म्यूनिख वर्ल्ड कप: फाइनल में कांप रहे थे हाथ, फिर भी दागे लगातार ‘परफेक्ट फाइव’, ओलंपिक और पूर्व विश्व चैंपियन को पछाड़ हासिल किया सुनहरा तमगा

महिलाओं की 25m पिस्टल में जीता गोल्ड, 2 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ रचा इतिहास

नई दिल्ली, न्यूज ऑफ द डे

भारतीय शूटिंग (निशानेबाजी) के इतिहास में 21 साल की ओलंपियन ईशा सिंह ने सुनहरे अक्षरों से अपना नाम दर्ज करा दिया है। जर्मनी के म्यूनिख में चल रहे आईएसएसएफ (ISSF) राइफल/पिस्टल वर्ल्ड कप में ईशा ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में न सिर्फ देश को इस सीजन का पहला गोल्ड मेडल दिलाया, बल्कि 43 के स्कोर के साथ नया ‘विश्व रिकॉर्ड’ और ‘जूनियर विश्व रिकॉर्ड’ भी बना डाला।

ईशा ने इस बेहद कड़े मुकाबले में मेजबान जर्मनी की पूर्व विश्व चैंपियन डोरीन वेनेकैंप को एकतरफा अंदाज में 5 हिट्स से पीछे छोड़ते हुए रजत (सिल्वर) पदक पर समेट दिया। वहीं, बुल्गारिया की मिरोस्लावा मिनचेवा को कांस्य (ब्रॉन्ज) मिला, जबकि मौजूदा ओलंपिक चैंपियन यांग जिन पांचवें नंबर पर खिसक गईं।

जब ईशा का बायां हाथ कांपने लगा था…

इस ऐतिहासिक जीत के बाद बात करते हुए ईशा सिंह ने अपनी घबराहट और दबाव को छुपाया नहीं। उन्होंने बेहद ईमानदारी से कहा, “म्यूनिख में पिस्टल स्पर्धा का स्तर इतना ऊंचा होता है कि यहाँ टॉप-8 (फाइनल) में पहुंचना भी जंग जीतने जैसा है। फाइनल के दौरान मैं बिल्कुल भी शांत नहीं थी। एक वक्त ऐसा आया जब रेफरी की कमांड सुनते हुए मुझे महसूस हुआ कि मेरा बायां हाथ कांप रहा है। दबाव बहुत ज्यादा था, लेकिन शूटिंग में आप इससे भाग नहीं सकते। आपको इस डर का सामना करना ही होता है और मैंने वही किया। नतीजा सबके सामने है।”

कैसे चूका विरोधियों का निशाना, कैसे बनीं ईशा चैंपियन?

क्वालिफिकेशन राउंड में ईशा ने रैपिड-फायर राउंड में 294 और प्रिसीजन राउंड में 293 का स्कोर बनाकर कुल 587 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहते हुए फाइनल का टिकट कटाया था। (इसी इवेंट में भारत की मनु भाकर 12वें और राही सरनोबत 14वें स्थान पर रहीं)।

फाइनल की पहली तीन सीरीज में ईशा ने लगातार ‘परफेक्ट फाइव’ (5 में से 5 सटीक निशाने) लगाकर विरोधियों को रेस से बाहर कर दिया। मेडल पक्का होने के बाद भी ईशा रुकी नहीं। उन्होंने कुल 43 का स्कोर सेट किया और कोरिया की किम येजी द्वारा दो साल पहले बाकू में बनाए गए 42 के विश्व रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। साथ ही यांग जिन के 41 के जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया।

ईशा सिंह का करियर ग्राफ

यह 21 वर्षीय ईशा सिंह के करियर का चौथा व्यक्तिगत वर्ल्ड कप मेडल है। ईशा इससे पहले तीन बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता और दो बार की एशियाई खेल (Asian Games) पदक विजेता रह चुकी हैं। म्यूनिख में यह उनका तीसरा प्रयास था और वह हर हाल में यहाँ गोल्ड जीतना चाहती थीं।

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