Monday, 03 August 2026
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देशभर में सैन्य और अर्धसैनिक बलों ने किया योगाभ्यास

सियाचिन से पोर्ट ब्लेयर और अटारी से अरुणाचल तक गूंजा योग का संदेश

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने पूरे देश में योगाभ्यास कर न केवल योग की उपयोगिता को रेखांकित किया, बल्कि यह भी साबित किया कि अनुशासन और शारीरिक-मानसिक सशक्तिकरण के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। देश के उत्तरी छोर पर सियाचिन की बर्फीली चोटियों से लेकर दक्षिण में पोर्ट ब्लेयर के समुद्री तटों तक, और पूरब में अरुणाचल के किबिथू से लेकर पश्चिम में कच्छ के रण तक, हर स्थान पर जवानों ने समर्पण के साथ योग किया।

कठिन परिस्थितियों में भी सेना का योग के प्रति समर्पण

भारतीय सेना ने इस अवसर पर योग को न केवल एक अभ्यास, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन का आधार बताते हुए हर मोर्चे पर इसका अभ्यास किया। सेना द्वारा साझा किए गए दृश्यों में जवानों को ऊंचे पहाड़ों, शांत झीलों और सीमाओं पर कठिन मौसम में योग करते देखा गया। यह प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि सीमित संसाधनों और विषम वातावरण में भी योग अभ्यास किया जा सकता है।

CISF ने देशभर में चलाया विशेष योग अभियान

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने भी योग दिवस को व्यापक स्तर पर मनाते हुए जून माह में 430 से अधिक यूनिटों और फॉर्मेशनों में नियमित योग सत्र आयोजित किए। दिल्ली स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में स्थित CISF मुख्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में 100 से अधिक कर्मियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व अतिरिक्त महानिदेशक (मुख्यालय) पद्माकर रणपिसे ने किया।

CISF ने इस वर्ष की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” को आत्मसात करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि अनुशासन, सहनशक्ति और मानसिक स्थिरता का माध्यम है।

BSF ने भारत-पाक सीमा पर दिखाया योग का अद्वितीय स्वरूप

सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर भारत-पाकिस्तान सीमा पर विशाल योग कार्यक्रम आयोजित किए। अटारी-वाघा बॉर्डर और हुसैनीवाला बॉर्डर जैसे रणनीतिक स्थलों पर आयोजित इन कार्यक्रमों में BSF पंजाब फ्रंटियर के महानिरीक्षक अतुल फुलजले ने नेतृत्व किया। इन आयोजनों में सैकड़ों जवानों के अलावा सीमावर्ती गांवों के नागरिक, स्कूली बच्चे, खेल जगत की हस्तियां और पद्म पुरस्कार से सम्मानित व्यक्ति भी शामिल हुए।

योग: व्यक्तिगत स्वास्थ्य से लेकर राष्ट्रीय एकता तक

देशभर में आयोजित इन योग कार्यक्रमों ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि योग केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का साधन नहीं, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और सामूहिक शक्ति का प्रतीक भी है। जब सैनिक सीमाओं पर, नागरिक शहरों में और छात्र विद्यालयों में एक साथ योग करते हैं, तो वह केवल आसनों का अभ्यास नहीं बल्कि भारत की सामूहिक चेतना का उत्सव होता है।

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MK

Manoj K Sharma

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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