Monday, 13 July 2026
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Press club of India का पहला साहित्य महोत्सव और पुस्तक मेला शानदार सफलता के साथ संपन्न, 2026 में और बड़े आयोजन का वादा

₹10 लाख की पुस्तक बिक्री, 12 विमोचन और 18 प्रकाशकों की भागीदारी बनीं मुख्य आकर्षण

Press club of India (PCI) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय साहित्य महोत्सव और पुस्तक मेला 29 फरवरी से 2 मार्च तक चला और उम्मीदों से कहीं अधिक सफल रहा। इस आयोजन ने 18 से अधिक प्रकाशकों, साहित्य प्रेमियों और पुस्तक विक्रेताओं को एक मंच पर लाकर पत्रकारिता और साहित्य के आपसी संबंधों को उजागर किया।

इस महोत्सव में प्रेस की स्वतंत्रता, खोजी पत्रकारिता और साहित्य के सामाजिक प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। सत्रों, पुस्तक विमोचनों और संवादात्मक कार्यशालाओं के माध्यम से मीडिया और साहित्य से जुड़े मुद्दों को गहराई से समझने और समझाने का अवसर मिला।

PCI के अध्यक्ष गौतम लाहिड़ी ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “यह पहला आयोजन हमारी अपेक्षाओं से कहीं अधिक सफल रहा। इस मंच पर हुई चर्चाओं ने पत्रकारिता और साहित्य के बीच गहरे रिश्ते को और मजबूत किया है। हम अगले वर्ष इसे और बड़े स्तर पर आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

महोत्सव की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में ₹10 लाख की पुस्तक बिक्री और 18 प्रमुख प्रकाशकों की भागीदारी रही। साथ ही, जय सिंह, रोहिणी सिंह और मसोम मुरादाबादी सहित कई चर्चित लेखकों की 12 नई पुस्तकों का विमोचन किया गया।

PCI के महासचिव नीरज ठाकुर ने कहा, “हम लोगों की जबरदस्त भागीदारी से बेहद उत्साहित हैं। जो शुरुआत पत्रकारिता और साहित्य के उत्सव के रूप में हुई थी, वह अब एक प्रमुख सांस्कृतिक आयोजन बन चुका है। हम इसे और समावेशी एवं भव्य बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”

वहीं, PCI के सचिव जितेंद्र सिंह ने कहा, “यह सिर्फ एक पुस्तक मेला नहीं था, बल्कि विचारों और बहस का एक महत्वपूर्ण मंच भी था। पत्रकारिता और साहित्य की भूमिका पर हुई चर्चाएं बेहद सार्थक रहीं। अब इसे हर साल आयोजित करने का हमारा संकल्प और भी मजबूत हो गया है।”

PCI की उपाध्यक्ष संगीता बड़ोआ पिशारोती ने धन्यवाद ज्ञापन में सभी प्रकाशकों, पुस्तक विक्रेताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और आश्वासन दिया कि आने वाले वर्षों में यह महोत्सव और भी व्यापक और समृद्ध रूप में आयोजित किया जाएगा।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के सदस्य मनोज शर्मा ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा, “यह एक बेहतरीन पहल थी! मैं अपनी बेटियों के साथ यहां आया था, और उन्होंने पांच किताबें खरीदीं। इस तरह के आयोजनों से न केवल किताबों के प्रति रुचि बढ़ती है, बल्कि समाज में पढ़ने-लिखने की संस्कृति भी मजबूत होती है। हम अगले साल के आयोजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।”

इस जबरदस्त सफलता के बाद, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने घोषणा की कि यह साहित्य महोत्सव अब हर साल आयोजित किया जाएगा। 2026 में इसे और बड़े पैमाने पर, अधिक भागीदारी और व्यापक प्रतिनिधित्व के साथ प्रस्तुत करने की योजना बनाई गई है।

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Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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