Friday, 21 August 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
Judicial Service Practice Rule: सुप्रीम कोर्ट ने 3 साल की प्रैक्टिस की शर्त घटाकर की 1 साल, चयन के बाद 2 साल की ट्रेनिंग और क्लर्कशिप अनिवार्य हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पहली बार मनाई गई तुलसी जयंती , मोरारी बापू ने वैश्विक मंच पर 9 विद्वानों को सम्मानित किया 28 Years of ‘Dil Se…’: जब प्यार, आतंक और राजनीति को मणिरत्नम ने दी एक नई सिनेमाई भाषा Randeep Hooda Turns 50: डॉक्टर बनने का सपना छोड़ा, थिएटर से सीखा अभिनय और किरदारों में झोंक दी पूरी जान 51 शहर, 6,000 किमी और 100 दिन: राजघाट पर संपन्न हुई प्रो. सोलंकी की क्लाइमेट सत्याग्रह यात्रा UP के सरकारी स्कूलों में अब YouTubers की ‘नो एंट्री’, बिना अनुमति शूटिंग पर भी लगी रोक! कई जिलों में जारी हुए आदेश पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का 80 साल की उम्र में निधन, 1984 सिख विरोधी दंगों से जुड़ी सजा के बीच ली अंतिम सांस जूनियर विश्व स्क्वैश चैंपियन अनाहत सिंह ने बीकानेर हाउस के तीज मेले का किया दौरा Judicial Service Practice Rule: सुप्रीम कोर्ट ने 3 साल की प्रैक्टिस की शर्त घटाकर की 1 साल, चयन के बाद 2 साल की ट्रेनिंग और क्लर्कशिप अनिवार्य हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पहली बार मनाई गई तुलसी जयंती , मोरारी बापू ने वैश्विक मंच पर 9 विद्वानों को सम्मानित किया 28 Years of ‘Dil Se…’: जब प्यार, आतंक और राजनीति को मणिरत्नम ने दी एक नई सिनेमाई भाषा Randeep Hooda Turns 50: डॉक्टर बनने का सपना छोड़ा, थिएटर से सीखा अभिनय और किरदारों में झोंक दी पूरी जान 51 शहर, 6,000 किमी और 100 दिन: राजघाट पर संपन्न हुई प्रो. सोलंकी की क्लाइमेट सत्याग्रह यात्रा UP के सरकारी स्कूलों में अब YouTubers की ‘नो एंट्री’, बिना अनुमति शूटिंग पर भी लगी रोक! कई जिलों में जारी हुए आदेश पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का 80 साल की उम्र में निधन, 1984 सिख विरोधी दंगों से जुड़ी सजा के बीच ली अंतिम सांस जूनियर विश्व स्क्वैश चैंपियन अनाहत सिंह ने बीकानेर हाउस के तीज मेले का किया दौरा

दिल्ली हाट, आईएनए में मिस्टर लिट्टीवाला संग बिहार के असली स्वाद का आनंद

दिल्ली हाट, आईएनए में मिस्टर लिट्टीवाला बना बिहार के प्रामाणिक स्वाद का नया ठिकाना, जहां पर्यटकों के लिए चंपारण चिकन, मटन, लिट्टी-चोखा और कई पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अब बिहार के असली स्वाद का नया ठिकाना तैयार हो गया है। बिहार के प्रामाणिक व्यंजनों के लिए मशहूर मिस्टर लिट्टीवाला ने दिल्ली हाट, आईएनए में अपना नया आउटलेट शुरू किया है। यहां पारंपरिक रेसिपी, देसी मसालों और पारंपरिक पकाने की विधि से तैयार किए गए व्यंजनों के जरिए बिहार की समृद्ध खानपान संस्कृति का अनुभव कराया जा रहा है।

मिस्टर लिट्टीवाला की स्थापना वर्ष 2010 में हॉस्पिटैलिटी उद्यमी देवेंद्र कुमार सिंह ने की थी। उनका उद्देश्य दिल्लीवासियों को लिट्टी-चोखा सहित बिहार के प्रसिद्ध व्यंजनों का असली स्वाद उपलब्ध कराना था। आज यह ब्रांड दिल्ली के कई स्थानों पर अपनी पहचान बना चुका है और गुणवत्ता, प्रामाणिकता तथा बेहतरीन आतिथ्य के लिए जाना जाता है।

