उन्होंने डॉक्टर निलेश सातभाई और उनकी टीम के लिए इस प्रस्तुति को एक अचानक बने संगीत के पल के तौर पर साझा किया।
बाद एक इंटरव्यू के जरिए सोनू ने बताया कि इस पूरे वाकये की शुरुआत डॉक्टर की तरफ से हुई। डॉक्टर निलेश सातभाई सोनू के प्रशंसक हैं और ऑपरेशन के दौरान उन्होंने सोनू के गाने चलाए थे। इनमें सोनू का ‘Rafi Resurrected’ प्रोजेक्ट भी शामिल था, जिसमें उन्होंने सिटी ऑफ बर्मिंघम सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा के साथ मोहम्मद रफी के गीतों को अपनी आवाज में दोबारा प्रस्तुत किया था।

सोनू के मुताबिक, कुछ गाने ऐसे हिस्से में पहुंच गए जहां उनकी आवाज नहीं थी। संगीत बज रहा था, लेकिन वोकल नहीं था। इसी दौरान उन्होंने स्वाभाविक रूप से गाना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने डॉक्टरों के लिए दो-तीन गाने गाए और मेडिकल टीम ने इस असामान्य लेकिन यादगार पल को रिकॉर्ड भी किया।
यानी यह कोई ऐसा प्रदर्शन नहीं था जिसकी पहले से तैयारी की गई हो। सर्जरी के दौरान संगीत बज रहा था और सोनू ने उसी माहौल में गाना शुरू कर दिया। यही वजह है कि यह वीडियो लोगों के लिए इतना खास बन गया है।
क्या हुआ था सोनू निगम को?
वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर सोनू निगम की सर्जरी क्यों हुई? शुरुआती रिपोर्टों में इसकी वजह स्पष्ट नहीं थी। लेकिन बाद में सोनू ने खुद बताया कि उनकी सर्जरी बाएं हाथ की अनामिका (Left Ring Finger) में बार-बार उभर रही एक ग्रोथ से संबंधित थी।
सोनू ने बताया कि यह समस्या कुछ समय से बनी हुई थी। करीब चार महीने पहले भी इसे हटाने के लिए उनकी सर्जरी हुई थी, लेकिन ग्रोथ दोबारा आ गई। उनके अनुसार, डॉक्टरों ने फिलहाल इसे उनकी हड्डियों से जुड़ी किसी आर्थराइटिस जैसी स्थिति से जोड़कर देखा है, हालांकि उन्होंने खुद भी इसे लेकर निश्चित कारण नहीं बताया है। उन्होंने कहा कि अभी स्थिति को देखना और आगे की प्रक्रिया तय करना बाकी है।
इससे पहले भी परेशान कर रही थी नसों की समस्या
सोनू निगम के स्वास्थ्य को लेकर यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने सार्वजनिक तौर पर जानकारी साझा की हो। जून 2026 में उन्होंने बताया था कि वह काफी दर्दनाक Pinched Nerves की समस्या से गुजर रहे हैं।
उन्होंने बताया था कि एक सप्ताह से लगातार जांच चल रही थी और उन्होंने MRI तथा CT स्कैन करवाए थे। इसके अलावा दवाइयां और फिजियोथेरेपी भी चल रही थी। सोनू ने उस समय कहा था कि फिजियोथेरेपी काफी दर्दनाक थी और दर्द कम करने के लिए उन्हें Painkillers लेने पड़ रहे थे। उन्होंने यह भी बताया था कि दवाइयों के असर के कारण उनका गला भारी महसूस हो रहा था।
इसके बावजूद सोनू ने अपने पेशेवर कार्यक्रमों को रोकने से इनकार कर दिया था। जून में उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बावजूद मुंबई में अपना निर्धारित प्रदर्शन किया और कहा कि उनके लिए शो जारी रखना महत्वपूर्ण है।
‘सुहानी रात ढल चुकी’ की कहानी
सोनू निगम ने ऑपरेशन थिएटर में जिस गीत को गाया, वह भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास के बेहद लोकप्रिय गीतों में शामिल है। ‘सुहानी रात ढल चुकी’ साल 1949 में रिलीज हुई फिल्म ‘दुलारी’ का गीत है।
इस गीत को मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज दी थी। इसका संगीत महान संगीतकार नौशाद ने तैयार किया था, जबकि गीतकार शकील बदायूंनी थे। Saregama के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी इस गीत के गायक के रूप में मोहम्मद रफी, संगीत निर्देशक के रूप में नौशाद और गीतकार के रूप में शकील बदायूंनी का नाम दर्ज है।
गीत का भाव इंतजार, रात और किसी प्रिय व्यक्ति के आने की उम्मीद के आसपास घूमता है। यही भावुकता शायद उन कारणों में से एक है जिनकी वजह से यह गीत सात दशक से ज्यादा समय बाद भी श्रोताओं के बीच अपनी जगह बनाए हुए है।
और इस गीत से सोनू निगम का रिश्ता सिर्फ एक सामान्य प्रशंसक का नहीं है। वह लंबे समय से मोहम्मद रफी को अपने सबसे बड़े संगीत प्रेरणास्रोतों में गिनते रहे हैं। ‘Rafi Resurrected’ प्रोजेक्ट में उन्होंने रफी साहब के गीतों को अपनी आवाज में दोबारा पेश किया था। इसलिए ऑपरेशन थिएटर में इसी दौर के एक रफी गीत का गूंजना इस पूरे घटनाक्रम को और खास बना देता है।
ऑपरेशन के बीच गाना एक खास अनुभव
सोनू ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर में गाना उनके लिए भी एक खास अनुभव था। उनके अनुसार, डॉक्टरों और मेडिकल टीम ने भी इस पल का आनंद लिया। टीम ने उन्हें बताया कि उन्होंने पहले कभी ऐसा नहीं देखा था कि कोई मरीज सर्जरी के दौरान डॉक्टरों के लिए गा रहा हो।
सोनू ने यह भी बताया कि उन्होंने खुद डॉक्टरों से इस पल को रिकॉर्ड करने के लिए कहा था। यानी वायरल वीडियो किसी लीक हुई रिकॉर्डिंग का हिस्सा नहीं था, बल्कि सोनू की अनुमति और उनकी जानकारी के साथ रिकॉर्ड किया गया था।
अरिजीत सिंह ने क्यों कहा था- ‘सोनू निगम चाहकर भी बेसुरे नहीं हो सकते’?