चंपारण के असली स्वाद का अनोखा अनुभव

दिल्ली हाट, आईएनए स्थित मिस्टर लिट्टीवाला का नया आउटलेट देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बिहार के मशहूर चंपारण चिकन और चंपारण मटन (अहूना) का प्रामाणिक स्वाद परोस रहा है। इन व्यंजनों को सरसों के तेल, पारंपरिक बिहारी मसालों और साबुत मसालों के साथ मिट्टी के बर्तन में धीमी आंच पर पकाया जाता है। यही पारंपरिक विधि इनके स्वाद को खास बनाती है और चंपारण की समृद्ध पाक विरासत को जीवंत करती है।

लिट्टी-चोखा से लेकर बिहारी थाली तक कई विकल्प

यहां का लिट्टी-चोखा भी ग्राहकों की पहली पसंद बना हुआ है। सत्तू से भरी लिट्टी को कोयले पर सेंककर चोखा, सरसों की चटनी और ताजा सलाद के साथ परोसा जाता है। इसके अलावा मेन्यू में बिहारी थाली, दाल पीठा, पीठा, मखाना खीर, पिडुकिया, लौंग लता, झाल मुड़ी, भूंजा, घुघनी-चूड़ा-बादाम, समोसा चाट, पराठे, सेव बुनिया और सत्तू शरबत जैसे कई पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध हैं।

ताजा और स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ-साथ मिस्टर लिट्टीवाला बिहार के कई पारंपरिक खाद्य उत्पाद भी ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराता है। यहां चना सत्तू, जौ का सत्तू, घर का बना अचार और तिलौरी चिप्स जैसे उत्पाद मिलते हैं, ताकि लोग बिहार के असली स्वाद को अपने घर भी ले जा सकें।

मंडावली, इंडिया गेट स्टेट फूड कोर्ट और वी3एस मॉल में सफल मौजूदगी के बाद अब ब्रांड ने दिल्ली हाट, आईएनए में भी अपना नया आउटलेट शुरू किया है। इसके जरिए मिस्टर लिट्टीवाला अधिक से अधिक लोगों तक बिहार की समृद्ध पाक विरासत और प्रामाणिक स्वाद पहुंचाने के अपने अभियान को आगे बढ़ा रहा है।

संस्थापक ने साझा किया ब्रांड का विजन

मिस्टर लिट्टीवाला के संस्थापक देवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य शुरुआत से ही बिहार की समृद्ध खानपान परंपरा को संरक्षित करते हुए उसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना रहा है। उन्होंने बताया कि ब्रांड का हर व्यंजन पारंपरिक रेसिपी, उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री और पारंपरिक पकाने की विधि से तैयार किया जाता है, ताकि ग्राहकों को बिहार का वास्तविक और प्रामाणिक स्वाद मिल सके। उनके अनुसार, दिल्ली हाट, आईएनए में नया आउटलेट देश-विदेश से आने वाले लोगों को बिहार की संस्कृति और उसके व्यंजनों से परिचित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ग्राहकों ने की स्वाद और सेवा की सराहना

दिल्ली हाट, आईएनए में भोजन का आनंद लेने वाली गीता ने बताया कि चंपारण चिकन का स्वाद पूरी तरह प्रामाणिक था, जबकि लिट्टी-चोखा ने उन्हें घर की याद दिला दी। उन्होंने कहा कि स्वाद के साथ-साथ स्टाफ का आत्मीय व्यवहार भी बेहद प्रभावित करने वाला था। उनके अनुसार, यह केवल भोजन नहीं बल्कि बिहार की संस्कृति का एक यादगार अनुभव है, जिसे हर किसी को जरूर आजमाना चाहिए।

गुणवत्ता और परंपरा बनी ब्रांड की पहचान

ताजा सामग्री, पारंपरिक पकाने की विधि, स्वच्छता और बेहतर आतिथ्य मिस्टर लिट्टीवाला की सबसे बड़ी पहचान हैं। दिल्ली में लगातार विस्तार के साथ यह ब्रांड न केवल बिहार के प्रामाणिक व्यंजनों को लोकप्रिय बना रहा है, बल्कि राज्य की समृद्ध पाक विरासत को भी नई पहचान दिलाने का प्रयास कर रहा है।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।

Exit mobile version