सोनू निगम की इस घटना ने एक पुराने चर्चित तारीफ को भी फिर चर्चा में ला दिया है। गायक अरिजीत सिंह ने एक पुराने इंटरव्यू में सोनू निगम की गायकी की तारीफ करते हुए कहा था कि “सोनू चाहकर भी बेसुरे नहीं हो सकते”।
यह लाइन सोनू निगम की गायकी को लेकर प्रशंसकों के बीच लंबे समय से लोकप्रिय रही है। सोशल मीडिया पर भी इस कथन का इस्तेमाल अक्सर उनकी सुर पर पकड़ और लाइव गायकी की तारीफ करने के लिए किया जाता है।

ऑपरेशन थिएटर वाला वीडियो सामने आने के बाद यह बात फिर याद की जा रही है, क्योंकि सोनू ने बेहद असामान्य परिस्थिति में भी जिस सहजता से रफी साहब का गीत गाया, उसे देखकर प्रशंसक उनकी गायकी की स्थिरता की तारीफ कर रहे हैं।
सोनू निगम का संगीत सफर
सोनू निगम का संगीत सफर कई दशकों में फैला हुआ है। उन्होंने बचपन से ही मंच पर गाना शुरू कर दिया था और आगे चलकर हिंदी फिल्म संगीत के सबसे चर्चित प्लेबैक सिंगर्स में शामिल हुए।
उनकी आवाज ने 1990 और 2000 के दशक में हिंदी फिल्म संगीत को एक अलग पहचान दी। ‘कल हो ना हो’, ‘सूरज हुआ मद्धम’, ‘मैं अगर कहूं’, ‘साथिया’, ‘अभी मुझ में कहीं’, ‘संदेसे आते हैं’ जैसे गीत उनकी लोकप्रियता के महत्वपूर्ण पड़ाव रहे हैं।
उनकी खासियत सिर्फ रोमांटिक गीतों तक सीमित नहीं रही। उन्होंने देशभक्ति, सूफी, शास्त्रीय प्रभाव वाले गीत, पॉप और लाइव कॉन्सर्ट हर क्षेत्र में अपनी आवाज की अलग पहचान बनाई।
दर्द के बीच भी जारी है संगीत
सोनू निगम की मौजूदा सर्जरी की कहानी इसलिए भी अलग है क्योंकि उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बावजूद संगीत से खुद को अलग नहीं किया। जून में Pinched Nerves की समस्या के दौरान भी उन्होंने मंच पर प्रदर्शन किया था और अब उंगली की सर्जरी के दौरान भी संगीत उनके साथ रहा।
ऑपरेशन टेबल पर लेटे सोनू का ‘सुहानी रात ढल चुकी’ गाना सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं है। यह उनके और संगीत के बीच के उस रिश्ते की झलक भी देता है।
फिलहाल उनके प्रशंसकों की सबसे बड़ी चिंता उनकी पूरी तरह स्वस्थ होने को लेकर है। उपलब्ध ताजा जानकारी के मुताबिक सोनू सर्जरी के बाद सक्रिय हैं और अपने काम में लौट चुके हैं, लेकिन उनकी उंगली में दोबारा उभरी ग्रोथ को लेकर आगे डॉक्टर क्या फैसला लेते हैं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
सोनू निगम के लिए संगीत सिर्फ पेशा नहीं, जिंदगी का बेहद गहरा हिस्सा है। शायद इसी वजह से ऑपरेशन थिएटर जैसी जगह में भी जब रफी साहब की धुन बजी, तो सोनू की आवाज खुद-ब-खुद उसके साथ जुड़ गई।
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